शनिवार, 19 मई 2018

जेल में सेहरी और इफ्तारी का इंतज़ाम नहीं होने से रोज़ेदार क़ैदी परेशान


 रमजान के महीने में कहीं रोज़े खुलवाए जा रहें हैं तो कहीं नौकरीपेशा रोज़ेदारों को रियायत दी जा रही है. लेकिन इंदौर की सेंट्रल जेल और जिला जेल में कैदियों को सेहरी व इफ्तारी की कोई सुविधा नहीं मिलने से रोज़ेदार क़ैदी परेशान हैं,उन्हें पीने के लिए ठंडा पानी तक नहीं दिया जा रहा है.
कांग्रेस के युवा नेता साजिद शेख ने बताया कि रोज़ेदार कैदियों की समस्या से विधायक जीतू पटवारी को अवगत करा दिया गया है.विधायक पटवारी ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर कैदियों को इफ्तारी व सेहरी में छूट दिलवाने का भरोसा दिलाया है. कांग्रेस के युवा नेता साजिद शेख ने बताया कि दोनों  जेल में तकरीबन 1500 से ज्यादा बंदी और हवालाती रोजे रखते हैं.बड़ी संख्या में हिदू क़ैदी भी रोज़ा रख रहे हैं. हर साल रमजान के पूरे माह बंदियों तक उनके परिजनों और रिश्तेदारों द्वारा सेहरी (सुबह रोजे के पहले का खाना) और अफ्तार (रोजा खोलने के समय का खाना) जेल के भीतर पहुंचाने की छूट रहती थी, लेकिन इस बार जेल विभाग ने नियमों को सख्त करते हुए दोनों जेलों में खाने पीने के बाहरी सामान पर उन बंदियों के लिए भी रोक लगा दी है.सिर्फ खजूर और पानी से क़ैदी रोज़ा खोल रहे हैं.उन्हें पीने के लिए ठंडा पानी तक नहीं दिया जा रहा. जिसके कारण आम रोजेदार बंदियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस नेता साजिद शेख ने मानवीय पहलू को मद्देनजर रखते हुए जिला और सेंट्रल जेल में रमजान के पूरे माह सेहरी और अफ्तारी का सामान पहुंचाने की छूट प्रदान करने की मांग की है |
कांग्रेस के युवा नेता साजिद शेख ने मांग करते हुए कहा कि  इस बार भीषण गर्मी के मौसम में रमजान आये हैं और तकरीबन 15 घंटों से भी ज्यादा का रोजा है. जिसमें रोजेदार बंदी न कोई चीज खा सकते हैं और न ही पानी पी सकते हैं. जिसके कारण रोजेदार के शरीर  में एनर्जी की कमी हो जाती है, जिससे वह काफी कमजोर हो जाता है. इस एनर्जी को वापस लाने के लिए उन्हें सुबह सेहरी और शाम को अफ्तारी में पौष्टिक आहार (फल-फ्रूट और एनर्जी प्रदान करने वाली अन्य खाद्य सामग्री) की जरूरत होती है.साजिद शेख ने कहा कि यदि लगातार एक माह तक रोजेदार बंदी को सेहरी और अफ्तारी में पौष्टिक आहार न मिले तो वह काफी कमजोर हो जाएगा है और हालत यहां तक बिगड़ सकती है कि उसकी जान तक को खतरा हो सकता है. साल में एक मर्तबा आने वाले रमजान के रोज़ा रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज है. उन्होंने कहा है कि नवरात्रि में सेब,खिचड़ी,ठंडा पानी दिया जा रहा था तो ऐसे में रोज़ेदार क़ैदी के लिए सख्ती की जाना अनुचित है.

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