शुक्रवार, 4 मई 2018

प्रदेश की की जनता बताएगी कितने पानी में है भाजपा

अजय सिंह 

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भाजपाध्यक्ष अमित शाह के अहंकारी और असंवेदनशील भाषण पर कहा कि आत्ममुग्ध भाजपा को कर्नाटक और बाद में मध्यप्रदेश सहित चुनावी राज्यों में जनता बताएगी कि वह कितने पानी में है. यहां भाजपा की हार सुनिचित हो चुकी है.
नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि 15 साल में विकास की बात करने वाले बताएं कि 2003 के बाद भ्रष्टाचार में मध्यप्रदेश कहां है. व्यापम, नर्मदा यात्रा, रेत उत्खनन, वृक्षारोपण घोटाले कहां हुए. सिंह ने कहा अमित शाह का पूरा भाषण दंभ से भरा था. विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाले भाजपाध्यक्ष का भाषण संकीर्णता से भरा हुआ था. भारतीय संस्कृति और संस्कार की बात करने वाली भाजपा के अध्यक्ष अपने प्रतिपक्ष के मरने की कामना और आह्वान कर रहे है. जिस संस्कृति में वे स्वयंभू ठेकेदार बताते हैं वह तो सिखाती है कि विश्व का कल्याण हो, प्राणियों में सद्भावना हो जबकि आचरण इसके विपरीत है. सिंह ने कहा कि भाजपा फासिस्टवादी और घोर असंवेदनशील पार्टी है इस बात का प्रमाण अमित शाह ने दिया. उन्होंने कहा कि जीत का मार्जिन इतना हो कि कांग्रेस को दिल के दौरे पड़ जाएं.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अमित शाह न भूलें कि वो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश में रह रहे हैं. यहां जनता सिर पर बिठाना जानती है तो धरती पर लाना यह भी तय करती है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा न भूले कि एक समय संसद में उनकी संख्या 2 थी. अगर इस देश की जनता ने उन्हें मौका दिया है तो अहंकार में न आएं जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों को पूरा करें. जिसे करने में मोदी सरकार पूरी तरह असफल रही है. उन्होंने कहा कि अमित जी ने जिन राज्यों में मोदी जी के आने के बाद भाजपा जीती यह तो बताया लेकिन गुजरात में कहां से कहां आ गए, पंजाब, बिहार और लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद दिल्ली में हुई शर्मनाम पराजय का भी तो उल्लेख करते.
सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश से कांग्रेस को भूल से समाप्त करने का दंभ भरने वाले अमित शाह और शिवराज सिंह चौहान को दिसंबर 2018 में इस प्रदेश की जनता बता देगी कि उन्होंने प्रदेश का विकास किया था या अपना. सिंह ने कहा कि किसान परेशान, नौजवान बेकाम, महिलाओं की आन पर खतरा, बच्चों के सिर पर मौत का साया और प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालने का दावा. नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि प्रदेश के लोगों को बढ़ी हुई विकास दर और कृषि विकास दर नहीं चाहिए उन्हें अपने जीवन में बेहतरी चाहिए जो यह सरकार देने में असफल रही. नौजवानों को काम, किसानों को दाम और महिलाओं के मान की रक्षा हो ऐसी सरकार चाहिए जिसमें शिवराज सरकार के पास कोई जवाब नहीं है.

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