माधवराव सप्रे संग्रहालय कल गांधी जयंती के अवसर पर गांधी न्यास को महात्मा गांधी का ऐतिहासिक चित्र भेंट करेगा. यह वह चित्र है जो 1 दिसंबर 1933 को महात्मा गांधी जब करेली से देवरी जाते वक्त बरमानघाट पहुंचे थे.
माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान कल 2 अक्तूबर को गांधी पर्व का आयोजन कर रहा है. यह बा और बापू का 150वां जन्मवर्ष है. महात्मा गांधी 150वां जन्मवर्ष को चिरस्मरणीय बनाने के लिए सप्रे संग्रहालय गांधी भवन न्यास, भोपाल को महात्मा गांधी का ऐतिहासिक चित्र भेंट करेगा. यह चित्र गांधीजी के जनमानस में लोक देवता स्वरूप का साक्ष्य है. 1 दिसंबर 1933 को महात्माजी करेली से देवरी जाते हुए बरमान घाट पर पहुँच थे, जहां उन्हें नाव से नर्मदा पार करनी थी. मल्लाह ने शर्त रखी कि पहले वो गांधी जी के पांव पखारेगा, फिर नाव से उस पार ले जाएगा. पं. सुंदरलाल श्रीधर इस अलौकिक दृश्य के साक्षी रहे हैं.
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पंडित डा. राधावल्लभ त्रिपाठी 'महात्मा गांधी की सर्वकालिक प्रासंगिकता पर व्याख्यान देंगे. मुख्य अतिथि प्रसन्न कुमार दाश, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त होंगे. समारोह की अध्यक्षता अनन्य हिन्दी सेवी कैलाशचन्द्र पन्त करेंगे. सप्रे संग्रहालय के संस्थापक-संयोजक विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि गांधी पर्व के अंतर्गत पद्मश्री विभूषित ध्रुपद गायक एवं गुरु उमाकान्त गुंदेचा एवं रमाकान्त गुंदेचा, तुलसी-मानस साधक श्री रमाकान्त दुबे, वयोवृद्ध समाजसेवी सविता वाजपेयी और समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर को 'महात्मा गांधी सम्मानझ् से विभूषित किया जाएगा.
महाकौशल के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और खादी-ग्रामोद्योग-भूदान-अस्पृश्यता निवारण के समर्पित गांधीवादी कार्यकर्ता पं. सुन्दरलाल श्रीधर का जन्मशताब्दी वर्ष है. इस अवसर पर उन पर केन्द्रित पुस्तक 'तपश्चर्या का विमोचन होगा. मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष विनय शंकर दुबे उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालेंगे. संगीत-कला साधक पं. सुरेश तांतेड़, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता राकेश दीवान तथा बहुमुखी प्रतिभा के धनी डा. रामवल्लभ आचार्य को पं. सुन्दरलाल श्रीधर सम्मान प्रदान किया जाएगा. शताब्दी समारोह का समापन 21 सितंबर को कर्मभूमि बोहानी जिला-नरसिंहपुर में होगा.
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