मध्यप्रदेश में कांग्रेस के द्वारा निकाली गई राम वन गमन पथ यात्रा को डिंडोरी जिला प्रशासन ने रोक दिया है. यात्रा को डिंडोरी जिले के शाहपुर में रोका गया है. प्रशासन ने इस यात्रा को राजनीतिक रैली बताते हुए और बिना इजाजत के यात्रा को निकाले जाने के चलते रोक लगाई है. प्रशासन के मुताबिक, यह धारा 188 का उल्लंघन है.
कांग्रेस ने 2 अक्तूबर को मध्य प्रदेश के चित्रकूट से राम वन गमन पथ यात्रा शुरू की थी. कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा को 15 दिनों में 35 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरना था. लेकिन, उससे पहले ही विधानसभा चुनाव की घोषणा हो जाने के चलते प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है. भगवान राम 14 साल के वनवास के दौरान मध्य प्रदेश में जहां- जहां से गुजरे थे कांग्रेस की यात्रा उसी मार्ग से होकर अपनी यात्रा निकाल रही थी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2007 में राम पथ गमन मार्ग विकसित करने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा ठंडे बस्ते में चली गई थी. यहां तक कि इस घोषणा के बाद शिवराज सरकार ने समिति भी बनाई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट पर कोई काम नहीं हुआ. इसी के मद्देनजर कांग्रेस ने चुनावी मुद्दा बनाते हुए राम वन गमन पथ यात्रा शुरू की थी.
वहीं इस मामले पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे का आरोप-गैर राजनीतिक धार्मिक यात्रा से डर गयी भाजपा., यात्रा भाजपा नेताओं के इशारे पर रोकी गयी,यात्रा में किसी राजनेता की तस्वीर नहीं थी किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम नहीं हो रहा.
भगवान राम से प्रतिशोध ले रही भाजपा
कांग्रेस के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि प्रशासन ने भाजपा के दबाव में मध्यप्रदेश के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए भगवान राम के प्रति धार्मिक आस्थाओं के साथ कुठाराघात किया. भाजपा का अब यह स्तर हो गया है कि वे भगवान राम से भी राजनैतिक प्रतिशोध लेना चाहती है. भाजपा ने राम वन गमन पथ की शुद्ध धार्मिक यात्रा को रूकवाकर भगवान राम का जो रथ थाने में जप्त कराया है, उससे प्रदेश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है.
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