शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019

वकीलों को हड़ताल के पहले लेने होगी अनुमति

मध्यप्रदेश में वकीलों को अब हड़ताल करने के पहले हाईकोर्ट से  अनुमति लेनी होगी. वकीलों की हड़ताल पर इस तरह की पाबंदी लगाने का फैसला राज्य की कमलनाथ सरकार ने लिया है. विधि एवं विधायी विभाग ने इस आशय के आदेश भी जारी किए हैं.
 विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने वकीलों की हड़ताल को लेकर हाल ही में एक आदेश जारी किया है. आदेश में बात-बात पर हड़ताल का सहारा लेने वाले वकीलों पर कार्रवाई की बात भी कही गई है.  सरकार के आदेश के मुताबिक प्रदेश अधिवक्ता अब मनमाने ढंग से हड़ताल नहीं कर सकेंगे. यदि किसी मुद्दे पर वे असंतुष्ट हैं और न्यायालय या सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं तो उन्हें हड़ताल आदि के लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेना आवश्यक होगी. प्रदेश व्यापी हड़ताल के लिए चीफ जस्टिस से अनुमति लेना आवश्यक होगी. जिला स्तर की हड़ताल के लिए जिला न्यायाधीश अनुमति दे सकेंगे.
 कार्रवाई का किया प्रावधान
आदेश में कहा है कि कानून का उल्लंघन करने पर अधिकतम तीन माह तक वकील न्यायालय में पैरवी नहीं कर सकेंगे. साथ ही हड़ताल बुलाने वाले अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. कानून के दायरे में राज्य अधिवक्ता परिषद सहित सभी अधिवक्ता संगठन आएंगे.

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