मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने बसों और टैक्सियों में महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाएं और अपराधों को रोकने के लिए बस चालक और कंडक्टर के अलावा पूरे स्टाप का चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया है. निजी बस संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर बस में महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी अब आपकी होगी.
मध्य प्रदेश में चलने वाली निजी बसों में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी बस संचालक की होगी. किसी भी महिला के साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए बस संचालक जवाबदार होंगे. बसों में महिला सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. संचालकों को बसों में महिला की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही ड्राइवर, कंडक्टर और बाकी स्टाफ का भी चरित्र सत्यापन किया जाना अनिवार्य किया गया है. वाहन चैकिंग के दौरान कागजातों के साथ ही चरित्र सत्यापन संबंधी दस्तावेज भी देखे जा सकते हैं. बसों के अलावा टैक्सी को भी इसमें शामिल किया गया है.
मध्य प्रदेश में चलने वाली निजी बसों में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी बस संचालक की होगी. किसी भी महिला के साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए बस संचालक जवाबदार होंगे. बसों में महिला सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. संचालकों को बसों में महिला की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही ड्राइवर, कंडक्टर और बाकी स्टाफ का भी चरित्र सत्यापन किया जाना अनिवार्य किया गया है. वाहन चैकिंग के दौरान कागजातों के साथ ही चरित्र सत्यापन संबंधी दस्तावेज भी देखे जा सकते हैं. बसों के अलावा टैक्सी को भी इसमें शामिल किया गया है.
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