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| कमलनाथ |
प्रधानमंत्री ले रहे झूठे आरोपों का सहारा: कमलनाथ
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वोटों की राजनीति की खातिर झूठ का सहारा लेना पड़े यह दुर्भाग्यपूर्ण है. शायद प्रधानमंत्री बीते 15 वर्षो के मध्यप्रदेश भाजपा शासन के क्रियाकलापों से अवगत होते तो तथ्यहीन बातों का सहारा राजनैतिक रैलियों में न लेते. प्रधानमंत्री ने कोलकाता में आयोजित एक राजनैतिक रैली में कहा कि जिन्होंने लोन लिए ही नहीं उनके भी लोन माफ हो रहे है और किसानों का 13 रुपए तक का कर्ज माफ हो रहा है अर्थात घोटाला हो रहा है.कमलनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री सच बात तो यह है की पिछली मध्यप्रदेश भाजपा सरकार के घोटालों का इलाज हो रहा है. भाजपा राज में 15 वर्षो के कार्यकाल में संभावना है कि 2500 से 3000 करोड़ रुपए भोले-भाले किसानों के लोन के नाम पर षडयंत्रपूर्वक बैंकों से निकाले गए है और यह सब भाजपा की सत्ता की सरपरस्ती में हुआ है. कांग्रेस की सरकार अगर कर्जमाफी का पारदर्शी तरीका न अपनाती तो शायद किसानों को ठगने वाले लोग कभी पकड़े भी न जाते. हम जानते है कि भाजपा के कुछ नेता किसान कर्जमाफी पर लगातार भ्रामक प्रचार इसलिए कर रहे है कि यह जांच रुक जाए और अपराधी बेनकाब न हों मगर हम दृढ़ संकल्पित है. हर हाल में किसानों को धोखा देने वालों को बख्शेंगे नहीं चाहे वो कितना भी प्रभाव शाली क्यों न हो.
नाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस बात को समझना चाहिए कि मध्यप्रदेश भाजपा की बीती सरकार ने प्रदेश को आर्थिक बदहाली की कगार पर ला खड़ा किया था उसके बावजूद हम अपने वचन पर प्रतिबद्ध रहे और सरकार बनते ही सबसे पहले मध्यप्रदेश के किसानों को कर्ज से उबारने का निर्णय लिया है. हमने यह अनिवार्य किया है कि 15 जनवरी से सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक सहकारी साख समितियों से जिन किसानों ने लोन लिए हैं उनकी सूची ग्राम पंचायतों और बैंकों में प्रदर्शित की जाए और उनसे कर्ज माफी के आवेदन 5 फरवरी तक लिए जाए. इस पारदर्शी प्रक्रिया की वजह से पूर्व भाजपा सरकार के समय की आपराधिक कारगुजारियां सामने आ पा रही हैं.
कमलनाथ ने कहा कि अब तक 47 लाख 83 हजार किसानों ने कर्जमाफी के आवेदन दिए है. फिर इन आवेदनों को बैंक शाखाओं से उनके खातों से मिलान किया जाएगा. फिर किसानों के खातों में 22 फरवरी से कर्ज माफी की राशि जमा कराई जाएगी. इस जय किसान ऋण माफी योजना में 55 लाख 62 हजार बैंक ऋण खातों में 47, 085 करोड़ का किसानों का कर्ज खत्म कर अन्नदाता को उनका अधिकार सौंप देंगे.
कमलनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री को समय निकाल कर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की किसान ऋण माफी योजना की भी सुध लेनी चाहिए डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक वहाँ किसानों को कर्ज से पूरी राहत नही मिली है. अंतत: में हतप्रभ हूं की समूची भाजपा किसानों की कर्जमाफी योजना के खिलाफ क्यों खड़ी है. कोई राजनैतिक द्वेष है तो वह कांग्रेस पर निशाना साधे किसानों से अपनी चुनावी हार का बदला न ले भाजपा.

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