मध्यप्रदेश में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार के भुगतान कैशलेस माध्यम से सुनिश्चित किए जा रहे हैं. अब राज्य की राजस्व प्राप्तियों का लगभग 70 प्रतिशत भाग कैशलेस तरीके से प्राप्त हो रहा है. केन्द्र सरकार की मंशानुसार प्रदेश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए आय प्रमाण-पत्र, जाति और जन्म तथा मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसी सुविधाओं के लिए लोक सेवा केन्द्रों में ली जाने वाली फीस का भुगतान कैशलेस ट्रांजेक्शन के माध्यम से किया जा रहा है. राज्य सरकार ने सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में फीस का भुगतान भी कैशलेस माध्यम से करने की सुविधा प्रदान की है. राज्य में वित्तीय साक्षरता लाने के लिए ग्रामीणों को ग्रामसभा के माध्यम से विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. आम आदमी की रोजमर्रा की खरीदी को कैशलेस बनाने के लिए राज्य सरकार ने पीओएस मशीन में वेट टैक्स पर छूट प्रदान की है. इसके साथ ही मर्चेंट एग्रीमेंट पर देय स्टाम्प शुल्क में छूट दी गई है. प्रदेश में केन्द्रीय वित्तीय प्रबंधन और सूचना प्रणाली का विकास किया जा रहा है. इसका विकास होने पर समस्त गतिविधियाँ और जन-सेवा के कार्य पूरी तरह से आॅनलाइन और पेपरलेस हो जाएंगे. इस प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली से 8 लाख अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ होगा. उनके दावों एवं प्रकरणों का निराकरण समय पर एवं त्वरित गति से किया जा सकेगा.गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018
प्रदेश की राजस्व प्राप्ति का 70 प्रतिशत भाग कैशलेस
मध्यप्रदेश में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार के भुगतान कैशलेस माध्यम से सुनिश्चित किए जा रहे हैं. अब राज्य की राजस्व प्राप्तियों का लगभग 70 प्रतिशत भाग कैशलेस तरीके से प्राप्त हो रहा है. केन्द्र सरकार की मंशानुसार प्रदेश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए आय प्रमाण-पत्र, जाति और जन्म तथा मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसी सुविधाओं के लिए लोक सेवा केन्द्रों में ली जाने वाली फीस का भुगतान कैशलेस ट्रांजेक्शन के माध्यम से किया जा रहा है. राज्य सरकार ने सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में फीस का भुगतान भी कैशलेस माध्यम से करने की सुविधा प्रदान की है. राज्य में वित्तीय साक्षरता लाने के लिए ग्रामीणों को ग्रामसभा के माध्यम से विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. आम आदमी की रोजमर्रा की खरीदी को कैशलेस बनाने के लिए राज्य सरकार ने पीओएस मशीन में वेट टैक्स पर छूट प्रदान की है. इसके साथ ही मर्चेंट एग्रीमेंट पर देय स्टाम्प शुल्क में छूट दी गई है. प्रदेश में केन्द्रीय वित्तीय प्रबंधन और सूचना प्रणाली का विकास किया जा रहा है. इसका विकास होने पर समस्त गतिविधियाँ और जन-सेवा के कार्य पूरी तरह से आॅनलाइन और पेपरलेस हो जाएंगे. इस प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली से 8 लाख अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ होगा. उनके दावों एवं प्रकरणों का निराकरण समय पर एवं त्वरित गति से किया जा सकेगा.
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