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| शिवराजसिंह चौहान |
वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आज पेश किए बजट की भाजपा ने तारीफ की तो कांग्रेस ने उस बजट को सपने दिखाने वाला बताया. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बजट को किसानों और गरीबों पर केन्द्रित बताया तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि बजट निराशाजनक है, आमजनता को केन्द्र सरकार ने आंकड़ों के जुमलों पर ठगा है.
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| अरुण यादव |
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि बजट निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि किसान, गरीब, मध्यमवर्गीय, महिलाओं, कर्मचारियों, बेरोजगार और युवाओं के लिए हताशाजनक बजट है राजनैतिक जुमलों के अब आम बजट में भी आंकड़ों के जुमलों से देश को ठगा है.
सपने दिखाकर तोड़ने वाला बजट
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बजट को सपने दिखाकर तोड़ने वाला बताया है. केंद्रीय बजट के बाद इस पर ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने जो उम्मीद देश की जनता में जगाई थी उसकी झलक बजट में नहीं है. मध्यम वर्ग इससे आहत होगा. आंकड़ों और योजनाओं की बाजीगरी से देश की जनता को गुमराह करने वाला यह बजट भाजपा शैली का ही बजट है, जो सपने दिखाकर उसे तोड़ देता है. वहीं आज राजस्थान और पश्चिम बंगाल में हुए उपचुनाव के परिणामों के बारे में सिंह ने कहा है कि नतीजे बताते हैं कि भाजपा और नरेन्द्र मोदी से जनता का मोहभंग हो गया है.
विकास की परिकल्पना में किसान का स्थान नहीं
किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जनांदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के राष्ट्रीय संयोजक ,पूर्व विधायक डॉ सुनीलम एवं सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री ने आम बजट को किसानों के लिए निराशाजनक बजट बताते हुए कहा है कि किसानों को कर्जा मुक्त करने ,लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर खरीद का बजट में कोई प्रबंध नहीं किया गया है, जिसके चलते कृषि संकट बढ़ेगा, किसानों की आत्महत्याएं बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि लागत से डेढ़ गुना किसानों को दिया जा रहा है और खरीफ में दिया जाएगा. उन्होंने न तो लागत किस आधार पर तय की जाएगी यह बताया और न ही सरकार खरीदी करेगी या भाव का अंतर सुनिश्चत करेगी यह घोषणा की. फसल बीमा का मुआबजा, नुकसानी का मुआबजा, भंडारण, किसान पेंशन हेतु आवश्यक राशि का इंतजाम नहीं किया है. सरकार ने किसानों को अधिक कर्जदार बनाने की घोषणा की है, जरूरत महंगाई के साथ किसान की आय बढ़ाने की थी, उसको कर्जदार बनाने की नहीं.
अन्त्योदय को साकार करेगा केन्द्रीय बजट
जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट को मध्यम और निर्धन वर्ग के लिए लाभकारी बताया है. डॉ.मिश्र ने कहा है कि केंद्रीय बजट, सरकार की जनहितकारी नीतियों की वास्तविक अभिव्यक्ति है. इस बजट में अन्त्योदय पर विशेष ध्यान दिया गया है जो सरकार का प्रमुख लक्ष्य भी है. जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा है कि केंद्रीय बजट वर्ष-2018-19 के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने का काम किया है.
आम बजट से नाराज हुए कर्मचारी
केंद्र सरकार के आम बजट से कर्मचारी नाखुश हैं. कर्मचारियों का कहना है कि एक तरफ सांसदों के वेतन में वृद्धि करने की बात कही गई है. साथ ही उनके वेतन भत्तों को टैक्स फ्री रखा जाता है. वहीं कर्मचारी रात-दिन मेहनत करते हैं उनको टैक्स स्लैब में छूट न देकर कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया गया है. कर्मचारियों की उम्मीद थी कि टैक्स स्लैब 4 लाख तक बढ़ाया जाएगा, लेकिन सरकार ने सिर्फ 40 हजार की बढोत्तरी की है. यानी दो लाख नब्बे हजार तक की आय टैक्स फ्री रहेगी. कर्मचारियों के नुमाइंदगी करने वाले नेताओं का आरोप है कि सरकार सपने दिखाकर उनको तोड़ रही है. रोजगार पूरी तरह से बंद है. सरकार ने कांट्रेक्ट पर कर्मचारी भर्ती का ठेका दे रखा है जिससे निजी क्षेत्र को बढ़ावा मिल रहा है. उनकी नजरों में ये बजट कर्मचारी विरोधी है.


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