सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

कोलारस में बुआ-भतीजे के बीच हुआ कड़ा मुकाबला

यशोधरा राजे सिंधिया 
 भाजपा ने यशोधरा राजे सिंधिया का लिया सहारा
मध्यप्रदेश में कोलारस और मुंगावली विधानसभा के लिए हो रहे उपचुनाव में नाराज चल रही यशोधरा राजे सिंधिया को मनाने और कोलारस में चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतारने में भाजपा आखिरकार सफल हो गई. अब यहां पर कांग्रेस के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का सीधा मुकाबला अपनी बुआ से हो गया है. कोलारस यशोधरा राजे के प्रभाववाली सीट माना जाता है, साथ ही भाजपा ने यहां पर उनके समर्थक देवेन्द्र जैन को ही मैदान में उतारा है. कोलारस और मुंगावली में 24 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही
ज्योतिरादित्य सिंधिया 
दलों की सक्रियता ज्यादा दिखाई देने लगी है. भाजपा के दोनों प्रत्याशियों ने आज नामांकन भर दिया. उनके नामांकन भरवाने खुद मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान उपस्थित रहे. वहीं कोलारस विधानसभा के उपचुनाव के लिए घोषित भाजपा प्रत्याशी देवेन्द्र जैन के समर्थन में लंबे समय से नाराज चल रही खेल मंत्री यशोधरा राजे ने अचानक सक्रियता दिखाई है. यशोधरा राजे अब कोलारस में सक्रिय नजर आई है. आज वे प्रत्याशी के नामांकन भरवाने भी पहुंची थी. एक ही जीप में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और यशोधरा राजे सिंधिया के साथ देवेन्द्र जैन नें रैली के रुप में पहुंचकर नामांकन भरा. कोलारस में अब उपचुनाव में भाजपा संगठन ने यहां पर एक तरह से सीधा मुकाबाल बुआ यशोधरा राजे और भतीजे ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कर दिया है. पूर्व में दोनों ही स्थानों पर भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के अलावा पूरी सरकार और भाजपा का संगठन यहां पर लगा था, मगर यशोधरा की नाराजगी के चलते कोलारस में भाजपा अपने को कमजोर मान रही थी. इसके कारण भाजपा ने सबसे पहले तो उनके समर्थक देवेन्द्र जैन को प्रत्याशी बनाया और फिर यशोधरा को वहां की कमान सौंपी. इसके पूर्व भाजपा में यशोधरा अपने को उपेक्षित मान  रही थी. खुद मुख्यमंत्री कोलारस में करीब आधा दर्जन से ज्यादा बार सभाएं कर चुके थे, इसके अलावा मंत्रियों की फौज वहां उतारी गई थी, मगर यशोधरा को यहां पर किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी.

इस कारण थी नाराज यशोधरा राजे
यशोधरा राजे सिंधिया की नाराजगी का कारण वैसे तो आज से नहीं, बल्कि पूर्व में भिंड जिले के अटेर विधानसभा के लिए हुए उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान सहित पूरी भाजपा द्वारा सिंधिया परिवार पर लगाए गए आरोपों को लेकर थी. भाजपा द्वारा पूर्व में भी कोलारस और मुंगावली में सीधे तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की रणनीति तय करते हुए उनके खिलाफ कई तरह की बयानबाजी की जा रही थी, मगर चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा ने अपनी रणनीति बदली और ज्योतिरादित्या सिंंधिया के खिलाफ बयानबाजी न कर विकास के मु्द्दे पर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति तय की. इसके बाद कहीं जाकर यशोधरा राजे सिंधिया की नाराजगी दूर हुई.

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