शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

छात्रावासों, आश्रमों की आकस्मिक जांच के निर्देश

लाल सिंह आर्य 
अनुसूचित जाति कल्याण एवं जनजातीय कार्य राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि छात्र-छात्राओं के लिए संचालित किए जा रहे विभागीय छात्रावास और आश्रमों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए जांच अभियान चलाया जाएगा. इसके लिए राज्य-स्तर और संभाग-स्तर के वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक रूप से निरीक्षण करें. उन्होंने यह निर्देश गुरुवार को मंत्रालय में विभागीय बजट की समीक्षा बैठक में दिए. आर्य ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मुहैया कराने के लिए आश्रम और छात्रावास संचालित किए जाते हैं. इनके रख-रखाव के लिए प्रति वर्ष पर्याप्त बजट भी उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने कहा कि बजट का सदुपयोग हुआ या नहीं, इसकी राज्य-स्तर से निरंतर समीक्षा की जाना चाहिए. आर्य ने बताया कि सभी जिलों में प्रभारी मंत्री भी जिले के आश्रम-छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे. राज्य मंत्री आर्य ने कहा कि जो छात्र शासकीय आश्रम अथवा छात्रावासों में निवास नहीं कर पाते हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा आवास सहायता भत्ता प्रदान किया जाता है. इस वर्ष अभी तक 61 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 85 करोड़ रुपए से अधिक आवास भत्ता प्रदान किया जा चुका है. उन्होंने शेष विद्यार्थियों को आवास सहायता भत्ते की राशि भुगतान करने के निर्देश दिए. राज्य मंत्री आर्य ने विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा शासन की योजनाओं की जानकारी छात्रावास तथा आश्रम परिसरों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शासन के अन्य विभागों को आवंटित राशि की भी मानीटरिंग की जाए  और इन विभागों से उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी प्राप्त किए जाएं.

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