गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

स्वच्छता ही देश का संकल्प

स्वच्छता ही देश का संकल्प है. देश को स्वच्छता को युक्त रखने का संकल्प 2018 तक निर्धारित किया गया है. खरगोन जिले में वर्ष 2016 में ही यह संकल्प पूरा किया है. वर्ष 2016 में खरगोन जिला खुले में शौच से मुक्त हुआ है. गंदगी के कारण बीमारी और बीमारी से सदियों से अकाल मृत्यू होती रही है. अब स्वच्छता अभियान से देश में परिणाम मिलने लगे है. घरों में शौचालय और उसके उपयोग से बीमारियों से मुक्ति मिली है. 
यह बात क्षेत्रीय विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने मेनगांव में स्वतंत्र स्वच्छता सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में कहीं.   इसी कार्यक्रम में शौचालय के गड्ढे में निर्मित जैविक खाद (सोन खाद) का प्रदर्षन किया गया. इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ  सतीश कुमार ने कहा कि स्वच्छता निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है. स्वच्छता आदत की तरह होनी चाहिए. जैसे हम प्रतिदिन अन्य कार्य करते है, उसी तरह स्वच्छता भी अपनानी चाहिए. यह आपके लिए और आपके परिवार के लिए भी जरूरी है.
कालीबाई ने 2009 में बनवाया था दो गड्ढा शौचालय
   मेनगांव में स्वच्छता का संदेश देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मेनगांव निवासी कालीबाई पति कैलाश ने वर्ष 2009-10 में दो गड्ढा शौचालय का निर्माण कराया था. कालीबाई बताती है कि पंचायत द्वारा उन्हें 2200 रूपए में शौचालय बनाकर दिया था. इसके बाद से उन्होंने निरंतर शौचालय का उपयोग किया और पिछले वर्ष इसके पूरी भर जाने के बाद दूसरे गड्ढे का इस्तेमान किया. गुरूवार को गड्ढा खोला गया तो यह पूरी मिट्टी नुमा जैविक खाद से भरा मिला. एक गुणा एक मीटर के गड्ढे में 50 किलों से अधिक खाद बनकर तैयार हुई है. इसका उपयोग खेतों में खाद के रूप में करेगी.
बच्चों ने प्रस्तुत की नाटिका
मेनगांव के स्कूली बच्चों द्वारा स्वच्छता का संदेश देती एक सुंदर नाटिका प्रस्तुत की. ग्रामीण बालकों द्वारा प्रस्तुत नाटिका में डस्टबिन में कचरा डाले और स्वच्छ रहे का सारगर्भित संदेश दिया. बच्चों ने जोर देकर कहा कि स्वयं स्वच्छ रहेंगे, तो गांव और देश को भी स्वच्छ रखेंगे.

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