शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

एनएसएस शिविर में बच्चे गांव के परिवारों के साथ रहें

 राज्यपाल से मिले एनएसएस के पुरस्कृत स्वयंसेवक और विद्यार्थी

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों से कहा है कि गांवों में शिविर के दौरान ग्रामीण परिवारों के साथ रहें. एक परिवार के साथ दो-तीन बच्चे रहें, इससे बच्चों को गांवों में रहने वाले परिवारों की स्थिति और कठिनाइयों की सही तरह से जानकारी प्राप्त हो सकेगी. राज्यपाल ने कहा कि एनएसएस के शिविर में सीखी अच्छी बातों का अपने जीवन में पालन भी करें.
 राज्यपाल ने  राजभवन में नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड 2018 में भाग लेकर लौटे राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले स्वयंसेवकों से भेंट के दौरान यह बात कही. राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना है. एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण एवं चेतना के लिए सामुदायिक कार्यों में सहभागी बन सकते हैं. अपना व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित कर सकते हैं. राज्यपाल ने बच्चों से चर्चा के दौरान शिविर के अनुभवों के बारे में पूछा. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह संकल्प लेकर घर और समाज में जाएं कि हम विवाह में व्यर्थ खर्च नहीं करेंगे तथा दहेज ना लेंगे और ना देंगे और गांवों एवं शहरों में 8वीं के बाद शिक्षा छोड़ने वाली छात्राओं को आगे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करेंगे. राज्यपाल ने कहा कि अपने शहर और गांव में जाकर एक स्कूल का चयन करें, वहां वृक्षारोपण करें तथा अपने गांवों में कुपोषित बच्चों और प्रसूता महिलाओं की सेवा में अपनी सहभागिता निभायें. उन्होंने कहा कि देश सेवा के साथ अपने माता-पिता के कार्यों में भी हाथ बटायें और बुर्जगों की सेवा करें.सभी बच्चों ने राज्यपाल को अपना परिचय दिया तथा शिविर से प्राप्त अनुभव बताए. राज्यपाल ने बच्चों को स्मृति चिन्ह भेंट किए. राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त स्वयंसेवक अजय नारायण पटेल तथा कु. उपासना मिश्रा ने राज्यपाल को उन्हें प्राप्त पुरस्कारों का अवलोकन कराया. कार्यक्रम में राज्य एनएसएस अधिकारी डा. आर.के. विजय ने रोसेयो की गतिविधियों की जानकारी दी. इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.आर. नायडू और आयुक्त नीरज मंडलोई, भी उपस्थित थे.

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