रविवार, 18 फ़रवरी 2018

विकास के असंतुलन को पाटने सरकार गंभीर: तोमर

 गरीबी उन्मूलन एवं विकास के असंतुलन को पाटने के लिये भारत सरकार गंभीरता के साथ प्रयासरत है. इसी कड़ी में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों में संगठित कर उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही उनके उत्पादों को बाजार भी सरकार मुहैया करा रही है. यह बात केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कही. तोमर को यहां ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में कुसमाकर रंगमंच के समीप रीजनल सरस मेला के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे.  तोमर ने उम्मीद जाहिर की कि जिस तरह इस साल के ग्वालियर व्यापार मेले में 200 करोड़ रूपए से अधिक का व्यापार हुआ है. उसी तरह रीजनल सरस मेले में भी ग्वालियरवासी उत्साह के साथ खरीददारी करने आएंगे. उन्होंने कहा सरस मेले से खरीदी करने वाले नागरिक गरीबी उन्मूलन में प्रत्यक्ष भागीदार बनेंगे. तोमर ने कहा कि पहले इस तरह के मेले राजधानी स्तर पर लगते रहे हैं. पहली बार यह मेला ग्वालियर में लगाया गया है.   भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त भागीदारी से ग्वालियर में पहली बार रीजनल सरस मेला लगाया गया है. सरस मेले में देश के विभिन्न राज्यों के स्व-सहायता समूहों से जुड़े शिल्पी अपने-अपने हस्तशिल्प उत्पादों को लेकर आए हैं. केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत देश में 3 करोड़ 27 लाख महिला स्व-सहायता समूह काम कर रहे हैं. इन समूहों का टर्नओवर और व्यापार बढ़ाने के लिये सरकार द्वारा प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है. साथ ही सरस मेले जैसे आयोजनों के माध्यम से बाजार भी मुहैया कराया जा रहा है.  तोमर ने कहा कि विकास के असंतुलन को पाटने के लिये केवल मुद्रा योजना के तहत अब तक 8 करोड़ व्यापारियों को 4 लाख करोड़ रूपए की आर्थिक मदद बैंकों के माध्यम से दिलाई है. नए बजट में 3 लाख करोड़ रूपए मुद्रा योजना के तहत देने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री की पहल पर सरकार कृषि और गाँव सेक्टर में 14 लाख करोड़ रूपए सरकार खर्च करने जा रही है. साथ ही अधोसंरचना पर भी 6 लाख करोड़ रूपए खर्च होंगे. उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में सरकार एक करोड़ जरूरतमंदों के लिये पक्के मकान बनवायेगी. इनके अतिरिक्त वर्ष 2022 तक एक करोड़ 70 लाख आवास बनाए जायेंगे. सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2022 तक हर जरूरतमंद को पक्की छत मिल जाए. 
ग्वालियर नगर निगम महापौर विवेक नारायण शेजवलकर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष मनीषा भुजवल सिंह ने ग्वालियर में क्षेत्रीय सरस मेला आयोजित कराने के लिये केन्द्रीय मंत्री तोमर के प्रति आभार जताया. महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा है कि हमारे युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें. सरस मेला के माध्यम से शिल्पी औरों को रोजगार देने का काम भी करेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृति का आदान-प्रदान भी होता है.    जिला पंचायत अध्यक्ष मनीषा यादव ने कहा कि सरस मेला जैसे आयोजन छोटे-छोटे समूहों को उनके उत्पादों के लिये बाजार मुहैया कराने में महती भूमिका निभाते हैं.    उदघाटन सत्र में साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, कलेक्टर राहुल जैन, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्शांतिशरण गौतम व अपर आयुक्त भू-अभिलेख नीरज कुमार सिंह मंचासीन थे. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  शिवम वर्मा ने स्वागत उदबोधन दिया. उन्होंने जानकारी दी कि सरस मेले में अब तक महाराष्ट्र, गोवा, पंजाब, बंगाल व उत्तरप्रदेश आदि राज्यों के 20 स्टॉल लग चुके हैं. इसी तरह प्रदेश के 8 जिलों के लगभग एक दर्जन स्टॉल मेले में लगे हैं. अन्य राज्यों व प्रदेश के अन्य जिलों के स्व-सहायता समूहों का आना अभी जारी है. अगले दो दिन में सभी स्टॉल भर जाएंगे. मेले में 30 राज्यों एवं प्रदेश के सभी जिलों के लगभग 200 स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की यहां प्रदर्शनी लगेगी.     आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर सरस मेले का उदघाटन किया. अंत में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दुबे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन एस बी ओझा ने किया. शनिवार से शुरू हुआ रीजनल सरस मेला एक मार्च तक लगा रहेगा.

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