खतरनाक अपशिष्ठों को तकनीकी उपाय से निपटाएं
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| अनुपम राजन |
प्रदेश की औद्योगिक नगरी पीथमपुर एवं इंदौर में आज मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन एवं बोर्ड के सदस्य सचिव ए.ए. मिश्रा द्वारा विभिन्न औद्योगिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया. बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा खतरनाक अपशिष्ठों के डिस्पोजल हेतु म.प्र. वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट द्वारा पीथमपुर में स्थापित प्रदेश की एकमात्र सिक्योरड लेण्डफिल साईट (कॉमन टी.एस.एडी.एफ), का निरीक्षण किया गया. इस दौरान अध्यक्ष महोदय द्वारा खतरनाक अपशिष्ठो के डिस्पोजल हेतु स्थापित इंसीनेरेटर, मल्टीइफेक्ट इवोपरेटर सहित अपशिष्ठो के निपटान की एक्टिव साईट एवं विस्तार योजना के अंतर्गत निमार्णाधीन एस.एल.एफ का अवलोकन किया गया. अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मध्यप्रदेश में प्रतिवर्ष उत्पन्न होने वाले परिसंकटमय अपशिष्ठों, मात्रा लगभग- 30,000 मी.टन, का निपटान इस लेण्डफिल साईट में किया जा रहा है. अध्यक्ष द्वारा निर्देश दिये गये कि खतरनाक अपशिष्ठो के निपटान हेतु सभी आवश्यक तकनीकी उपाय अपनाए जाएं तथा अपशिष्ठो का निपटान वैज्ञानिकी विधि से किया जावें ताकि अधिक से अधिक खतरनाक अपशिष्ठ का डिस्पोजल लेण्डफिल में हो सकें. अध्यक्ष महोदय द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि निमार्णाधीन एस.एल.एफ में उपयोग किये जा रहे लाइनर की जांच अनिवार्य रूप से की जावें, ताकि भूमिगत प्रदूषण की कोई स्थिति उत्पन्न न हो. साथ ही निर्माण की प्रत्येक स्टेज की फोटोग्राफी, विड़ियोग्राफी भी की जाएं. लेंडफिल साईट की आंतरिक रोड़ के पक्कीकरण हेतु भी निर्देश दिए गए. अध्यक्ष द्वारा पीथमपुर में स्थापित सतत वायु गुणवत्ता मापन केंद्र एवं उसके डिस्प्ले स्थल का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान यह निर्देश दिये गये कि उक्त केन्द्र से प्राप्त होने वाले आंकड़ो का डिस्प्ले इंदौर सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रो में भी किया जाएं, ताकि आम जनता को वायु गुणवत्ता आंकड़ों की अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो सके. बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की वृहद औद्योगिक इकाई मेसर्स व्ही. ई. कार्मशियल व्हीकल (आयशर मोटर्स) लि. का निरीक्षण किया गया. उद्योग के उत्पादन संयंत्र के अन्तर्गत पेन्टशॉप जहॉ से प्रदूषण की संभावना रहती है, का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया व उद्योग द्वारा नवीन तकनीक पर आधारित पेन्टशॉप में स्थापित एनर्जी रिकवरी संयंत्र का जायजा लिया गया. उद्योग में स्थापित दूषित जल उपचार संयंत्र का निरीक्षण किया गया व उद्योग को उक्त संयंत्र के निरंतर संचालन एवं इसे आधुनिक बनाने तथा इसमें आॅनलाईन मॉनिटरिंग की व्यवस्था के निर्देश दिये गये. पीथमपुर प्रवास के दौरान बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा विकास भवन, पीथमपुर, में स्थापित क्षेत्रीय कार्यालय, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीथमपुर का अवलोकन किया गया. इस कार्यालय के प्रारंभ होने से औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में स्थापित समस्त उद्योगों के कार्यो का निपटारा स्थानीय स्तर पर प्रारंभ हो गया है तथा उद्यमियों को अब इन्दौर आने की आवश्यकता नही होगी. पीथमपुर दौरे के पश्चात, इन्दौर के पालदा क्षेत्र में स्थित ईवेस्ट डिस्मेंटलिंग एवं रिसाईकलिंग इकाई मेसर्स यूनिक इको रिसाईकलर कंपनी, पालदा का निरीक्षण बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा किया गया. अधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश में उत्पन्न होने वाले ईवेस्ट की तुलना में काफी कम मात्रा में ईवेस्ट डिस्पोजल हेतु प्राप्त हो रहा है. अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में निर्देश दिये गये कि ईवेस्ट प्रबंधन के संबंध में जनजागरूकता बढ़ाई जाए तथा इस हेतु कार्यशालाओं का आयोजन किया जावे. साथ ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सभी शासकीय संस्थाएं, इन्श्योरेंस कंपनियों इत्यादि, जो ईवेस्ट, टेंडर के माध्यम से नीलाम करती है, को निर्देश दिये जाएंगे कि यह संस्थाऐं उनके टेण्डर में एक शर्त यह भी रखें कि नीलामी में वही संस्था भाग ले सकती है जिसके द्वारा ईवेस्ट डिस्मेंटलिंग एवं रिसाईकलिंग हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राधिकार प्राप्त किया गया है.
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