रविवार, 18 फ़रवरी 2018

स्पीच थैरेपी से लौटी श्रवण शक्ति

 मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में ऐसे कई बच्चे है जिन्हे ठीक से सुनाई नही देता और ठीक से सुनाई न देने के कारण वे शब्दों का उच्चारण भी नही कर पाते है. ऐसे विशेष बच्चो में सुनने की क्षमता पुन: विकसित करने एवं उन्हे शब्दों के उच्चारण सिखाने के लिए सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तता विभाग के विकलांग पुर्नवास केन्द्र द्वारा व्यापक प्रयास किए जा रहे है. ऐसे बच्चो में स्पीच थैरेपी के माध्यम से सुनने की क्षमता का विकास किया जा रहा है. विकलांग पुर्नवास केन्द्र को एक प्रकरण में व्यापक सफलता मिली है. नाला मोहल्ला इटारसी का 8 वर्षीय बालक अब्दुल कादिर पिता सोहेब कादिर 60 प्रतिशत श्रवण बाधित था. यह विकार जन्मजात होने के चलते वह ठीक से सुन नही पाता था और इसके चलते बोल भी नही पाता था. अब्दुल कादिर को गत माह पोषण पुर्नवास केन्द्र मे लाया गया. उसे श्रवण यंत्र लगाए गए. निधि शर्मा ने स्पीच थैरेपी द्वारा अब्दुल कादिर को शब्दो के उच्चारण करना सिखाया. वहीं आडियो लाजिस्ट मीना इटोरिया ने अब्दुल कादिर के अंदर हेयरिंग यंत्र द्वारा सुनने की क्षमता को विकसित किया. उक्त दोनो अधिकारियो की मेहनत से  अब्दुल कादिर सुनने लगा है और शब्दो के सही उच्चारण भी करने लगा है. अब वह आम बच्चो के साथ सामान्य रूप से खेलता कूदता है और अपनी दैनिक दिनचर्या आसानी से कर पाता है. अब्दुल कादिर दूसरी कक्षा का छात्र है. उसके पिता बताते है कि बचपन में एक बार अब्दुल कादिर की तबियत खराब हुई थी उसके पश्चात वह एक शब्द भी सुन नही पाता था और न ही कोई शब्द भी बोल पाता था किन्तु अब वह सुनने भी लगा है और बोलने भी लगा है. इसके लिए वे उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती प्रमिला वाईकर, समर्पण केन्द्र के  श्संजीव गौर तथा स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ निधि शर्मा एवं आडियो लाजिस्ट मीना इटोरिया को धन्यवाद देते नही थकते है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें