राज्य शासन ने इस साल बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिए स्कूलों में गुड़-मुंगफली चक्की (चिक्की) देने का निर्णय लिया गया है. थोक में चिक्की तैयार करने सरकार आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं द्वारा यह चिक्की तैयार की जा रही है. ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूहों की महिलाओं के द्वारा जिले में गुड़ चिक्की निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है. इस हेतु शासन के निदेर्शानुसार जिले के तीन विकासखंड तिरला, गंधवानी एवं डही का चयन किया गया है. इन चयनित विकासखंड के प्राथमिक शालाओं के बच्चो को 25 ग्राम गुड़ चिक्की वितरित की जावेगी जो सप्ताह में तीन दिवस मंगलवार, गुरूवार एवं शनिवार को दी जाएगी..
जिला परियोजना प्रबंधक धार से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में इस हेतु मिशन अंतर्गत 3 स्व सहायता समूहों के द्वारा कार्य किया जा रहा है. जिसमें तिरला में जय गुरूदेव स्व सहायता समूह, गंधवानी में धारेश्वर आजीविका स्व सहायता समूह, एवं डही विकासखंड में आजाद आजीविका स्व सहायता समूह, को प्रशिक्षण दिया जाकर गुड़ चिक्की निर्माण कार्य प्रांरभ किया जाकर जनपद पंचायत, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को गुड़ चिक्की बनाकर प्रदाय की जा रही है. जिले में तीन विकासखंड में 853 स्कूलों के 28995 छात्र, छात्राओं को प्रति सप्ताह तिन दिवस के माने से 21.75 क्विंटल प्रति सप्ताह एवं प्रतिमाह 86.98 क्विंटल गुड़ चिक्की स्कूलो में वितरित की जाना है. इस हेतु जिले की तीनो यूनिट द्वारा निरंतर कार्य किया जाकर उत्पादन किया जा रहा है.
ब्रांडेड उत्पाद से आधी आ रही लागत
बाजार में गुड़ चिक्की सामान्यत: 140 प्रति कि.ग्रा. में मिलती है. स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयारी गुड़ चिक्की की लागत 70 रुपए प्रति किलोग्राम आ रही है, जिसे स्कूलो में 80 रुपए प्रति किलोग्राम दी जा रही है. 10 रुपए प्रति किलोग्राम की बचत समूह की महिलाओं की रहेगी.
जिला परियोजना प्रबंधक धार से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में इस हेतु मिशन अंतर्गत 3 स्व सहायता समूहों के द्वारा कार्य किया जा रहा है. जिसमें तिरला में जय गुरूदेव स्व सहायता समूह, गंधवानी में धारेश्वर आजीविका स्व सहायता समूह, एवं डही विकासखंड में आजाद आजीविका स्व सहायता समूह, को प्रशिक्षण दिया जाकर गुड़ चिक्की निर्माण कार्य प्रांरभ किया जाकर जनपद पंचायत, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को गुड़ चिक्की बनाकर प्रदाय की जा रही है. जिले में तीन विकासखंड में 853 स्कूलों के 28995 छात्र, छात्राओं को प्रति सप्ताह तिन दिवस के माने से 21.75 क्विंटल प्रति सप्ताह एवं प्रतिमाह 86.98 क्विंटल गुड़ चिक्की स्कूलो में वितरित की जाना है. इस हेतु जिले की तीनो यूनिट द्वारा निरंतर कार्य किया जाकर उत्पादन किया जा रहा है.
ब्रांडेड उत्पाद से आधी आ रही लागत
बाजार में गुड़ चिक्की सामान्यत: 140 प्रति कि.ग्रा. में मिलती है. स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयारी गुड़ चिक्की की लागत 70 रुपए प्रति किलोग्राम आ रही है, जिसे स्कूलो में 80 रुपए प्रति किलोग्राम दी जा रही है. 10 रुपए प्रति किलोग्राम की बचत समूह की महिलाओं की रहेगी.

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