रविवार, 18 फ़रवरी 2018

विधायक कटारे ने जारी किया वीडियो, कहा निर्दोष होने का दूंगा सबूत

हेमंत कटारे 
माखनलाल विश्वविद्यालय की छात्रा से बलात्कार के मामले में फरार कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने एक वीडियो जारी कर इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखा है. कटारे ने कहा कि उन्हें इस मामले में बेवजह फंसाया गया है. वे पूरी तरह से निर्दोष है और यह बात वे अगले 48 घंटे में साबित भी कर देंगे. 
कटारे ने वीडियो में कहा कि मुझे नहीं पता कि मेरा दोष क्या है, क्यों मुझे इस मामले में फंसाया गया है, लेकिन मैं मध्यप्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि अगले 48 घंटों में मैं साबित कर दूंगा कि मुझ पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की और उसका साथी लोगों को ब्लैकमेल करने का रैकेट चलाते हैं और उन्होंने मुझे भी इसका शिकार बनाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मैं अगले 48 घंटो में तथ्यों के साथ इस मामले में खुद को निर्दोष साबित कर दूंगा. वीडियो में कटारे कहते हुए दिख रहे हैं कि मुझे फंसाने के लिए यह पूरा षड़यंत्र रचा गया है. उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ दोनों मां और बेटी ने झूठी एफआईआर दर्ज की है. उन्होंने कहा कि  मां ने जो शिकायत दर्ज कराई है, उसके अनुसार मैंने उन्हें 2.30 बजे किडनैप किया था, जबकि उस दिन 2 बजे ही मीडिया में उनका वह माफी वाला वीडियो प्रसारित हो चुका था.
वीडियो में कटारे ने भोपाल डीआईजी बजरिया थाने के टीआई और महिला थाने की टीआई को भी निलंबित करने की मांग की है. कटारे ने वीडियो में मध्यप्रदेश के डीजीपी और विधानसभा अध्यक्ष से भी सवाल पूछा है कि क्या वे इस झूठ के खिलाफ लड़ने में उनकी कोई मदद करेंगे या इस तमाशे को देखते रहेंगे.
यह है मामला
 माखनलाल यूनिवर्सिटी की छात्रा ने अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे पर बलात्कार के आरोप लगाए थे. छात्रा की मां ने भी कटारे पर किडनैपिंग और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे. इन शिकायतों के आधार पर कटारे के खिलाफ 31 जनवरी और 1 फरवरी को अपहरण, बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. इससे पहले 24 जनवरी को भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कटारे की शिकायत पर इस युवती को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. इस मामले में फिलहाल कटारे फरार चल रहे हैं. विशेष जांच दल  ने शुक्रवार को उन पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. एसआईटी पिछले कई दिनों से उनकी तलाश कर रही है. इसके लिए इनके भोपाल स्थित ठिकानों पर छापे भी मारे गए, लेकिन वे नहीं मिले. 

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