मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

घोटालों से ध्यान भटकाने अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही भाजपा

आलोक अग्रवाल 

 आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार हालिया घोटालों और जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए दिल्ली में अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही है. दिल्ली में मुख्य सचिव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, किसानों की समस्या से लेकर नीरव मोदी के विदेश भागने और बैंकों के एनपीए जैसे मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से घिर चुकी है और उसे मुंह छुपाने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही है. ऐसे वक्त में घटिया राजनीति के तहत आम आदमी पार्टी के विधायकों पर झूठे और मनगढ़त आरोप लगाए जा रहे हैं.  राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य  अग्रवाल ने कहा कि महज एक पक्ष को सुनकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जांच आयोग के गठन की बात कही है, लेकिन उन्हें दूसरे पक्ष को भी सुनना चाहिए था. हालांकि अब जांच आयोग से उम्मीद है कि वह दोनों पक्षों को सुनेगा और सच के पक्ष में, जो आम आदमी पार्टी के विधायकों का पक्ष है, फैसला सुनाएगा. उन्होंने मांग की है कि रात की घटना के बाद दिल्ली के मंत्री इमरान हुसैन और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशीष खेतान के साथ जो मारपीट हुई है, उसके सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में शामिल करना चाहिए. 
पूरे मामले का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के गलत ढंग से क्रियांवयन के कारण दिल्ली में करीब 2.5 लाख परिवारों को पिछले महिनों में राशन नहीं मिला है. विधायकों पर जनता का बहुत ज्यादा दबाव था. इस मामले में विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई. इस दौरान मुख्य सचिव ने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा कि वे विधायकों को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं, वह सिर्फ उप राज्यपाल के प्रति जवाबदेह हैं. साथ ही मुख्य सचिव ने कुछ विधायकों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बिना कोई जवाब दिए चले गए.   उन्होंने कहा कि अब मुख्य सचिव मनगढंग आरोप लगा रहे हैं. जाहिर है वह भाजपा के साये में काम कर रहे हैं. भाजपा दिल्ली में राज्यपाल और अधिकारियों के माध्यम से प्रशासनिक कामों में दखल देकर जनहितैषी कामों को रोकना चाहती है. अगर एक मुख्य सचिव इस तरह के आरोप लगाता है, तो समझा जा सकता है कि भाजपा इस मामले में अधिकारियों को मोहरा बनाकर आम आदमी पार्टी को निशाना बना रही है.  व्यापमं महाघोटाले पर सीबीआई कोर्ट के फैसले पर आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि जिन पांच लोगों को सजा हुई है, वह महज एक हिस्सा थे. इस घोटाले के असली लाभार्थी सत्ता के करीबी लोग हैं, उनके खिलाफ भी जल्द से जल्द फैसला आना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनावी दौर में छोटी छोटी मछलियों को सजा देकर प्रदेश सरकार राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. इस मामले में सत्ता के करीबियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. 

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