सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

किसान सब्जियों के पौधे का करे रोपण


कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ द्वारा किसानो को सलाह दी गई है कि आगामी 5 दिवसों में तापमान सामान्य रहने व वर्षा नहीं होने की संभावना है. किसान फसल में चना व सरसो फसल की सतत निगरानी रखे कीट का प्रकोप बढ़ने पर कीटनाशक दवा की अनुशंसित मात्रा का छिड़काव करे. कपास के खिले डेडुंओ की समय पर चुनाई सफाई के साथ करें जिससे बाजार भाव अच्छा मिले. चने की इल्ली की रोकथाम के लिये टी आकार की 2 से 2.5 फिट ऊँचाई की 20 से 25 खूटियॉ एवं फोरोमेन ट्रैप 8 ट्रैप प्रति एकड़ लगाए. फसल की सतत निगरानी रखे व प्रति मीटर 2 से 3 इल्ली होने पर ट्रायजोफॉस दवा 800.0 मिली. हेक्टेयर का छिड़काव करे. रसचूसक कीट के नियंत्रण के लिये इमिडाक्लोप्रिड या थायोमिथाक्सिन दवा 0.35-0.45 ग्राम, ली की दर से छिड़काव करे.     सब्जियॉ में  रसचूसक कीट के नियंत्रण के लिये इमिडाक्लोप्रिड या थायोमिथाक्सिन दवा 0.35-0.45 ग्राम,ली की दर से छिड़काव करे. टमाटर, भिण्डी, मिर्च, बैगन आदि में प्ररोह एवं फलछेदक इल्ली की रोकथाम के लिए ट्रायजोफास दवा 2.0 मिली, ली का छिड़काव करे. भिण्डी, बैगन एवं हरी मटर, मेथी, पालक, मूली एवं हरी मिर्च की समय पर तुडाई कर ग्रेडिंग कर बाजार में बेचे. शीतकालीन सब्जियों जैसे टमाटर गोभी, पत्तागोभी, बैगन, मिर्च, शिमला मिर्च अगेती आलू की सतत निगरानी करे. सब्जी हेतु हरी मटर, मेथी, पालक, मूली गाजर, प्याज आदि की समय पर सिंचाई कर अनुशंसित उर्वरक की मात्रा दे.    पशु, पक्षी में मुर्गी व चूजों को ठण्ड से बचाव हेतु मुर्गी घर की खिड़कियो को ढककर रखे, रात में बल्ब जलाकर या हिटर रखकर ताप दे.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें