प्रदेश में अग्नि-दुर्घटना से पीड़ित मरीजों के सुचारु उपचार के लिये व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. इस समस्या से निपटने के लिये प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेजों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में बर्न यूनिट की स्थापना भारत सरकार की एनपीपीएमबीआई योजना के अंतर्गत की जा रही है. इन बर्न यूनिटों की स्थापना पर 20 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं. देश के करीब 70 लाख लोग प्रति वर्ष विभिन्न घटनाओं में जलने से पीड़ित होते हैं. इनमें से करीब 7 लाख लोगों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाता है. इनमें से भी 2 लाख 40 हजार लोग गंभीर जटिलताओं के कारण निष्क्रिय हो जाते हैं. मेडिकल कॉलेज में प्रस्तावित बर्न यूनिट की प्रत्येक इकाई में 12 बिस्तरीय वार्ड के साथ 4 बिस्तर की आईसीयू और ओटी भी स्थापित की जा रही है. इस यूनिट में अग्नि-दुर्घटना से घायल मरीजों की देखभाल के लिये प्रशिक्षित नर्स, पेरामेडिकल वर्कर्स, सामान्य शल्य चिकित्सक के अलावा बर्न प्लास्टिक सर्जन भी उपलब्ध रहेंगे. यह यूनिट मरीजों को पुनर्वास और फिजियोथैरेपी जैसी सेवाएं भी उपलब्ध करवाएगी. इस यूनिट से आम जनता को राहत पहुंचान की व्यवस्था की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे.
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