गुरुवार, 1 मार्च 2018

हार के बाद भाजपा संगठन में बदलाव के आसार

नंदकुमार सिंह चौहान 
 तालमेल को लेकर उठने लगे सवाल, घिर सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष
मध्यप्रदेश में कोलारस और मुंगावली उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद अब प्रदेश संगठन में बदलाव के आसार नजर आने लगे हैं. आरोप इस बात के भी लग रहे हैं कि संगठन में तालमेल के अभाव के चलते तय रणनीति पर भाजपा काम नहीं कर पाई. वहीं प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान पर ऊंगली उठती नजर आ रही है.  उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है. सरकार की ओर से 19 मंत्री और 40 विधायक जहां मैदान में उतर कर भाजपा की जीत के लिए काम कर रहे थे, वहीं संगठन भी पूरी ताकत से लगा था, मगर परिणाम उलट आए. परिणामों के बाद संगठन पर ही ऊंगली उठती नजर आ रही है. भाजपा को उपचुनावों में लगातार मिल रही हार के बाद अब उसके अपने ही संगठन पर सवाल भी उठाने लगे हैं. इन सवालों के जवाब तो संगठन की ओर से नहीं मिल रहे हैं, मगर संगठन के पदाधिकारी मौन साधे हुए हैं. ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा को मिली इस हार के बाद भाजपा संगठन में बदलाव तय है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के विरोधी अब सक्रियता दिखाते हुए बदलाव की प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचा सकते हैं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस हार को गंभीरता से लिया है. संभावना है कि वे जल्द ही संगठन से इस हार की जानकारी लेकर बदलाव के संकेत भी दे सकते हैं. बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष, सरकार से याने मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान से तालमेल बनाकर तो चलते हैं, मगर दोनों का तालमेल भी भाजपा में ही कुछ नेताओं के लिए चिंता बना हुआ है. इसके चलते नंदकुमार सिंह चौहान वैसे भी अपने विरोधी की संख्या को बढ़ा चुके हैं. सूत्रों की माने तो इस हार के बाद भाजपा में विधानसभा चुनाव के पूर्व बदलाव को लेकर कुछ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पर दबाव बना सकते हैं.
बाबूलाल गौर 
गौर ने की सिंधिया की प्रशंसा
वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भाजपा की इस हार के बाद कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रशंसा करते हुए एक बयान दे दिया, जिसने भाजपा के  लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. भाजपा की हार के बाद गौर ने कहा कि उपचुनाव महाभारत था, जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया को अभिन्यु बनाकर घेरने की कोशिश की जा रही थी, मगर वे अर्जुन बनकर चक्रव्यूह से निकले. गौर ने कहा कि यह चुनाव जातिवाद को भी बढ़ावा देगा. गौर के इस बयान के बाद भाजपा में खलबली सी मच गई है. पदाधिकारी और नेता गौर के इस बयान को अपने-अपने तरीके से ले रहे हैं. कोंई इसे मुख्यमंत्री को घेरना तो कोई प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को घेरने वाला बयान बता रहे हैं.उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में जहां सरकार पूरी तहर से मैदान में थी, वहीं संगठन भी हर तरह से जीत के लिए काम तो कर रहा था, मगर उसका कोई काम सफल होता नजर नहीं आया. संगठन ने चुनाव में जोड़-तोड़ भी खूब की, मगर उसकी एक भी नहीं चली.
अजय सिंह 
जनता को विश्वास खो चुके मुख्यमंत्री
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुगांवली और कोलारस के चुनाव नतीजे बताते हैं कि भाजपा सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए बेहतर होगा कि वे इन नतीजों के बाद अपना पद छोड़ दे. उन्होंने कहा कि  मुगांवली और कोलारस में कांग्रेस की जीत बताती है कि लोगों का लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर विश्वास बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि चित्रकूट नगरीय निकाय में भाजपा की हार के बाद कोलारस और मुगांवली में कांग्रेस पार्टी की जीत भाजपा सरकार के तख्त पर आखिरी कील साबित होगा. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरा मंत्रिमंडल, संगठन, आरएसएस के साथ धन बल और तंत्र के सारे उपयोग के बाद भाजपा का हारना इस बात का प्रमाण है कि अब जनता का शिवराज सरकार पर भरोसा उठ गया है. उन्होंने कहा कि 200 पार का नारा देने वाली भाजपा 2 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई.

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