शुक्रवार, 9 मार्च 2018

मीडिया पर टिप्पणी, विस में हंगामा

मध्यप्रदेश विधानसभा में आज मीडिया में विज्ञापन जारी करने के संबंध में असंसदीय टिप्पणियों को लेकर सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और इस मुद्दे को लेकर जम कर हंगामे के बीच एक बार कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी. भारी शोर-शराबे के बीच सत्ता पक्ष लगातार विपक्ष से मीडिया से माफी मांगने की मांग करता रहा.  प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने जनसंपर्क विभाग से जुड़े एक सवाल में संशोधन करने का आरोप लगाया. उन्होंने अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा से कहा कि प्रश्न की आत्मा ही चली गई और सवाल क्यों बदल दिया गया. इसी बीच उन्होंने संसदीय कार्य और जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बारे में पत्रकारों से जुड़ी एक असंसदीय टिप्पणी कर दी. इस पर दोनों पक्षों की ओर से बहस शुरू हो गई. पटवारी ने कहा कि कल उनके एक सवाल में नर्मदा सेवा यात्रा पर कुल 18 करोड़ रुपए खर्च होने के बारे में जानकारी दी गई थी और आज इस यात्रा के सिर्फ प्रचार-प्रसार पर एक दूसरे विधायक के सवाल में 21 करोड़ रुपए की राशि खर्च होने की जानकारी दी गई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारतीय जनता पार्टी कार्यकतार्ओं को मीडिया वालों के तौर पर धन बांट रही है. इसी बीच कथित तौर पर मीडिया से जुड़ी एक असंसदीय टिप्पणी की गई. अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा ने उनकी कई बातों को असंसदीय बताते हुए उन्हें कार्यवाही से विलोपित करा दिया, हालांकि मंत्री मिश्रा इस बात पर अड़े रहे कि टिप्पणियों को कार्यवाही से विलोपित नहीं कराया जाए. इसी बीच पटवारी लगातार दोहराते रहे कि उन्होंने मीडिया के संबंध में टिप्पणी नहीं की है और सत्तारूढ़ दल के सदस्य उनकी बात को गलत ढंग से पेश कर रहे है और इसलिए माफी उन्हें मांगनी चाहिए. कथित टिप्पणी पर मंत्री मिश्रा, राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी आपत्ति जताई. सत्ता पक्ष कांग्रेस से मीडिया से माफी मांगने की बात पर अड़ा रहा. लगातार हंगामे के दौरान ही अध्यक्ष डॉ शर्मा ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित होने की घोषणा की.

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