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| राजेन्द्र शुक्ल |
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शुक्ल ने बैठक में कहा कि इंदौर क्षेत्र में बढ़ते हुये औद्योगीकरण को देखते हुये, औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है, जिसका हम सब मिलकर सामना करेंगे. औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर में रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति की जाएगी. युवा इंजीनियरों की नियुक्ति की जाएगी. इंदौर क्षेत्र में लगभग 200 बड़े उद्योग और 1826 मध्यम दर्जे के उद्योग हैं. इंदौर एयरपोर्ट पर आगामी 25 मार्च से रोज 50 उड़ाने आयेंगी, और 50 जाएंगी. इंदौर क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों में 51 हजार करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ है, जिससे लगभग दो लाख युवाओं को रोजगार मिला है. बड़वानी क्षेत्र में कपास उत्पादन बहुत अधिक होता है. एबी रोड पर स्थित बड़वानी जिले के सेंधवा में कपास जिनिंग फैक्ट्री और स्पिनिंग मिल की व्यापक संभावनाएं हैं. एकेव्हीएन का काम नये-नये औद्योगिक क्षेत्र बनाना और विकसित करना है. एकेव्हीएन पीथमपुर में तेजी से मूलभूत सुविधाओं का विकास कर रहा है, जिससे अगले 50 वर्ष में पीथमपुर में उद्योगों की संख्या तीन गुनी हो जायेगी. पीथमपुरा में रिक्त प्लाटों का तेजी से रिसेल भी हो रहा है. मालवा में सर्वाधिक औद्योगिक क्षेत्र धार जिले में है. बैठक में एकेव्हीएन के प्रबंध संचालक कुमार पुरूषोत्तम ने बताया गया कि इंदौर लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर हातोद तहसील में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है, जिसके प्लाटों की नीलामी आगामी 14 मार्च को राजगढ़ (धार) नगर पालिका सभाकक्ष में होगी. उन्होंने बताया कि एकेव्हीएन उद्योग विभाग, विद्युत विभाग, राजस्व विभाग और नगर पालिका चारों का काम एक साथ करता है और एकेव्हीएन में सिंगल विण्डों प्रणाली लागू है. हम जमीन के अलावा पानी और बिजली बेचते हैं. पिछले एक साल में इंदौर क्षेत्र में 83 नये उद्योग स्थापित किये गये हैं, जिससे लगभग 8 हजार नये लोगों को रोजगार मिला है. एकेव्हीएन पीथमपुरमें अधोसंरचना विकास के लिये काम कर रहा है. यह काम अगले तीस वर्ष में पूरा होगा. पीथमपुर में 8 नये औद्योगिक सेक्टर विकसित किये जा रहे हैं. अगले 5 सालों में इंदौर और पीथमपुर में उद्योगों की 500 नई ईकाइयां प्रारंभ होंगी. सिटको, (मुम्बई) और नोयडा (दिल्ली) के बाद पीथमपुर देश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. पीथमपुर क्षेत्र में कोल्डचेन के तहत 15 नये भण्डारगृह बनाये गये हैं. बैठक में औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उप यंत्री और लेखाधिकारी मौजूद थे.

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