गुरुवार, 1 मार्च 2018

गौ-शालाओं में उपलब्‍ध पशुओं की होगी टेगिंग

 गुना  जिले में कार्यरत गौशालाओं में उपलब्‍ध पशुओं की टेगिंग की जाएगी. जिले की 14 क्रियाशील गौशालाओं को 2016-1 में 11 लाख 52 हजार 915 रुपये का अनुदान दिया गया। यह जानकारी यहां सम्‍पन्‍न हुई गौपालन एवं पशु क्रूरता समिति की बैठक में दी गई। बैठक की अध्‍यक्षता कलेक्‍टर  राजेश जैन ने की .  बैठक में उप संचालक पशुपालन डॉ. आर.पी.एस. भदौरिया समेत गौशालाओं के संचालक एवं विभिन्‍न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में गौशाला संचालकों ने जिले से चारा-भूसा बाहर भिजवाने पर प्रतिबंध लगाने तथा नरवाई जलाने की रोकथाम हेतु कदम उठाने की मांग की। कलेक्‍टर ने गौशाला संचालकों से आग्रह किया कि वे आमलोगों से अपील करें कि वे अपनी गायों को सड़कों पर ना छोड़ें. गौशाला संचालकों द्वारा पानी की कमी की ओर ध्‍यान आकर्षित कराने पर कलेक्‍टर ने पानी की रिचार्जिंग के इंतजाम करने का परामर्श दिया। उन्‍होंने बरसात के पानी को रोकने के इंतजाम करने की भी सलाह दी .  उप संचालक पशुपालन ने गौशालाओं में कृषि विभाग के सहयोग से बायोगैस संयंत्र लगवाने तथा उद्यानिकी विभाग के सहयोग से पौधरोपण करवाने का सुझाव दिया। बैठक में जिले की 15 गौशालाओं को चारा भूसा हेतु 24 लाख 36 हजार 382 की अनुदान रा‍शि मुहैया कराने के प्रस्‍ताव का अनुमोदन दिया गया। गौशाला संचालकों ने गौशालाओं को क्रियाशील रखने के लिए विभिन्‍न सुझाव दिए. 

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