विस अध्यक्ष ने दिए निर्देश, कहा कर्मचारियों का कराएं सत्यापन
राज्य विधानसभा में आज एक बार फिर विधायकों की सुरक्षा का मुद्दा उठा. इसे लेकर हंगामा भी हुआ. गृह मंत्री का जब संतोषजनक जवाब नहीं आया तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने निर्देश दिए कि टोल नाकों पर पदस्थ कर्मचारी अधिकतर आपराधिक प्रवृत्ति के होते हैं, इसके लिए कर्मचारियों का पुलिस द्वारा सत्यापन कराया जाए.
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज होली अवकाश के बाद शुरु हुआ. प्रश्नकाल में भाजपा विधायक कालुसिंह ठाकुर ने विधायकों की सुरक्षा का सवाल उठाया. उन्होंने अपने साथ घटित घटना सुनाते हुए कहा कि 8 जनवरी 2016 को उनके अंगरक्षक के साथ टोलनाकार कर्मचारियों ने मारपीट की थी. व्हीआईपी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने उचित कार्यवाही की मांग की. कालुसिंह द्वारा उठाए गए सवाल का अन्य विधायकों ने भी समर्थन किय और के टोल नाकों पर इसी तरह की घटनाएं होने की बात कही. इस पर गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि शिकायत के आधार पर टोलकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, जिससे विधायक संतुष्ट हैं, इसके बाद विपक्ष भी विधायकों की सुरक्षा को लेकर खड़ा हुआ और हंगामा करने लगा. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि विधयाक की पीड़ा को सरकार को समझना चाहिए, उनके अलावा अन्य विधायकों के साथ भी इसी तरह का बर्ताव हो रहा है. इस बीच विधायक कालूसिंह ने कहा कि टोल कर्मचारियों को पहचान पत्र तो दिया जा सकता है, जिससे इस तरह का बर्ताव करने वालों की पहचान हो सके. इस पर भी मंत्री ने जब कोई जवाब नहीं दिया तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने हस्तक्षेप किया और निर्देश दिए कि अधिकतर टोलनाकों पर कर्मचारी अपराधी प्रवृत्ति के होते हैं, इसलिए उनका पुलिस सत्यापन कराया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों. इसका सदन ने स्वागत किया.
राज्य विधानसभा में आज एक बार फिर विधायकों की सुरक्षा का मुद्दा उठा. इसे लेकर हंगामा भी हुआ. गृह मंत्री का जब संतोषजनक जवाब नहीं आया तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने निर्देश दिए कि टोल नाकों पर पदस्थ कर्मचारी अधिकतर आपराधिक प्रवृत्ति के होते हैं, इसके लिए कर्मचारियों का पुलिस द्वारा सत्यापन कराया जाए.
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज होली अवकाश के बाद शुरु हुआ. प्रश्नकाल में भाजपा विधायक कालुसिंह ठाकुर ने विधायकों की सुरक्षा का सवाल उठाया. उन्होंने अपने साथ घटित घटना सुनाते हुए कहा कि 8 जनवरी 2016 को उनके अंगरक्षक के साथ टोलनाकार कर्मचारियों ने मारपीट की थी. व्हीआईपी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने उचित कार्यवाही की मांग की. कालुसिंह द्वारा उठाए गए सवाल का अन्य विधायकों ने भी समर्थन किय और के टोल नाकों पर इसी तरह की घटनाएं होने की बात कही. इस पर गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि शिकायत के आधार पर टोलकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, जिससे विधायक संतुष्ट हैं, इसके बाद विपक्ष भी विधायकों की सुरक्षा को लेकर खड़ा हुआ और हंगामा करने लगा. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि विधयाक की पीड़ा को सरकार को समझना चाहिए, उनके अलावा अन्य विधायकों के साथ भी इसी तरह का बर्ताव हो रहा है. इस बीच विधायक कालूसिंह ने कहा कि टोल कर्मचारियों को पहचान पत्र तो दिया जा सकता है, जिससे इस तरह का बर्ताव करने वालों की पहचान हो सके. इस पर भी मंत्री ने जब कोई जवाब नहीं दिया तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने हस्तक्षेप किया और निर्देश दिए कि अधिकतर टोलनाकों पर कर्मचारी अपराधी प्रवृत्ति के होते हैं, इसलिए उनका पुलिस सत्यापन कराया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों. इसका सदन ने स्वागत किया.
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