रविवार, 4 मार्च 2018

सभी चुनाव एक साथ कराने की पैरवी की शिवराज ने

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच साल में सभी चुनाव एक साथ कराने की पैरवी की है. इसके लिए राज्य स्तर पर मंथन करने के लिए उन्होंने एक समिति बनाने का भी ऐलान किया है. यह समिति तमाम राजनीतिक दलों, आम मतदाताओं सहित अन्य लोगों से विचार-विमर्श कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी.
चौहान ने रविवार को अपने आवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, देश से लेकर प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में कोई न कोई चुनाव होते रहते हैं, इसके चलते आचार संहिता लागू होने के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं. लिहाजा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ने भी एक साथ सभी चुनाव कराने की बात कही है. राज्य सरकार भी इस पक्ष में है. इसकी समीक्षा और मंथन के लिए राज्य में एक समिति का गठन किया गया है. चौहान ने बताया कि इस समिति के अध्यक्ष संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा होंगे और इस समिति में महेश श्रीवास्तव, गिरिजा शंकर, लाल सिंह आर्य, विष्णु दत्त शर्मा, एम एम उपाध्याय, आर एस रुपला, वीणा राणा और तपन भौमिक सदस्य होंगे.चौहान ने त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में भाजपा को मिली सफलता पर प्रसन्नता जाहिर की. साथ ही कहा कि उस मिथक को भी भाजपा ने तोड़ दिया है, जिसमें कहा जाता था कि गैर कांग्रेसी राज्यों में भाजपा जगह नहीं बना सकती.
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि हमारी किसी से लड़ाई नहीं है, हम सभी से मित्रता रखते हैं. विचारधारा को लेकर हम कांग्रेस का विरोध करते हैं. उपचुनाव में भाजपा को मिली हार पर उन्होंने कहा कि मुंगावली और कोलारस में थोड़ी कसर रह गई, लेकिन अब हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. 2018 का चुनाव जीतेंगे और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएंगे. उन्होंने त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में मिली भाजपा को जीत पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पहले भारतीय जनता पार्टी को हिन्दी भाषी क्षेत्र की पार्टी कहा जाता था, लेकिन अब 7 गैर हिन्दी भाषी क्षेत्रों में भी सरकार है. इनमें से 4 राज्यों में भाजपा की अपनी खुद की सरकारें हैं और 3 राज्यों में वह सहयोगियों के साथ शासन में है. आज देश की 68 प्रतिशत आबादी और 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का शासन है. पूर्वोत्तर हो, बंगाल हो जहां भी कम्युनिस्ट पार्टियों की सरकारें रहीं उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की, लेकिन हमने प्रतिशोध नहीं लिया, बल्कि जनता ने वोट से जवाब दिया. दिल्ली और बिहार में चुनाव के बाद एक मिथक था कि भाजपा सिर्फ कांग्रेस शासित राज्यों में जीत सकती है, लेकिन त्रिपुरा ने इस मिथक को भी तोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर देश के विकास के लिए जोश, जज्बा और जूनून है. वो देश की जनता के लिए श्रद्धा के केंद्र बन चुके हैं. आपने ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अनंतशक्ति का भंडार हैं और रेत में से तेल निकालने की कला से वाकिफ हैं. 

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