गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के किसी भी कमाऊ सदस्य, जिसकी कमाई घर चलाने में अहम योगदान करती है, मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता का लाभ लेने की पात्रता होगी. मृतक के परिवार में सदस्य महिला या पुरूष या ट्रान्सजेण्डर हो सकता है. राष्ट्रीय परिवार सहायता की पात्रता के लिए लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा. स्थानीय जॉच के बाद मृतक गरीब के परिवार में ऐसे जीवित सदस्य को पारिवारिक लाभ का भुगतान किया जाएगा, जो उस परिवार का कमाऊ व्यक्ति पाया गया हो.इस योजना में श्परिवार शब्द में विवाहिता वयस्क की मृत्यु के मामले में पति-पत्नी, छोटे बच्चों, अविवाहित लड़कियाँ और आश्रित माता-पिताय अविवाहित वयस्क की मृत्यु के मामले में छोटे भाई-बहन या आश्रित माता-पिता को शामिल किया गया है. योजना में सहायता की पात्रता के लिये मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम की आयु में होना जरूरी होगा.विभाग ने निर्देश जारी किये हैं कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि प्रत्येक मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु के मामले में प्रत्येक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता के अंतर्गत लाभ मिल सके.
शनिवार, 10 मार्च 2018
राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होगा
गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के किसी भी कमाऊ सदस्य, जिसकी कमाई घर चलाने में अहम योगदान करती है, मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता का लाभ लेने की पात्रता होगी. मृतक के परिवार में सदस्य महिला या पुरूष या ट्रान्सजेण्डर हो सकता है. राष्ट्रीय परिवार सहायता की पात्रता के लिए लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा. स्थानीय जॉच के बाद मृतक गरीब के परिवार में ऐसे जीवित सदस्य को पारिवारिक लाभ का भुगतान किया जाएगा, जो उस परिवार का कमाऊ व्यक्ति पाया गया हो.इस योजना में श्परिवार शब्द में विवाहिता वयस्क की मृत्यु के मामले में पति-पत्नी, छोटे बच्चों, अविवाहित लड़कियाँ और आश्रित माता-पिताय अविवाहित वयस्क की मृत्यु के मामले में छोटे भाई-बहन या आश्रित माता-पिता को शामिल किया गया है. योजना में सहायता की पात्रता के लिये मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम की आयु में होना जरूरी होगा.विभाग ने निर्देश जारी किये हैं कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि प्रत्येक मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु के मामले में प्रत्येक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता के अंतर्गत लाभ मिल सके.
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