आप चाहें जिस भाषा में बात करें, लेकिन मूल विचार हमेशा मातृभाषा में ही आते हैं. राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात श्हिन्दी भाषा में तकनीकी शिक्षा एवं वैज्ञानिक लेखन, अनुवाद एवं प्रकाशनश्श् पर दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर कही. उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में हिन्दी के अनुकूल स्थिति है. इसलिये अधिक सक्रिय होकर कार्य करने की जरूरत है. राजस्व मंत्री ने कहा कि कार्यशाला में जो निष्कर्ष निकलें, उनका क्रियान्वयन भी तत्परता से करें. श्री गुप्ता ने विभिन्न दृष्टांतों के माध्यम से हिन्दी का महत्व प्रतिपादित किया.
अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति गिरेश्वर मिश्रा ने कहा कि समाज को उसकी वाणी चाहिये. उन्होंने कहा कि ज्ञान को सर्व-सुलभ कराने के लिये जरूरी है कि शिक्षा मातृभाषा में दी जाये. अंग्रेजी को अतिरिक्त प्रतिष्ठा देना हानिकारक है. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि मातृभाषा ही व्यक्ति की पहचान होती है. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के साथ ही हिन्दी में भी शिक्षा देने की सुविधा दी गयी है. मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री नवीन चन्द्रा ने कहा कि अंग्रेजी के कारण सिर्फ 15 प्रतिशत प्रतिभा का ही उपयोग हो रहा है. हिन्दी में शिक्षा देने पर 100 प्रतिशत प्रतिभा का उपयोग हो सकेगा. अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने भी विचार व्यक्त किये.हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में विभिन्न प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. हिमाचल प्रदेश से आयी रीता सिंह ने हिमाचली टोपी पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया.
अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति गिरेश्वर मिश्रा ने कहा कि समाज को उसकी वाणी चाहिये. उन्होंने कहा कि ज्ञान को सर्व-सुलभ कराने के लिये जरूरी है कि शिक्षा मातृभाषा में दी जाये. अंग्रेजी को अतिरिक्त प्रतिष्ठा देना हानिकारक है. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि मातृभाषा ही व्यक्ति की पहचान होती है. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के साथ ही हिन्दी में भी शिक्षा देने की सुविधा दी गयी है. मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री नवीन चन्द्रा ने कहा कि अंग्रेजी के कारण सिर्फ 15 प्रतिशत प्रतिभा का ही उपयोग हो रहा है. हिन्दी में शिक्षा देने पर 100 प्रतिशत प्रतिभा का उपयोग हो सकेगा. अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने भी विचार व्यक्त किये.हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में विभिन्न प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. हिमाचल प्रदेश से आयी रीता सिंह ने हिमाचली टोपी पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया.

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