मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि सुरक्षा की दृष्टि से बिना हेलमेट वाले दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर चालानी कार्यवाही की जाए. उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही की जाये, जिससे लोगों में हेलमेट के प्रति जागरूकता बढ़े. गृह मंत्री सिंह आज मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह ने बैठक में कहा कि हर वर्ष सड़क पर यातायात आवागमन बढ़ रहा है. बार-बार एक ही जगह हो रही सड़क दुर्घटना के स्थल को ब्लैक स्पाट में शामिल किया जाये और जिन स्थानों पर सुधार कर दुर्घटना में कमी लायी गयी हो, उसे ब्लैक स्पॉट की सूची से हटा दिया जाये. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह ने कहा कि जीवन की सुरक्षा के लिये बनाये गये नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए. बैठक में बताया कि प्रत्येक जिले के संसद सदस्य (लोकसभा) की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया गया है. जिला मुख्यालय से परिवहन विभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी. सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है. बैठक में बताया गया कि रोड सेफ्टी एवं आॅडिट के प्रशिक्षण कार्यक्रम में एम.पी.आर.आर. डी.ए. के 8 इंजीनियर ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और 10 इंजीनियर प्रशिक्षण के लिये प्रस्तावित हैं. इसी प्रकार एम.पी.आर.डी.सी. के 6 अधिकारी प्रशिक्षित हुए हैं और 12 इंजीनियर का नाम प्रस्तावित है. नगरीय प्रशासन विभाग के 50 इंजीनियर प्रशिक्षण के लिये भेजे जाएंगे प्रदेश के 51 जिलों में यातायात पुलिस द्वारा कुल 3096 स्कूल-कॉलेज में कार्यक्रम, कार्यशाला, सेमीनार आयोजित कर कुल 5 लाख 29 हजार 588 विद्यार्थियों को यातायात संबंधी जानकारी दी गई. सड़क सुरक्षा के लिये नगरपालिका, वार्ड स्तर पर 19 हजार 931 जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये गये हैं.
जानकारी दी गई कि ब्लैक स्पॉट के भौतिक सत्यापन और परीक्षण के बाद उनकी वास्तविक संख्या अब 616 रह गई है. प्रदेश के 38 जिलों में ट्रॉमा सेन्टर कार्यशील हैं. इस वर्ष 11 जिलों में ट्रॉमा सेन्टर निर्मित होने की संभावना है. शेष 2 जिले इंदौर और मंदसौर में ट्रॉमा सेन्टर का नया भवन बनाया जाना है.
सड़क दुर्घटना में मृतकों की संख्या हुई कम
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2017 में 21 जिलों में सड़क दुर्घटना की संख्या, मृत्यु की संख्या और घायलों की संख्या में कमी आई है.इस वर्ष जनवरी-फरवरी माह में विगत वर्ष की समयावधि की तुलना में दुर्घटना की संख्या में 3.49 प्रतिशत कमी आई है। इसी दौरान मृत्यु की संख्या 2.67 प्रतिशत कम हुई है. पिछले साल प्रदेश में कुल 6 लाख 90 हजार 31 चालान कर 21 करोड़ 81 लाख 58 हजार 340 शमन शुल्क वसूल किया है. मध्यप्रदेश में 29वां सड़क सुरक्षा सप्ताह 23 से 30 अप्रैल तक मनाया जाएगा. प्रदेश में ड्रायवर ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राजगढ़ ब्यावरा में भूमि आदि का चयन कर कार्यवाही की जा रही है.
2610 चालकों के लायसेंस किए निलंबित
मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में 541 ब्रीथ एनालाईजर दिये गये हैं. गत वर्ष शराब पीकर वाहन चलाने वाले 13 हजार 134 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्यवाही कर 52 लाख 33 हजार 550 रुपए का जुर्माना किया गया. इसी दौरान कुल 2610 चालकों की अनुज्ञप्ति निलंबित की गई. इसमें 943 दोपहिया वाहन चालकों की शराब पीकर वाहन चलाने की वजह से अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है. विगत 5 वर्षों में 65 हजार 186 व्यवसायिक वाहन चालकों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इंदौर, आयशर प्रशिक्षण संस्थान पीथमपुर और भारत पेट्रोलियम इंदौर संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है. इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर शहर में बस स्टेंड निर्धारित करने से शहर के अन्दर यातायात का दबाव कम हुआ है.
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