के आस्था और श्रद्धा स्थलों के विकास की योजना बनाएं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि वनाधिकार के लंबित पट्टों के वितरण के लिए सभी जिलों में अभियान चलाएं. इसके तहत आगामी एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक लंबित पट्टों का परीक्षण करें तथा आगामी एक मई से 30 मई तक वितरण करें. जनजातियों के आस्था और श्रद्धा के स्थलों के विकास की योजना बनाएं. मुख्यमंत्री चौहान ने यह निर्देश सम्पन्न आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये.बैठक में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सभी जिलों में लंबित वनाधिकार पट्टों के परीक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को शामिल कर कार्रवाई की जाए. जिन हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे मिले हैं, उन्हें नक्शे उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाये. मुख्यमंत्री ने वनाधिकार के पट्टेधारियों को सामान्य किसानों की तरह उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस समिति में अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री लालसिंह आर्य; खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे; वन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव और अनुसूचित जनजाति विकास तथा राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव रहेंगे. चौहान ने कहा कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के माध्यम से कम लागत के छोटे कार्य कराए जाएं. परियोजना सलाहकार मंडल स्थानीय स्तर पर विकास की आवश्यकताएं तय करेगा. रोजगार के लिए अपना जिला छोड़कर जाने वाले जनजाति के परिवारों के बच्चों के लिए आश्रम-छात्रावास खोले जायें.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है कि अनुसूचित जनजाति के बैकलाग के पदों की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाए. जनजाति के लोगों के विरूद्ध चल रहे छोटे प्रकरण अभियान चलाकर वापस लिए जाएं. आदिवासी क्षेत्रों के किलों और गढ़ों के रखरखाव के कार्य करें. यह सुनिश्चित करें कि आदिवासी महिला छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक महिला ही रहें. आवश्यकता हो तो इसके लिये नयी भर्ती करें. पेसा एक्ट (पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996) और पांचवी अनुसूची की सही व्याख्या के लिये पाच सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी. धारा 170 ख के प्रकरणों का तीन माह की समय सीमा में निराकरण के लिए विशेष अभियान चलायें. जनजाति क्षेत्रों में वृक्ष कटाई के नियमों में सरलीकरण करें. शहरी क्षेत्रों के आवारा पशुओं को आदिवासी क्षेत्रों में खेती के उपयोग के लिये देने के सुझाव को प्रयोग के तौर पर करें.
सदस्यों के सुझाव
बैठक में सदस्यों द्वारा कई सुझाव दिए गए. इन सुझावों में प्राकृतिक आपदा के दौरान वनाधिकार पट्टाधारियों को सामान्य किसानों की तरह मुआवजा दिए जाने, छोटे विकास कार्य आदिवासी परियोजना के माध्यम से कराने, जनपद स्तर पर आश्रम छात्रावास खोलने, आरक्षण के रोष्टर का पालन कराने, महुआ बोर्ड का गठन करने, एकलव्य विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण के विरूद्ध प्रभावी कार्यक्रम चलाना शामिल है.
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