शुक्रवार, 23 मार्च 2018

आदिवासियों की कानूनी समस्या दूर कराने सक्रिय हो रही भाजपा

मध्यप्रदेश भाजपा अब आदिवासी क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रही है. भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने इसके लिए सक्रियता दिखानी शुरु कर दी है. मोर्चा की बैठक में यह फैसला लिया गया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विधि प्रकोष्ठ की मदद से आदिवासियों की कानूनी समस्याओं को दूर कराया जाए.
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी एवं जिलाध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गजेन्द्रसिंह पटेल ने मोर्चा के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 20 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी 56 संगठनात्मक जिलों से 10-10 कार्यकर्ता भाग लेंगे.  बैठक में प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में विधि प्रकोष्ठ की मदद से आदिवासियों की कानूनी समस्याओं को दूर करने का फैसला लिया गया. बैठक में बताया कि 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती पर हम सभी जिला मंडलों में कार्यक्रम आयोजित कर उस महान व्यक्ति का पुण्य स्मरण करेंगे. बैठक में सभी 56 जिलों के गठन और मंडल स्तर तक मोर्चा की संरचना की समीक्षा की गयी.  पटेल ने बताया कि मोर्चा के इन प्रकोष्ठों का जिला स्तर तक विस्तृत करने की आवश्यकता रेखांकित की. अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित प्रदेश में 47 विधानसभा क्षेत्रों में मोर्चा द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निश्चय किया गया है और केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की उपलब्धियों से जन-जन को रूबरू करने की रूपरेखा तैयार की गयी. 
बैठक में मई में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने पर विचार किया गया. इसी के साथ प्रदेश के सभी 10 संभागों में जनजाति के प्रतिनिधि सम्मेलन होंगे. 1 अप्रैल से प्रदेश में मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना आरंभ की जा रही है. जिसका पंजीयन 1 अप्रैल से आरंभ होगा. अनुसूचित जनजाति मोर्चा भी विधानसभा स्तर पर असंगठित मजदूरों के पंजीयन अभियान में भाग लेगा और असंगठित मजदूरों का पंजीयन कराकर उन्हें सामाजिक, आर्थिक कवच प्रदान करेगा. 26 मार्च से 2 अप्रैल तक हर विधानसभा क्षेत्र में मोर्चा कार्यक्रम आयोजित करेगा. 1 अप्रैल से जनजातीय ग्राम पंचायतों में 11 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा. जो जनजाति के कल्याण कार्यो को संगठित करने और उनका लाभ जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेगा. प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर तक अनुसूचित जनजाति मोर्चा असंगठित मजदूरों के पंजीयन के लिए काउंटर लगाकर सहयोग देगा. इसके लिए विधानसभा प्रभारी के मनोनयन पर भी विचार किया गया.
 पटेल ने कहा कि जनजाति परिवार कम शिक्षित होते है और जब कभी उन्हें अदालतों का सामना करना पड़ता है, असहाय महसूस करते हैं. इसलिए आवश्यक है कि मोर्चा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और जिले में जनजाति के विधि स्नातक वकील से संपर्क करेगा और विधि प्रकोष्ठ को सशक्त बनाएगा. विधि प्रकोष्ठ आदिवासी को हर मुसीबत में समुचित सलाह देकर शासन के समक्ष उसका पक्ष प्रस्तुत करने में कवच का काम करेगा. बैठक में जिले के प्रभारियों और जिला अध्यक्षों ने रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और विश्वाास व्यक्त किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी का लक्ष्य 200 पार पूर्ण करने में सफल होंगे. अनुसूचित जनजाति की सभी 47 विधानसभाओं में कामयाब होंगे. आगे मिशन 2019 में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सभी 6 क्षेत्रों में सफलता हासिल कर प्रदेश में सभी लोकसभा सीटों पर भगवा परचम फहराया जाएगा. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें