मध्यप्रदेश के बड़वानी में पुलिस थाने से भाई को छोड़ने पहुंचे एक युवक ने थाने परिसर में ही केरासिन डाल अपने आपको आग लगा ली. थाने में मौजूद पुलिस वालों ने आग बुझाकर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. युवक का कहना है कि पुलिस उसके भाई और उसे शराब के झूठे केस में फंसा कर एक लाख रुपए की मांग कर रही थी. वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों भाईयों के खिलाफ अवैध शराब बेचे जाने का प्रकरण दर्ज था. इस मामले की जांच के आदेश पुलिस अधीक्षक ने दे दिये है. मामला बुधवार रात का है. बड़वानी पुलिस ने बताया कि अवैध शराब के परिवहन मामले में रामू काग को बुधवार को हिरासत में लिया था. भाई के गिरफ्तार होने की सूचना पर भाई श्यामू उसे छुड़वाने थाने पहुंचा था. पुलिस ने भाई को छोड़ने से इनकार कर दिया और उसे वापस जाने को कहा दिया. श्यामू देर रात फिर से भाई को छुड़वाने थाने पहुंचा और आत्मदाह की धमकी दी. पुलिस ने उसकी बात पर ध्यान नहीं देते हुए उसे वहां से जाने को कहा. थाने से बाहर आए श्यामू ने अपने ऊपर घासलेट डालकर आग लगा ली. पुलिस ने ऐसा करते देख उसे बचाया और अस्पताल लेकर पहुंची. घायल श्यामू ने बताया कि पुलिस उसके भाई रामू को बिना किसी आरोप के हिरासत रखा था. उसे छोड़ने के एवज में एक लाख रुपए रिश्वत की मांग जा रही थी. रुपए नहीं देने पर भाई को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही थी. इतना ही नहीं उसके सामने ही उसके भाई के साथ पुलिस ने मारपीट भी की. इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया. पुलिस अधीक्षक विजय खत्री का कहना है कि दोनों भाई अवैध शराब बेच रहे थे. जब पुलिस उन्हें पकड़ने पहुंची तो वे दोनों मोटर सायकिल छोड़कर फरार हो गए. जहां तक थाने में मारपीट और रिश्वत का सवाल है तो उसकी जांच का आदेश दिया गया है. एएसपी सीएस बघेल को जांच अधिकारी बनाया गया है. थाने के सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग भी देखी जा रही है. राम के शरीर में लगी चोट का परीक्षण मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा है. यदि पुलिस की गलती सामने आएगी तो सम्बन्धितों पर कार्रवाई की जाएगी.
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