गुरुवार, 3 मई 2018

1 लाख 57 हजार महिलाओं को मिले ड्रायविंग लायसेंस

प्रदेश में महिलाओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लायसेंस देने की योजना में अभी तक एक लाख 57 हजार 470 ड्रायविंग लायसेंस जारी किए गए हैं. इनमें से एक लाख 38 हजार लायसेंस महिलाओं के लिए लगाए  गए विशेष पिंक लायसेंस शिविरों में बने और वितरित हुए हैं. यह योजना 28 दिसंबर 2015 से लागू की गई है. इसमें अभी तक 2 लाख 27 हजार 604 लर्निंग ड्रायविंग लायसेंस भी बनाए गए हैं.
राज्य शासन के परिवहन विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से यात्री परिवहन में महिलाओं के लिए 11 से 16 नबंर तक की सीट आरक्षित की गई है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए यात्री वाहनों पर हेल्प लाइन नबंर 1091 अंकित करवाया गया है. नवजात शिशुओं को स्तनपान करवाने के लिए ड्रायवर के पीछे वाली सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है. सीट के तीन तरफ परदा लगाने के लिए  भी परमिट शर्तों में निर्देश दिए गए हैं. इसी के साथ, स्कूल बसों में छात्राओं के बैठे होने पर महिला ड्रायवर, महिला परिचालक अथवा शैक्षणिक संस्थान की एक महिला कर्मचारी अथवा परिचारिका का होना अनिवार्य किया गया है. परमिट में भी यह शर्त प्रभावशील की गई है. प्रदेश में संचालित यात्री वाहनों में दिव्यांगों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. दिव्यांगों को यात्री वाहनों में पचास प्रतिशत की छूट दी जा रही है. दिव्यांगों के लिए यात्री बसों में सीट क्रमांक एक से दस तक आरक्षित की गई है.

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