मुख्यमंत्री के बयान पर कमलनाथ बोले हताश होने लगे शिवराजराजधानी में आज उस वक्त सियासत गर्म हो गई, जब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दिल्ली से लौटने के बाद एक कार्यक्रम में कहा कि ‘मैं तो जा रहा हूं, मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली है, कोई भी बैठ सकता है.’ उनके इस कथन के बाद सियासी पार कुछ ऐसे चढ़ा कि भाजपा में हलचल मच गई. वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राजनीति तेज कर दी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने तंज कसा कि चुनाव में अभी वक्त है, अभी से हताश होने लगे शिवराज.
राजधानी में आज दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रशासन अकादमी में राज्य आनंदम संस्थान द्वारा आयोजित किए गए आनंद व्याख्यान को संबोधित करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि मुख्यमंत्री, उद्योगपतियों और बड़े लोगों के ठाठ होते हैं, लेकिन असली आनंद तो झोपड़ी में ही है. उन्होंने हा कि हम अच्छा सोचेंगे तो अच्छा करेंगे. अच्छा सोचने से मन में आनंद आता है. इच्छाएं लगातार बढ़ती है, लेकिलन सब होने के बावजूद भी आदमी दुखी रहता है, चाहे बड़े अधिकारी हो या बड़े नेता या फिर उद्योगपति. उन्होंने कहा कि धन दौलत कभी भी सुख नहीं देती है. हमें समाज सेवा से सुख मिलता है. उन्होंने कहा कि मैं आज भी हजारों लोगों से एक दिन में हाथ मिलता हूं. इस मिलन में भी आनंद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोशिश करता हूं कि कोई निराश न हो. उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में 329 आनंद क्लब गठित किए गए हैं. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़की, बिजली हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन लोगों के चेहरों पर खुशी लाना भी हमारा काम है. लोग कुछ भी कहें, लोगों का काम ही है कहना, लेकिन मुझे लोगों के कहने पर कुछ फर्क नहीं पड़ता. मैं काम करुंगा. दुनिया में कोई परमानेंट नहीं है. यह कहकर कार्यक्रम से जल्दी निकलने के लिए क्षमा मांगते हुए मुख्यमंत्री ने सामने रखी कुर्सी की ओर इशारा किया, जिस पर लिखा था ‘माननीय मुख्यमंत्री’ और कहा कि मैं तो जा रहा हूं, जिस कुर्सी पर लिखा है मुख्यमंत्री उस पर कोई भी बैठ सकता है.
पायलट ने उड़ान भरने से किया इंकार
आनंद व्याख्यान में देरी से पहुंचने पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने खेद जताते हुए बताया कि मौसम की खरीबी के कारण वे बीती रात को दिल्ली से भोपाल नहीं पहुंच पाए थे. उन्होंने बताया कि मैंने तो पायलट से कहा था कि थोड़ा रिस्क ले लो, लेकिन पायलट ने इंकार कर दिया. पायलट ने प्लेन उड़ाने से मना कर दिया तो उन्होंने भोपाल आने का कार्यक्रम रात को निरस्त कर दिया. इस बात का खुलासा खुद मुख्यमंत्री ने व्याख्यान में किया.
मंत्री देते रहे स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री की इस कथन पर वहां उपस्थित लोग अवाक रह गए और कुछ क्षण के लिए सन्नाटा सा पसर गया. इसके बाद मुख्यमंत्री वहां से रवाना हो गए, मगर उनके कथन से राजनीति में उबाल आ गया. मामले को गर्माता देख आनंद विभाग के मंत्री लालसिंह आर्य ने संभाला और अपना संबोधन शुरु किया. उन्होंने कहा कि यह ऐसी कुर्सी है, उस पर जो बैठेगा उसे आनंद आएगा. हर कोई इस कुर्सी पर बैठना चाहता है. इसके अलावा सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हंसी-मजाक में यह बात कही है, इसे इतना तूल नहीं देना चाहिए.
कमलनाथ ने हताश होने लगे शिवराज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि शिवराजसिंह को हकीकत समझ आने लगी है. अभी चुनावों में वक्त है, शिवराज अभी से हताश होने लगे हैं. उन्होंने कहा कि मामा कहने वाले शिवराज के राज में हर वर्ग परेशान है. अब शिवराजसिंह चौहान को यह हकीकत पता चल गई है. इसलिए वे ऐसा बोलने लगे हैं. वहीं कांग्रेस विधायक डा. गोविंद सिंह ने इस मामले में कहा कि मुख्यमंत्री को सच्चाई स्वीकार कर लेना चाहिए और जनता से माफी मांगते हुए इस्तीफा देकर कुर्सी छोड़ देना चाहिए.
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