बुधवार, 2 मई 2018

किसानों की समस्याओं को लेकर अनशन करेंगे आलोक

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल 26 मई से भोपाल में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे. इस दौरान वे अन्य त्याग कर किसानों को पूरी कर्ज माफी, स्वानाथन समिति की रिपोर्ट के मुताबिक फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम, 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा, बिजली के दाम आधे करने और अनिवार्य रोजगार जैसी मांगों को सामने रखेंगे. यह घोषणा अग्रवाल में दतिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की. प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अव्यवस्थाओं से त्रस्त है. चाहे किसानों की कर्ज माफी का मसला हो या शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मसले हों. उन्होंने कहा कि फसल का उचित मूल्य नहीं मिलता है. बिजली महंगी है और शिक्षा व्यवस्था बेहद खराब है. स्वास्थ व्यवस्था बदहाल है. बेरोजगारी की समस्या लगातार भयावह होती जा रही है. महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर भाजपा सरकार और शिवराज सिंह चौहान असफल रहे हैं. 
वहीं विपक्ष पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत विपक्ष के रूप में कांग्रेस भी प्रदेश के लोगों की समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने में असफल रही है. जनता की समस्याओं पर विधानसभा और सड़कों पर सरकार को घेरने की बजाय कांग्रेस आपसी गुटबाजी में ही उलझी रही. यही नहीं कांग्रेस के नेताओं की सत्ता पक्ष से सांठगांठ जग-जाहिर है. 
कांग्रेस-भाजपा की लूट का खुलासा
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के संबंधों के कारण प्रदेश की जनता को हो रहे नुकसान पर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि अनूपपुर में बन रहे एमबी पॉवर लिमिटेड कंपनी की परियोजना के संबंध में सामने आए तथ्यों से साफ है कि इस परियोजना के संबंध में शिवराज सरकार द्वारा गैरकानूनी समझौता किया गया, जिसके कारण गत तीन वर्षों में मध्य प्रदेश की जनता को 585 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस कंपनी का संबंध कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ जी के परिवार से रहा है और शायद यही कारण है कि  कमलनाथ ने सन 2011 में कंपनी बनने के बाद पिछले 7 साल में कभी भी इस गैरकानूनी समझौते के बारे में आवाज नहीं उठाई है. इससे साफ होता है कि प्रदेश में बिजली की हो रही लूट में भाजपा और कांग्रेस साझीदार हैं. उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी ने कंपनी से अपना संबंध एवं शेयर होल्डर होने की बात स्वीकार की है. इससे यह स्पष्ट है कि दोनों ही पार्टियां जनता को मिल कर लूटती हैं. 
ये हैं प्रमुख मांगे
* किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए.
* स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के अनुसार, किसानों की फसल का न्यूनतम दाम उसकी लागत का डेढ़ गुना रखा जाए एवं किसानों को अन्य सुविधाएं दी जाएं. सूखा, ओला, पाला या किसी कारण से फसल नुकसान होने पर 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाए. 
* बिजली के दाम सभी घरेलू, किसानी, व्यवसायी, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए घटाकर आधे किए जाएं एवं बकाया बिजली बिलों को माफ किया जाए. 
* लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए अनिवार्य रोजगार की व्यवस्था की जाए और रोजगार दिए जाने तक जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाए. 



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें