बुधवार, 2 मई 2018

प्रभात झा को महंगा पड़ा अरुण यादव को छेड़ना

प्रभात झा 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए गए अरुण यादव की नाराजगी को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद प्रभात झा को ने यादव को भाजपा में आने की सलाह देना महंगा पड़ गया. यादव ने पलटकर ऐसा जवाब दिया कि झा कुछ बोल नहीं पाए. 
अरुण यादव
दरअसल हुआ यह है कि नवागत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा मंगलवार को पदभार ग्रहण समारोह के दौरान निकली रैली में जब अरुण यादव नहीं पहुंचे तो उनकी नाराजगी की चर्चा चल पड़ी. इस चर्चा के बाद आज प्रभात झा ने यादव को भाजपा में आने की सलाह दे डाली. झा ने  ने कहा कि उनका संबंध अरुण यादव के पिता दिवंगत सुभाष यादव से रहा है, जिन्होंने सहकारिता आंदोलन की शुरूआत की थी. झा ने कहा कि अरुण यादव उनके छोटे भाई जैसे हैं और वो पार्टी में आना चाहे तो भाजपा उनका स्वागत करेगी. हालांकि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट कर प्रभात झा को जवाब दिया. यादव ने लिखा कि प्रभात झा जी अपना घर देखें. मेरे और मेरे परिवार के रग-रग में कांग्रेस का ही खून प्रवाहित होता है. लिहाजा खून से राजनैतिक व्यापार करने वाली पार्टी और उसकी विचारधारा के किसी भी आमंत्रण की मुझे आवश्यकता नही है.

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