मध्यप्रदेश में चुनावी आहट के साथ कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा पाटियां बदलने का दौर भी तेज हो चला है. आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान के गृह जिले और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र के 5 सौ कार्यकर्ताओं ने राजधानी भोपाल पहुंचकर कांग्रेस की सदस्यता ले ली. इसके बाद राजनीतिक पारा तेज हो चला है.विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक जमावट अब तेज हो चली है. चुनाव के नजदीक आते देख प्रदेश में दल बदलने वालों की संख्या में भी बढ़ौत्री हो रही है. आज भाजपा को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान के गृह जिले विदिशा के 5 सौ कार्यकर्ता एक साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. इन कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी सांसद और विधायकों के प्रति जताई है. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि विदिशा से सांसद और विधायकों से नाराज 5 सौ भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस की सदस्यता ली है. अग्रवाल ने बताया कि ये कार्यकर्ता एक साथ भोपाल आए थे. इन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिला ली है.
उल्लेखनीय है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नये प्रदेश अध्यक्षों के आते ही दोनों दलों में दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने दल में लाने का काम तेज हो गया है. भाजपा के राकेश सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही सिवनी के निर्दलीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी. इसके बाद कांग्रेस की कमान कमलनाथ ने संभाली तो उन्होंने पहले निलंबित आईएएस शशि कर्णावत को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई. इसके बाद रविवार को बसपा के पूर्व सांसद भीमसिंंह पटेल की पत्नी विमला पटेल को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई. साथ ही आज विदिशा के भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली.
नेता प्रतिपक्ष के काका शामिल हुए सपा में
मध्यप्रदेश के दौरे पर आए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह के काका कृष्ण कुमार उर्फ भंवर साहब ने भी भाजपा का दामन छोड़कर सपा में शामिल हो गए. वैसे कृष्ण कुमार दल बदलने के लिए पहले से ही जाने जाते हैं. उन्होंने 1998 में निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ा और विधायक बने थे. इसके बाद 2003 का चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी से गोपदबनास विधानसभा क्षेत्र से लड़ा और विधायक बने थे. इसके बाद वे कांग्रेस में गए, फिर भाजपा में चले गए थे.
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