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| अजय सिंह |
नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार सिंह ने आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जैन को लिखे पत्र में उन्हें पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई दी. सिंह ने कहा कि पिछले आठ साल से पद रिक्त होने के कारण कई अपेक्षाएं और उम्मीद इस प्रदेश की जनता की हैं. सिंह ने अपने पत्र में कहा कि एक अनुमान के अनुसार इस समय मानवाधिकार आयोग में करीब 5 हजार से ज्यादा प्रकरण लंबित हैं जिन पर लोगों को शीघ्र न्याय की अपेक्षा है. उन्होंने बताया कि इसी दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई जिसमें मानव अधिकारों की अनदेखी की गई. उन्होंने उदाहरण के तौर पर मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधु प्रीति रघुवंशी द्वारा की गई आत्महत्या का जिक्र किया.
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा कि राज्य मानव अधिकार आयोग ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मानव अधिकारों के मामले में अनुशंसाएं की हैं, जिसकी राज्य सरकार ने अनदेखी की है. इनमें सार्वजनिक स्थानों पर शराब की दुकान न होना, कुपोषण, बच्चों के बस्ते के बोझ को कम करना, किसानों के आत्महत्या के मामले में रिपोर्ट, सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार, तालाबों के सरंक्षण के लिए बोर्ड शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन के अलावा और कई विषयों में मानव अधिकारों को लेकर आयोग ने महत्वपूर्ण अनुशंसाएं सरकार को की हैं, जिसका पालन आज तक राज्य सरकार ने नहीं किया है. सिंह ने उम्मीद की कि नए अध्यक्ष की अध्यक्षता में पीड़ित लोगों को न्याय मिलेगा और मानव अधिकारों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों, अधिकारियों को उचित दंड मिलेगा, प्रदेश के नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण होगा.

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