सोमवार, 21 मई 2018

विद्यार्थी अपनी मूल प्रवृत्ति और रूचि अनुसार करियर का चयन करें



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां माडल स्कूल सभागार में 'हम छू लेंगे आसमां' करियर कांउसलिंग पहल के शुभारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सफल, सार्थक और आनंदमय जीवन जीने की राह दिखाई. चौहान ने कहा है कि बेहतर करियर के अनेक अवसर हैं. विद्यार्थी अपनी मूल प्रवृत्ति, रूचि और विशेषज्ञता के अनुसार करियर का चयन करें. परचितों और परिजनों से भी चर्चा करें. लक्ष्य निर्धारित कर विस्तृत और अग्रिम कार्य योजना का रोडमैप बनाकर दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ सफलता के लिए संकल्पित हों. मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में कोई भी कार्य अथवा लक्ष्य असंभव नहीं है. व्यक्ति में असीम शक्तियां होती हैं. वो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है. मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभवों, अध्ययन और उनसे जुड़े प्रसंगों को विद्यार्थियों से साझा किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बच्चों को सदैव मुस्कुराते हुए देखना चाहते हैं. बच्चे आगे बढ़ेंगे तो प्रदेश आगे बढ़ेगा. हर बच्चा अपनी जिंदगी को सफल बनाए. उसकी सफलता और क्षमता का लाभ निश्चित ही प्रदेश को भी मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की न्यू इंडिया के निर्माण की अवधारणा को सफल बनाने के लिये हमें नया मध्यप्रदेश बनाना होगा. उन्होंने कहा कि बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस भरवाने की व्यवस्था राज्य सरकार ने कर दी है. बच्चे जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ें, इस मंशा से करियर कांउसलिंग की व्यवस्था की गई है. चौहान ने कहा कि सफलता के लिए उच्च शिक्षा अनिवार्य नहीं है. विश्व में अनेक व्यक्तियों ने उच्च शिक्षित नहीं होने पर भी सफलता के शीर्ष को छुआ है. कई नए और बड़े व्यवसाय खड़े किये हैं. नए कीर्तिमान बनाए हैं. उन्होंने स्वयं के उदाहरण से बताया कि उनका परिवार उन्हें चिकित्सक बनाना चाहता था किन्तु कार्य की प्रकृति उनकी मूल प्रवृत्ति से नहीं मिलती थी. दर्शन का विषय उन्हें आकर्षित करता था और उसी दिशा में वे आगे बढ़ते गए.
मुख्यमंत्री ने पालकों से आग्रह किया कि वे संतानों पर दबाव नहीं बनाएं. उन्हें उनकी रूचि और प्रवृत्ति अनुसार करियर का चयन करने में सहयोग करें. उन्होंने कवि को कविता पाठ से मिलने वाले आनंद के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि मूल रूचि के अनुसार कार्य करने पर ही आनंद प्राप्त होता है. कवि को कविता की और चित्रकार को चित्र की रचना से मिलने वाला आनंद अमूल्य है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें