प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि कर्नाटक चुनाव निपटते ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में बेतहाशा वृद्धि कर सरकार ने आम लोगों का जीना दूभर कर दिया है. मूल्य वृद्धि के कारण महंगाई चरम पर पहुंच गई है. बसों के भाड़े बढ़ गये हैं. खाने पीने की वस्तुऐं निरंतर महंगी होती जा रही हैं. उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने में पेट्रोल तकरीबन आठ और डीजल ग्यारह रुपए तक बढ़ गया है. ऐसा लग रहा है कि सरकार कर्नाटक में हुई भाजपा की हार का बदला जनता से ले रही है.
कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर उपत्पाद शुल्क से लेकर अतिरिक्त कर और सेस सबसे ज्यादा लिया जा रहा है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आईल की कीमतें कम होने के बावजूद इसमें कोई राहत नहीं दी जा रही है. अब शिवराज और मंत्री साईकिल से रोज सचिवालय जाएं.
कमलनाथ ने सवाल उठाया है कि कांग्रेस शासनकाल के समय पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर तो बैलगाड़ी और साईकिल चलाकर विरोध करने वाले भाजपा के नेता अब कहां गायब हो गये हैं. क्या अब उन्हें जनता की चिंता नहीं सता रही है. जिन शिवराज और उनके मंत्रियों ने थोड़ी सी मूल्य वृद्धि पर सप्ताह में एक दिन साईकिल पर सचिवालय जाने की घोषणा की थी, आज वे, उनके मंत्री और उनकी साईकिलें तीनों गायब हैं. जनता शिवराजसिंह, उनके मंत्रियों और उनकी साईकिलों को ढूंढ रही है. कमलनाथ ने कहा कि शिवराजसिंह को यदि जनता की वास्तव में चिंता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों को देखते हुए सप्ताह में एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन साईकिल पर अपने सचिवालय जाना चाहिए, तभी उनके जनहितैशी होने का पता चलेगा.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि से जनता को राहत दिलाने के लिए शीघ्र ही इसे जीएसटी में शामिल करे, तभी वन नेशन, वन टेक्स की बात चरितार्थ हो सकेगी. उन्होंने कहा कि यदि शिवराजसिंह जनता को महंगाई से वाकई राहत दिलाना चाहते हैं तो वे अविलंब पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भिजवायें. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री भी कई बार कह चुके हैं कि राज्य सरकारें यदि प्रस्ताव भेजेंगी तो पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल किया जाएगा.
कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर उपत्पाद शुल्क से लेकर अतिरिक्त कर और सेस सबसे ज्यादा लिया जा रहा है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आईल की कीमतें कम होने के बावजूद इसमें कोई राहत नहीं दी जा रही है. अब शिवराज और मंत्री साईकिल से रोज सचिवालय जाएं.
कमलनाथ ने सवाल उठाया है कि कांग्रेस शासनकाल के समय पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर तो बैलगाड़ी और साईकिल चलाकर विरोध करने वाले भाजपा के नेता अब कहां गायब हो गये हैं. क्या अब उन्हें जनता की चिंता नहीं सता रही है. जिन शिवराज और उनके मंत्रियों ने थोड़ी सी मूल्य वृद्धि पर सप्ताह में एक दिन साईकिल पर सचिवालय जाने की घोषणा की थी, आज वे, उनके मंत्री और उनकी साईकिलें तीनों गायब हैं. जनता शिवराजसिंह, उनके मंत्रियों और उनकी साईकिलों को ढूंढ रही है. कमलनाथ ने कहा कि शिवराजसिंह को यदि जनता की वास्तव में चिंता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों को देखते हुए सप्ताह में एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन साईकिल पर अपने सचिवालय जाना चाहिए, तभी उनके जनहितैशी होने का पता चलेगा.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि से जनता को राहत दिलाने के लिए शीघ्र ही इसे जीएसटी में शामिल करे, तभी वन नेशन, वन टेक्स की बात चरितार्थ हो सकेगी. उन्होंने कहा कि यदि शिवराजसिंह जनता को महंगाई से वाकई राहत दिलाना चाहते हैं तो वे अविलंब पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भिजवायें. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री भी कई बार कह चुके हैं कि राज्य सरकारें यदि प्रस्ताव भेजेंगी तो पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल किया जाएगा.
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