विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में महिला दावेदारों की संख्या भी काफी बढ़ी है. इस बार हर विधानसभा क्षेत्र से महिला दावेदारों ने अपनी दावेदारी की है. संगठन इन दावेदारियों को लेकर चिंतित हो गया है. संगठन ने दावेदारों का सर्वे कराया है, फिलहाल तय नहीं है कि भाजपा कितने फीसदी टिकट महिला दावेदारों को देगी.मध्यप्रदेश में टिकट के दावेदारों का संकट कांग्रेस से ज्यादा भाजपा में नजर आ रहा है. भाजपा में पुरुष दावेदारों से ज्यादा संगठन को महिला दावेदारों ने चिंतित कर दिया है. करीब-करीब हर विधानसभा क्षेत्र से महिलाओं की दावेदारी किए जाने की बात सामने आई है. इसके बाद संगठन लगातार इस बात पर मंथन कर रहा है. आज महिला मोर्चा की प्रदेश इकाई के बैठक में भी यह मुद्दा सामने आया और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लता ऐलकर ने यह माना कि प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर महिलाओं ने दावेदारी की है. महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि इस बार बड़ी संख्या में महिला दावेदारों ने दावेदारी की है. उनका कहना है कि दावेदारी करना कोई गलत बात नहीं है. दावेदारी के करने के साथ ही संगठन द्वारा कराए गए सर्वे के आधार और संगठन द्वारा तय मापदंडों पर जो खरा उतरेगा उस दावेदार को टिकट दिया जाएगा. संगठन यह तय करेगा कि कितनी महिलाओं को टिकट दिया जाए.
यहां उल्लेखनीय हे कि भाजपा द्वारा वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में 28 महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था. इन प्रत्याशियों में से 22 को जीत हासिल हुई थी. 6 महिला प्रत्याशियों को चुनाव में हार मिली थी.
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