समान वेतनमान और सुविधाओं को लेकर आज प्रदेशभर की आशा कार्यकर्ताओं ने राजधानी में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ता जब मुख्यमंत्री निवास की प्रदर्शन करने जाने लगी तो पुलिस ने उन्हें पालीटेक्निक कालेज पर ही रोक दिया, जिसके विरोध में इन कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर दिया.
राजधानी में आज आशा कार्यकर्ताओं ने समान वेतन और सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन करने के लिए जा रही थी, तभी पुलिस ने उन्हें पालीटेक्निक चौराहे पर रोक दिया. इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं की बहस हुई और आशा कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गई, जिसके चलते चक्काजाम की स्थिति बन गई. आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे गांव-गांव जाकर सेवाएं दे रही है, मगर बदले में सरकार द्वारा उन्हें नाममत्र का वेतन दिया जाता है. आशा कार्यकर्ताओं की मांग है कि उन्हें कम से कम 18 हजार रुपए वेतन दिया जाए और सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी मिले.
प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं में नाराजगी उस वक्त दिखाई दी जब खरगोन से आई एक कार्यकर्ता बेहोश होकर सड़क पर गिर गई. हालांकि बाद में बेहोश कार्यकर्ता को पुलिस ने अस्पताल पहुुंचाया. चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप के कारण कार्यकर्ता बेहोश हो गई. आशा कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल भी पहुंचे और आशा कार्यकर्ताओं को अपना समर्थन दिया.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें