राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले कम्प्यूटर बाबा ने आज फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला. उन्होंने राजधानी में सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया और अवैध उत्खनन व गौ हत्या रोकने पर सरकार को नाकाम बताया.राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले कम्प्यूटर बाबा आज भी सरकार से खफा नजर आए. उन्होंने आज विधानसभा पर सद्बुद्धि के लिए यह किया. बाबा ने यह यज्ञ सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए किया. आज बाबा के साथ बड़ी संख्या में साधु संत भी रहे. बाबा ने सरकार पर आरोप लगाया कि शिवराज सरकार नर्मदा के अवैध उत्खनन और गौहत्या रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो चुकी है, अवैध उत्खनन करने वालों को शिवराज का संरक्षण प्राप्त है. उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने स्वयं अवैध उत्खनन रोकने के लिए मुख्यमंत्री से कहा था, मगर उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया. मैंने तो यहां तक कहा था कि अगर सरकार यह नहीं रोक पाती है तो हम साधु-संत अवैध उत्खनन को रोक देंगे, मगर उन्होंने उसकी भी अनुमति नहीं दी.बाबा ने कहा कि भाजपा को नर्मदा, गाय, संतों और मठों मंदिरों की चिंता नही है. प्रदेश में अंधेरी नगरी चौपट राजा जैसी व्यवस्था है. प्रदेश कैसे चल रहा है और क्या हो रहा है इसकी किसी को भी चिंता नही है. यह चिंता का विषय है इसको लेकर जल्द ही धर्म संसद बुलाई जाएगी और रणनीति बनाई जाएगी. जो भी दल धर्म को समर्थन देगा और उसके लिए काम करेगा हम उसी को हम सहायता करेंगे.
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने जिन पांच बाबा को अप्रैल माह में राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, उनमें एक कम्प्यूटर बाबा भी हैं. सोमवार की शाम को उन्होंने अचानक फैसला लिया और अपना इस्तीफा दे दिया. बाबा ने यह फैसला गौ संरक्षण मंत्रालय बनाने की मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा की गई घोषणा के बाद लिया. बाबा के द्वारा दिए इस्तीफे के बाद से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. हालांकि बाबा पहले यह कहकर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं कि अगर मुख्यमंत्री कहेंगे तो वे चुनाव लड़ेंगे, मगर भाजपा या फिर मुख्यमंत्री की ओर से इस तरह के संकेत नहीं दिए गए.
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