
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस पर जो फर्जी मतदाता सूची में मनगढंत दस्तावेज पेश करने के आरोप लगाए हैं, उन्हें साबित करे. नाथ ने कहा कि आयोग सुप्रीम कोर्ट को भ्रमित कर रहा है.
कमलनाथ ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग ने अब तक केवल 24 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए हैं, लेकिन प्रदेश में 60 लाख मतदाता फर्जी हैं. 18 जनवरी और 31 जुलाई को गलत मतदाता सूची पाई गई थी. इस सबंध में चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट को भ्रमित कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस मामले में 8 अक्तूबर को होने वाली सुनवाई में सच सबके सामने आ जाएगा. उन्होंने राजस्थान को टेस्कमोड में मतदाता सूची देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आयोग को मध्यप्रदेश में भी टेस्कमोड में मतदाता सूची देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि टेस्कमोड में मतदाता सूची से छेड़छाड़ नहीं हो सकती, लेकिन इमेज मोड में हो सकती है.
वहीं इस मामले में भाजपा ने कमलनाथ पर हमला बोला है. राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के लिए आयोग ने जो टिप्पणी की वह दुर्भाग्यपूर्ण है.
साफ्ट या हार्ड हिंदुत्व नहीं होता
कमलनाथ ने कहा कि हिन्दुत्व के मुद्दे पर कहा कि साफ्ट या हार्ड हिन्दुत्व नहीं होता, हम सब धर्म प्रेमी हैं. उन्होंने कहा कि हम धर्म को राजनीतिक मंच पर नहीं लाते.जब हम मंदिर जाते हैं तो भाजपा के पेट में दर्द क्यों होता है? क्या भाजपा हमसे ज्यादा धर्म प्रेमी है? क्या भाजपा ने धर्म का ठेका ले रखा है?
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