सोमवार, 31 अगस्त 2020

उदघाटन से पहले पूल टूटने की जांच के आदेश


मध्यप्रदेष के सिवनी जिले में करोड़ों की लागत से बना पुल उदघाटन के पहले ही बारिश में ढ़ह गया। इस मामले की जांच के आदेश सरकार ने दिए है। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मामले में जो भी दोश्शी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के सिवनी जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत सुनवारा आमा नाला रोड करीब 3 करोड़ से अधिक की राषि से बना पुल पहली बारिश ही नहीं झेल पाया। पुल बारिष के चलते ढ़ह गया।  डेढ़ सौ मीटर लंबे और 9.28 मीटर ऊंचाई वाले इस पुल का काम 30 जून को ही खत्म हुआ था।  पुल ढ़हने के मामले में अब मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री का मानना है कि भारी बारिश के बाद पुल गिरना था. इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह घटना को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने टवीट कर कहा था कि भ्रष्टाचार का नायाब नमूना करोड़ों की लागत से बना पुल उद्घाटन से पहले नदी में बहा। ठेकेदार कौन था? उसके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।

बाढ़ से 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का नुकसान


फसल बीमा योजना की तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह करेंगे प्रधानमंत्री से

मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि प्रदेष में बाढ़ से करीब 7 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के नुकसान होने का अनुमान है। संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।  
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह ने आज बाढ़ की स्थिति और बचाव को लेकर चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों प्रदेष में आ बाढ़ के बाद अब बचाव कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि अब वर्षा थम गई है और बाढ़ के नदियों में पानी ने उतरना शुरू किया है, लेकिन अभी भी होशंगाबाद में खतरे के निशान से लगभग 8 फीट ऊपर नर्मदा  का पानी बह रहा है, लेकिन प्रशासन हर जगह पहुंच चुका है। इसलिए चिंता जैसी कोई बात नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पहले उन लोगों को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचाया था। विशेषकर एयरफोर्स के 5 हेलीकाप्टर रेस्क्यू के काम में लगे थे। 264 लोगों को एयरलिफ्ट करके बचाया था। उन्होंने कहा कि मैं सभी एयरफोर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के जवानों को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने बताया कि नदियों में जैसे-जैसे पानी उतरता जाएगा,  बाढ़ वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी। दवाइयों आदि का इंतजाम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्पत्ति के नुकसान के आंकलन में समय लगेगा। बाढ़ से कई मकान डूब गये हैं। 7 लाख हेक्टेयर फसलों की क्षति का अनुमान है। राहत के काम कई दिनों तक चलेंगे, लेकिन मन में संकल्प है कि कैसे लोगों की जिंदगी को पटरी पर जल्द से जल्द ला सकें।मैं प्रदेशवासियों से कहना चाहता हूं कि आप चिंता मत करें। मैं और प्रशासन पूरी क्षमता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगे हैं। हम सब मिलकर शीघ्र ही आपकी जिंदगी को पटरी पर लाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि वैसे फसल बीमा योजना की आज आखिरी तारीख थी, मगर हम प्रधानमंत्री से इसे आगे बढ़वाने का आग्रह करेंगे।
परीक्षा केन्द्र तक निषुल्क आवागमन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कोरोना को देखते हुए  जेईई, एनईईटी की परीक्षा में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को विकास खण्ड, जिला मुख्यालय के परीक्षा केन्द्र तक निशुल्क आवागमन की हमने व्यवस्था की है। परीक्षार्थी अपने साथ एक अभिभावक को भी केन्द्र तक ले जा सकेंगे। 1 सितंबर को होने वाली इस परीक्षा में प्रदेषभर से करीब 7 हजार विद्यार्थी भाग ले रहे है। करीब 4 हजार 5 सौ विद्यार्थी भोपाल के हैं,जबकि 2 हजार 5 सौ विद्यार्थी भोपाल जिले से बाहर के हैं।

हवा से जरा नीचे उतरकर भी देखो


दिग्विजय ने शिवराज के हवाई निरीक्षण पर कसा तंज


मध्यप्रदेष के आई बाढ़ से मची तबाही का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा हवाई निरीक्षण किए जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तंज कसा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ फंसी गरीब जनता । मामा जी हवा से जरा नीचे उतरकर भी देखो।
प्रदेश के लगभग 12 जिलों के 400 गांव बाढ़ के संकट से जूझ रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ और एडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर भी बाढ़ में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कराकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा रहे हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की कार्यप्रणाली पर हमला बोला है।  राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री पर लोगों को बाढ़ की मुसीबत से न निकाल पाने को लेकर सवाल उठाया है।
सिंह ने बाढ़ का जायजा लेने हेतु शिवराज सिंह चैहान के हवाई दौरे पर निशाना साधते हुए कहा है कि शिवराज सिंह विधान सभा क्षेत्र बुधनी की “वाशिंगटन” से बेहतर सड़कें और बाढ़ में फंसी गरीब जनता। मामा जी हवा से जरा जमीन पर उतर कर भी देखो। उन्होंने इसके साथ एक वीडियो भी साझा किया है। वीडियो में पानी से चैतरफा घिरे नाव में बैठा एक पूरा परिवार अपनी व्यथा सुना रहा है। लोगों का कहना है कि उन तक अब तक कोई सहायता नहीं पहुंचाई गई है। उनके पास नाव में बैठे रहने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं पहुंचाई गई है। पूरा परिवार इस समय अन्न के दाने दाने को मोहताज है। 

रविवार, 30 अगस्त 2020

कमलनाथ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा मदद के लिए आगे आएं


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेष में लगातार बारिष के चलते कई स्थानों पर बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा कर कहा कि  संकट की इस घड़ी में लोगों के साथ पूरा प्रदेष खड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में अभी भी खतरा बना हुआ है, वहां विशेष चैकसी बरती जाए। पानी वाले पर्यटन स्थलों पर आवाजाही पर रोक लगाई जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर बताया कि उन्होंने आज मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अतिवर्षा का दौर जारी है। प्रदेश के 12 से अधिक जिले व 400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है। नदियां उफान पर है। बाढ़ ने प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित किया है। लोगों का भारी नुकसान हुआ है। मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से इस पर चर्चा कर चिंता व्यक्त की है।
पूर्व मुख्यंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों के रहने , खाने- पीने की समुचित व्यवस्था की जाए। पूरा प्रदेश , हम सभी , संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़े है। जिन इलाकों में अभी भी खतरा बना हुआ है, वहां विशेष चैकसी बरती जाए। पानी वाले पर्यटन स्थलों पर आवाजाही पर रोक लगाई जाए। वहां भी सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश भर के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूं कि संकट की इस घड़ी में वे प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी से जुट जाएं। प्रशासन की टीम के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों में मदद करे। प्रभावित लोगों के रहने , खाने- पीने की मदद करे।


12 जिलों के 454 गांवं बाढ़ से प्रभावित


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि 8 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने बताया कि पिछले 2 दिनों में 12 जिलों के 454 गांवों से 8 हजार से अधिक लोगों को बाहर निकाला और 170 राहत शिविर स्थापित किए। आज सबेरे से दोपहर तक 62 लोगों को एयरलिफ्ट करके सहायगंज पहुंचा दिया गया है। रायसेन जिले के भौंती में एयरलिफ्ट  10 लोगों को निकाला जा चुका है और बचाव कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने अपने निवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। 28 और 29 अगस्त को बालाघाट, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, विदिशा, रायसेन में बारिश के सभी रिकॉर्ड टूट गये हैं। इसके कारण कई जगह बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। परसों से ही हमने राहत व बचाव का कार्य प्रारम्भ किया। हमारे अधिकारी, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। पिछले 2 दिनों में 12 जिलों के 454 गांवों से 8 हजार से अधिक लोगों aो बाहर निकाला और 170 राहत शिविर स्थापित किये। आज सवेरे से 62 लोगों को एयरलिफ्ट करके सहायगंज पहुंचा दिया गया है। रायसेन जिले के भौंती में एयरलिफ्ट का काम चल रहा है। अभी तक 10 लोगों को निकाला जा चुका है और बचाव कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एसडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस के जवान, एनडीआरएफ और सेना की टीम बहुत बढ़िया काम कर रही हैं। सेना ने होशंगाबाद में बचाव कार्य प्रारम्भ कर दिया है। उन्होंने बताया कि वायुसेना के 3 हेलिकाप्टरों से एयरलिफ्टिंग का काम चल रहा है। 2 और हेलिकाप्टर आने वाले हैं।
दो और पांच माह के बच्चों सहित चार लोगों को बचाया
मुख्यमंत्री ने बताया कि होशंगाबाद में दो माह और पांच माह के बच्चों सहित चार लोगों का परिवार फंस गया था। एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीम ने रात में ही रेस्क्यू किया। मूसलाधार बारिश में उन्हें निकाला और नाव को उलटा करके वर्षा से बच्चों को बचाया। ऐसे समर्पित भाव से सेवा करने वाले सभी टीमों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि सबको सुरक्षित निकालना मेरी प्राथमिकता है। सुरक्षित निकाले गये लोगों के लिए 170 राहत कैम्पों में उचित व्यवस्था की गई है। भोजन और दवाइयों का पर्याप्त इंतजाम है। संयुक्त प्रयासों से हम इस कठिन स्थिति से भी निकल जाएंगे।
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कमलनाथ ने सिंधिया को दी सौ रूपए में 146 एकड़ जमीन


माकपा ने कहा षिवराज सरकार करे निरस्त

माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की प्रदेष इकाई राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर हमलावर हो गई है। माकपा ने मांग की है कि कमलनाथ सरकार के दौरान सिंधिया को सौ रूपए में 148 एकड़ जमीन दी थी, उसे षिवराज सरकार को निरस्त करना चाहिए।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने तो राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है,वहीं आज माकपा की प्रदेष इकाई भी सिंधिया के खिलाफ मैदान में उतर आई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने  जारी बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने और शिवराज सरकार के गठन के अगले ही दिन राजस्व न्यायालय में सिंधिया के खिलाफ चल रहे मुकदमों को वापस ले लिया गया। उसी समय यह आम धारणा बन गई है कि यह शिवराज सरकार सौदेबाजी से सत्ता में आई सरकार है। अब भाजपा सरकार यदि कमलनाथ सरकार के अन्य फैसलों की समीक्षा कर पलटती है और इस निर्णय को अधूरा छोड़ देती है तो यह धारणा आर पुख्ता हो जाएगी कि यह सरकार सौदेबाजी कर सत्ता में आई है और सत्ता में बने रहने के लिए सौंदेबाजी का ही सहारा ले रही है।
माकपा नेता ने कहा है कि इस भूमि की कीमत करीब 212 करोड़ आंकी गई है, मगर सिंधिया को उपकृत करने के लिए भूमि को केवल 100 रुपए की टोकन राशि के साथ सिंधिया की संस्था को 99 साल के लिए लीज पर दे दिया गया। माकपा ने कहा है कि एक बार फिर साबित हो गया है कि सिंधिया अपनी सम्पत्ति बचाने और जमीने हथियाने के लिए ही सरकारों से सौदेबाजी करते है, उनका सिद्धांतो से कोई वास्ता नहीं है। माकपा ने उक्त लीज को निरस्त करने की मांग की है।

शनिवार, 29 अगस्त 2020

किसान खून के आंसू रो रहा, मुख्यमंत्री ग्लिसरीन के आंसू बहा रहे


पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा बीमा कंपनी की नहीं निकाले टेंडर


मध्य प्रदेश में किसान इस समय खून के आंसू रो रहा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री ग्लिसरीन के आंसू बहा रहा है।सरकार फसल बीमा देने की बात कर रही है, जबकि टेंडर तक नहीं निकाले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया बिजली कंपनियां मुरैना में जिनके बिल दे रही हैं, उनके यहां कनेक्शन तक नहीं है।
ये आरोप आज राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने मीडिया से चर्चा करते हुए लगाए। उन्होंने कहा कि  राज्य सरकार पर आरोप लगाया की जब प्रदेश में मक्का की बंपर पैदावार हो रही है। कब मोदी सरकार ने मक्का पर आयात शुल्क 60 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया और 50 लाख टन मक्का आयात करने की अनुमति दे दी है। शिवराज सिंह अगर किसानों के हितेषी हैं तो केंद्र सरकार को मक्का आयात करने से क्यों नहीं रोकते और किसानों को मारना ही चाहते हैं तो ग्लिसरीन के आंसू बहाना बंद करें।
प्रजापति ने कहा कि पहले तो पीछे के रास्ते, जनादेश के खिलाफ, लोकतंत्र की हत्या कर सत्ता की भूख मिटाने भाजपा ने प्रदेश की जनता के मत के साथ विश्वासघात किया और अब किसानों को खून के आंसू रुला रही है। प्रजापति ने कहा कि पहले कमलनाथ सरकार द्वारा की गई किसान ऋण माफी की तीसरी किस्त न देकर इसे कृषि मंत्री कमल पटेल कलंक बता रहे है और किसान कर्ज माफी को भ्रष्टाचार बता रहे हैं। वे  राहुल गांधी और कमलनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वाले थे क्या हुआ क्यों नहीं करवा रहे। उन्हें तो शिवराज सिंह चैहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहिए।
 उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह बताएं कि किसानों की फसल के बीमा के लिए अभी तक बीमा कंपनी चयन क्यों नहीं हो पाई है, सरकार चार बार टेंडर क्यों कर रही है। मुनाफे के बंटवारे को लेकर कोई अड़चन है । सरकार बार-बार किसी टेंडर को बदलेगी तो किसानों का फायदा कैसे होगा? यह मध्य प्रदेश जानना चाहता है।

जातिगत आधार पर कांग्रेस नियुक्त करेगी पन्ना प्रभारी


मध्यप्रदेष कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस भी पन्ना प्रभारियों को जिम्मेदारी देकर मतदाता तक पहुंचाने में जुटी है। कांग्रेस सभी 27 विधानसभा क्षे़त्रों में जातिगत आधार पर पन्ना प्रभारी नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपेगी। पन्ना प्रभारियों की नियुक्ति की जिम्मेदारी सेक्टर प्रभारियों को सौंपी गई है।
प्रदेष में उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने सक्रियता बढ़ा दी है। खुद प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ लगातार बैठकें कर नेताओं को जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। वे विधानसभा प्रभारी और मंडल प्रभारियों की लगातार बैठकें ले रहे हैं। बैठकों में उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों का फीडबेक लेकर चुनावी रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी सेक्टर प्रभारियों को पन्ना प्रभारी नियुक्त करने की जिम्मेदारी दी है। ये पन्ना प्रभारी जातिगत आधार पर नियुक्त किए जाने को कहा है,ताकि जातिगत समीकरण के आधार पर पन्ना प्रभारी मतदाता को कांग्रेस के पक्ष में ला सके। एक पन्ना प्रभारी को 20 मतदाता की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि उसकी मतदाता तक पहुंच आसान हो सके। सेक्टर अध्यक्ष को कहा गया है कि वे लगातार बूथ के पन्ना प्रभारियों के संपर्क में रहें। ताकि पन्ना प्रभारी मतदाता सूची पर नजर रखा जा सके। सेक्टर प्रभारियों की इस बैठक में प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि उपचुनाव अक्तूबर या फिर नवंबर माह में हो सकते हैं, इसके लिए अभी से तैयारी तेज कर दी जाए।


हाथी ने उलझाया हाथ को, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार


भाजपा देख रही अपना फायदा

मध्यप्रदेष में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव मंे बसपा ने 8 उम्मीदवारों की घोशणा करके कांग्रेस की मुसीबत बढ़ा दी है। बसपा ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वे सभी 27 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। बसपा की इस मंषा से भाजपा अपना फायदा देख रही है। भाजपा नेताओं का मानना है कि बसपा कांग्रेेस के वोट बैंक में ही सेंध लगाएगी, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा।
राज्य में उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और बसपा तीनों दलों ने सक्रियता दिखानी षुरू कर दी है। भाजपा के करीब करीब प्रत्याषी तय हैं, वह पहले ही कह चुके है कि ंिसधिया समर्थक विधायक जो इस्तीफा देकर आए हैं, उन्हें मैदान में उतारा जाएगा। वहीं बसपा ने ग्वालियर चंबल अंचल की 8 विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोशणा करके साफ कर दिया कि वह भी मैदान में उतरेगी। बसपा ने प्रत्याषियों की घोशणा करके एक तरह से मुकाबला अभी से त्रिकोणीय बना दिया है। इस अंचल में बसपा का अपना प्रभाव रहा है, जिसके चलते कांग्रेस की चिंता बढ़ी है। हालांकि कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया को सामने रखकर मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं, इस लिहाज से बसपा प्रत्याषियों को लेकर वे कहते हैं कि कोई विषेश नुकसान नहीं होगा, मगर भाजपा नेता इसे लेकर अभी से अपना फायदा देख रहे है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सिंधिया समर्थकों को टिकट दिए जाने के बाद जो असंतोश उभरा था, उससे कुछ हद तक संगठन ने राहत पाली है, साथ ही अब बसपा के मैदान में आने से कांग्रेस को ज्यादा नुकसान की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस का अपना वोट बैंक
कांग्रेस नेता इस अंचल में यह मान रहे हैं कि कांग्रेस का अपना वोट बैंक हैं, जिसके कारण बसपा उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से कोई नुकसान नहीं होगा। कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया का कहना है कि उन्होंने इतने सालों तक जो इस अंचल में संघर्श किया है, उसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। बसपा केवल भाजपा फायदा पहुंचाने के इरादे से प्रत्याषी मैदान में उतार रही है। इसके पीछे मायावती की अपनी रणनीति है। वे खुद उलझी हुई है, इस वजह से वह भाजपा के पक्ष में ही काम करेंगी।

शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

कमलनाथ सत्ता में आते ही वल्लभ भवन में हो गए थे क्वारेंटाइन


गृह मंत्री ने कसा तंज, कहा पहले दिया पेन फिर हो रहे डाइव

प्रदेष के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने आज फिर कांग्रेस की पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले तो किसानों के बीच जाते नहीं, अब कांगे्रस के नेता नाटक कर रहे हैं। कोरोना अब आया, लेकिन कमलनाथ सत्ता में आते ही वल्लभ भवन में क्वारेंटाइन  हो गए थे।
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस की पेनडाइव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये पेनडाइव, टवीटर और टीवी की सरकार है। वो किसानों के खेत तक पहुंच जाएं और चार किसानों के कंधों पर हाथ रखकर बोले कि इनका दो दो लाख रूपए का कर्ज माफ कर दिया था तो अच्छा लगे। पहले भी ऐसा ही बंडल जारी कर दिया था। उन्होंने कहा कि ये पहले पेन देते हैं, फिर डाइव पर ले जा रहे हैं। पहले पेन दिया झूठा कर्ज माफी का वादा किया अब डाइव कर रहे हैं। पूरी पेनडाइव में एक नाम निकालकर दिखा दें, जिसका दो लाख रूपए का कर्ज माफ किया हो।
 डा मिश्रा ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार में थी तब  किसानों के बीच गई नहीं, अब कांग्रेस के नेता नाटक कर रहे हैं। कोरोना अब आया, लेकिन कमलनाथ सत्ता में आते ही वल्लभ भवन में क्वारेंटाइन हो गए थे। उर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह के भाई का बिजली कनेक्षन काटे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रद्युमन सिंह अब भाजपा सरकार के मंत्री है, कानून का राज है। जो गलत होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। 

संघ के स्वयं सेवक घर जाकर पढ़ा रहे बच्चों को


कोरोना काल में पढ़ाई जारी रखने ष्षुरू किए 516 गोकुलम केन्द्र

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए संघ के स्वयं सेवक मैदान में उतरे हैं। मध्यभारत प्रांत के स्वयंसेवकों ने 516 बाल गोकुलम केन्द्र बनाकर बच्चों को षिक्षित करना ष्षुरू कर दिया है। ये स्वयं सेवक बच्चों को  उनके घर पर ही जाकर शिक्षा देने का कार्य कर रहे है। बच्चों को विषयगत शिक्षा के अलावा संस्कार और नैतिक शिक्षा का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है।
 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों और संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओ के अनेक कार्यकर्ताओं  ने बच्चों की शिक्षा के लिए अपने कदम बढ़ाए हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान स्वयंसेवकों से मोहल्ला कोचिंग शुरू करने का आहवान किया था, जिसके बाद स्वयंसेवकों के द्वारा मध्यभारत प्रांत के विदिशा ,गुना , शिवपुरी ,  मुरैना , राजगढ़ , नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर विभाग के लगभग सभी जिलों में बाल गोकुलम केंद्र यानी कि मोहल्ला पाठशाला का संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही संघ से जुड़े विद्याभारती, सेवा भारती , एकल विद्यालय सहित सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के द्वारा कोराना से संबंधित प्रसाशन के सभी निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों को उनके मोहल्लों में जाकर छोटे-छोटे समूह में पढ़ा रहे हैं। इन बाल गोकुलम केंद्र का मुख्य उद्देश्य है कि संकट की घड़ी में जब सभी विद्यालय, कोचिंग संस्थान बंद पड़े हुए हैं तो ऐसे समय में बच्चों की शिक्षा का कार्य ना रुके और बच्चों को लगातार उनकी पढ़ाई कराई जा सके. क्योंकि यही बच्चे देश का आने वाला भविष्य हैं और ऐसे समय में यदि इन बच्चों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है तो सीधे तौर पर यह समाज का बड़ा नुकसान है।
31 जिलों में 264 स्थानों पर चल रहे 516 केंद्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अगस्त तक मध्यभारत प्रांत के 31 जिलों में 264 स्थानों पर 516 बाल गोकुलम के अंदर चलाए जा रहे हैं और भविष्य में प्रांत के अन्य जिलों और विशेषकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहां बच्चों को पढ़ाई में बाधा आ रही है उन क्षेत्रों  तक इन केंद्रों को चलाने की योजना है. इन गोकुलम केंद्र की सहायता से हजारों विद्यार्थी नियमित अपनी कक्षाएं ले रहे हैं। गोकुलम केंद्रों में बच्चों को नियमित गृह कार्य दिया जा रहा है और दूसरे दिन गृह कार्य को जांच कर बच्चों को सभी विषय अलग-अलग रूप से पढ़ा रहे हैं। 

सुशांत की मौत पर मध्यप्रदेष में गर्माई सियासत


रिया के बचाव में उतरी कांग्रेंस, भाजपा ने जताया विरोध

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की मौत के मामले पर मध्यप्रदेष में सियासत गर्मा गई है। प्रदेष के पूर्व मंत्री पी सी ष्षर्मा ने आरोप लगाया कि महाराश्ट की सरकार को बदनाम करने के का आरोप लगाया और रिया के बचाव करते नजर आए। वहीं भाजपा ने इसका विरोध किया। प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछा की वे यह बताएं कि वे किस उद्योगपति को बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं।
बिहार, महाराश्ट के बाद अब मध्यप्रदेष में अभिनेता सुशांत की हत्या पर सियासत तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मंत्री पी सी ष्षर्मा ने आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह के परिवार को पहले मुंबई पहुंचना चाहिए था, रिया ने अकेले सुशांत का साथ दिया है। उन्होने कहा कि सुशांत था एक हट्टा कट्टा व्यक्ति था उसकी हत्या कौन कर सकता है? शर्मा ने कहा कि सीबीआई से नहीं रा से भी जांच सरकार करवा ले, यह सिर्फ एक चुनावी मुद्दा है, ये मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है। उन्होने कहा कि सुशांत को कोई नहीं मार सकता वो एक मजबूत लड़का था। 7-8 बंदो को तो वो अकेला ही निपटा लेता। उन्होंने कहा कि  इस मामले पर सिर्फ राजनीति हो रही है, बिहार सरकार महाराष्ट्र सरकार को बदनाम कर रही है,
किस उद्योगपति को बचाने का प्रयास कर रहे कमलनाथ
वहीं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के इस बयान पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि, आखिर कमलनाथ बताएं, वो कौन से उद्योगपतियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।  कांग्रेस क्या सीबीआई से बड़ी हो गई है, जो देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी को इंस्ट्रक्ट करेगी। 

गुरुवार, 27 अगस्त 2020

मिलावटखोरों, कालाबाजारी करने वालों के हौसले हुए बुलंद


प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने एक बयान में आरोप लागतें हुए कहा कि जब - जब प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, किसान परेशान हुआ है और भ्रष्टाचारी, घोटालेबाजों , मिलावटखोरो व कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हुए है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का किसान विरोधी चेहरा रोज सामने आ रहा है। जिस दिन से प्रदेश में भाजपा की सरकार काबिज हुईं है, प्रदेश का किसान उसी दिन से परेशान हो चला है। आज प्रदेश में यूरिया का जमकर संकट बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों को यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है। यूरिया की कालाबाजारी जमकर जारी है। किसानों को महंगे दामों पर यूरिया खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। खाद के लिये लाइनों में लगा किसान पुलिस की लाठियां भी खा रहा है।
नाथ ने बताया कि एक तरफ किसान इस महामारी में लंबी - लंबी लाइन लगाकर एक - एक बोरी खाद के लिए भटक रहा है , वही दूसरी और किसानों को मिलने वाली खाद को भूमिहीनो व मृतकों के नाम पर फर्जी तरीके से आवंटित कर लाखों क्वींटल खाद को भाजपा समर्थित व्यापारियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर ठिकाने लगाया जा रहा है , इसके प्रमाण भी प्रदेश के कई हिस्सों से सामने आ चुके है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूरिया की जमकर कालाबाजारी हो रही है , प्रदेश में अमानक खाद की बिक्री भी चरम पर है। किसान एक - एक बोरी खाद के लिये परेशान है वही शिवराज सरकार कुंभकर्णी नींद में सोयी हुई है। मुख्यमंत्री सिर्फ जुबानी चेतावनी व धमकियों से काम चला रहे है। जमीनी धरातल पर कालाबाजारी व मिलावट खोरी रोकने के कोई इंतजाम नहीं है । किसान परेशान होकर सड़कों पर उतर रहा है।
उन्होंने सरकार से माँग कि वे मैदान में जाकर जमीनी हकघ्ीकघ्त देखे। प्रदेश में किसान भाइयों को मिलावट रहित यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं अन्यथा कांग्रेस किसानो के समर्थन में , सरकार की किसान विरोधी नीतियो के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।

भाजपा के आरोपों का जवाब देनी कमलनाथ की पेन ड्राइव


भाजपा पर बोला हमला, कर्जमाफी को लेकर गलत जानकारी दे रही भाजपा


मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल आक्रामक हो गए है। आज राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस किसान कर्ज माफी को लेकर गलत जानकारी दे रही है, वह सभी जानकारी हम एक पेन ड्राइव  में देंगे। इस पेन ड्राइव  किसान कर्ज माफी का पूरा डाटा है। पेन डाइव भाजपा के आरोपों का जवाब देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आज अपने निवास पर आयोजित बैठक के पहले मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हम  एक पेन ड्राइव जारी करने जा रहे हैं इस पेन ड्राइव में किसान कर्ज माफी का पूरा डाटा है। यह पेन ड्राइव भाजपा के आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमने पिछले 4 महीनों में पूरा समय लगाकर अपने संगठन को मजबूत किया है।  उपचुनाव को मैं उपचुनाव और आम चुनाव नहीं मानता हूं, यह चुनाव प्रदेश की प्रतिष्ठा का चुनाव है। उन्होंने कहा कि यह मेरा संदेश है मध्यप्रदेश के हर मतदाता से कि मध्यप्रदेश का चित्र उनके सामने है 15 साल का चित्र उनके सामने है और हमारे 15 महीनों का चित्र उनके सामने हैं, जिनमें हमने परिचय दिया है, अपने नीति और चरित्र का।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता कमलनाथ का साथ ना दें, कांग्रेस पार्टी के साथ ना दे, मगर सच्चाई का साथ दें। कमलनाथ ने कहा कि सौदे की राजनीति से चुनाव कितना कलंकित हुआ है बनी हुई सरकार का सौदा किया गया यह सब कहते हैं। क्या यह भाजपा वाले जनता से भी कहेंगे कि हमने सौदा किया है, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है। यह तो नहीं कह सकते कि उन्होंने सौदा किया है, अब कहेंगे कि कर्जा माफ नहीं हुआ। पूरी बात स्पष्ट है इसलिए मेरे पास पेन ड्राइव है और यह पेन ड्राइव में सबको देना चाहता हूं।
पुलिस अपनी वर्दी और कर्मचारी ष्षपथ की इज्जत रखें
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि सच्चाई का साथ दें। उन्होंने ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और अनुमति निरस्त करने पर हमला बोलते हुए कहा कि यह प्रशासन का दुरुपयोग करेंगे, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि पुलिस अपनी वर्दी और कर्मचारी अपनी शपथ की इज्जत रखें। उन्होंने कहा कि राजनीति बिकाऊ है, तो सब कुछ बिकाऊ है। मेरा प्रयास था कि मध्यप्रदेश की नई पहचान बने। माफिया और मिलावट से मध्यप्रदेश की पहचान ना बने। 

अपनी सरकार को ले उड़ी कमलनाथ की आंधी


गृह मंत्री ने कहा कांग्रेसी बड़ी बैठकें कर  सकते हैं, बड़ा प्रदर्शन नहीं

मध्यप्रदेष के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को ग्वालियर गए कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि ये नेता पालीटिकल पर्यटन के लिए गए थे। कांग्रेसी बड़ी बैठकें तो कर सकते हैं, बड़ा प्रदर्शन नहीं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ की आंधी अपनी ही सरकार को ले उड़ी।
गृह मंत्री ने ये बात आज अपने निवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कही।  भाजपा की तर्ज पर ग्वालियर में कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एन पी प्रजापति, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह, सज्जन वर्मा और जयवर्धन सिंह ने कांग्रेस का सदस्यता अभियान का बिगूल फूंका। कांग्रेस के इस अभियान को लेकर गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर में कांग्रेसी नेता पालिटिकल पर्यटन के लिए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कार्यक्रम में कांग्रेस बी टीम के लोग थे और वहां सदस्यता का कहकर कुछ और किया गया। कमलनाथ सरकार में विकास की आंधी चलने के कांग्रेस नेताओं के बयान को लेकर मंत्री ने कहा कि कमलनाथ की आंधी अपनी ही सरकार को ले उड़ी, कांग्रेस बस बड़ी बैठक कर सकती है, प्रदर्शन बड़ा नहीं कर सकते।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के नेता केवल टवीट ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी अपना लोकतंत्र नहीं बचा पाई वे देष क्या बचाएंगंे। बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि भाजपा ने बिजली उपलब्ध कराई और कांग्रेस देश को चिमनी चंबल युग में ले गई है, हमने संबल जैसी योजनाएं दी हैं, जिससे लोगों को राहत मिली। या तो कांग्रेस मुक्त भारत होगा या गांधी मुक्त कांग्रेस होगी।
शिकायत मिलने पर थानों पर ही होगी कार्रवाई
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सख्त लहजे में कहा है कि कलाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, शिकायत मिलने पर थानों पर भी होगी कार्रवाई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में यूरिया और राशन की कालाबाजारी करने वाले सीधे जेल भेजे जाएंगे। यदि किसी क्षेत्र में यूरिया या राशन की कालाबाजारी पाई गई तो उस क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

बुधवार, 26 अगस्त 2020

जनता के बीच जाए कांग्रेस, सही आंकलन करेंः नरोत्तम


मध्यप्रदेष के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के पोल खोल अभियान को लेकर कहा कि कांग्रेस जनता के बीच जाए और सही आंकलन करें, पता चल जाएगा, सही क्या है।
भाजपा द्वारा चलाए गए तीन दिन के सदस्यता अभियान पर कंाग्रेस द्वारा उठाए गए सवालोंको लेकर आज मीडिया से चर्चा करते हुए गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हम कह रहे हैं, हुआ है और वे कह रहे हैं नहीं हुआ। इसमें उलझने के बजाय कांग्रेस जनता के बीच जाए और सही आंकलन करें पता चल जाएगा। कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को लेकर उन्होंने षायराने अंदाज में कहा कि
 नाजो अंदाज से कहते हैं कि जीना होगा
जहर भी देते हैं तो कहते हैं कि पीना होगा
जब पीते हैं तो कहते हैं कि मरता भी नहीं
जब मरते हैं तो कहते हैं  कि जीना होगा।
 कांग्रेस की आज यही स्थिति हो गई है।
राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा गोविंद सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि गोविंद सिंह मेरे बड़े भाई और मित्र हैं। कांग्रेस में उनकी उपेक्षा सदा से होती रही है। चाहे विभाग देने की बात हो या नेता प्रतिपक्ष बनाने की। कांग्रेस  उनके साथ यूज एंड थ्रो की नीति अपनाती है। मेरी सहानुभूति गोविंद सिंह के साथ है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह का संघ और देश के प्रति क्या नजरिया है और संघ का देश के प्रति क्या नजरिया है, यह सभी जानते और समझते हैं। इसलिए दिग्व्जिय सिंह की बातों का कोई अर्थ नहीं है।

बाबा साहब विरोधी होते हैं संघम शरणम् गच्छामि


दिग्विजय का सिंधिया पर तंज

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर पहुंचकर संघ संस्थापक हेडगेवार के स्मृति भवन जाने और संघ पदाधिकारियों से मुलाकात पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तंज कसा कि जो बाबा साहब विरोधी होते हैं, वे संघम् शरणम् गच्छामि होते है।
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को नागपुर प्रवास पर थे। उन्होंने इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक हेडगेवार के स्मृति भवन का दौरा किए थे। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तंज कसा है। दिग्विजय सिंह ने टवीट कर कहा कि नागपुर आकर श्रद्धालु बाबा साहब अम्बेडकर के स्मारक जाकर बुद्धम् शरणम् गच्छामि होते हैं और बाबा साहब विरोधी आरएसएस कार्यालय जाकर संघम् शरणम् गच्छामि होते हैं।
गौरतलब है कि राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया नागपुर दौरे के दौरान हेडगेवार के घर भी गए थे, जहां उन्होंने कहा कि हेडगेवार स्मृति भवन राष्ट्र को समर्पित एक केंद्र है।. देश में हर कोई यहां से प्रेरित है। सिंधिया कांग्रेस छोड़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उसके बाद पहली बार उन्होंने नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेडगेवार स्मारक का दौरा किया। उनके इस प्रवास को लेकर प्रदेष के भाजपा नेताओं में भी हड़कंप मचा हुआ है।
मजबूती तलाषने संघ में गए तो ठीक है
राज्य के पूर्व मंत्री और लंबे समय से असंतुश्ट चल रहे अजय विष्नोई ेने सिंधिया के संघ नेताओं से मिलने को लेकर कहा कि जो आज भाजपा में जुड़ा है, अगर मजबूती तलाशने संघ मुख्यालय जा रहा है, तो गलत क्या है, ठीक है। उन्होंने कहा कि सिंधिया बहुत तेजी के साथ भाजपा की विचारधारा को आत्मसात करने में लगे हुए हैं। 


उमा के टवीट पर पूर्व मंत्री ने कहा मंुडन कराएं उमा


सोनिया गांधी को लेकर किए टवीट पर किया पलटवार


मध्यप्रदेष में इन दिनों नेताओं के बीच टवीटवार छिड़ा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी इसमें सक्रिय हैं। उन्होंने सोनिया गांधी को लेकर एक टवीट किया जिस पर राज्य के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि गंगा की सफाई नहीं हुई है, उमा भारती को मुंडन कराना चाहिए।
 पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टवीट कर लिखा है कि सोनिया गांधी  भारत में पैदा नहीं हुई। यही कारण है कि हमने इस प्रकार का माहौल बनाया, जिससे वो भारत की प्रधानमंत्री नहीं बन सकीं। लेकिन एक महिला के नाते वह बहुत शालीन एवं ममतामयी हैं। .मैं उनका बहुत आदर करती हूं, वह एक अच्छी बहु, अच्छी पत्नी एवं अच्छी माॅं रही हैं। मैंने अपने लिए भी उनमें ममत्व का भाव देखा है मगर इन कारणों से वह भारत की नेता तो नहीं बन सकतीं हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री के इस टवीटपर आज राज्य के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने उमा भारती को अपना वचन याद दिलाते हुए कहा कि उमा भारती ने गंगा की सफाई को लेकर वचन दिया था, अपना वचन पूरा नहीं कर पाई अब उन्हे मुंडन करा लेना चाहिए। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के संघ मुख्यालय पहुंचने पर उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि सिंधिया संघ मुख्यालय जाने के पहले रानी लक्ष्मीबाई की समाधी पर जाते। उन्होंने कटाक्ष किया कि अब सिंधिया श्रीमंत नहीं रहे, अभी तो वे अमित ष्षाह के यहां चक्कर लगाएंगे, मोदी के यहां चक्कर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि सिंधिया को झूठ बोलने की टेनिंग देने के बाद ही भाजपा मेंष्षामिल किया गया है। 

यूरिया, राशन की कालाबाजारी पर सख्त हुए मुख्यमंत्री

अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देष

मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान आज यूरिया और राषन की कालाबाजारी को लेकर सख्त हो गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिए कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आज मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ईओडब्ल्यू के अधिकारियों को भी बुलाया गया । मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस मामले को गंभीरता से ले रहा हूं, जो कालाबाजारी कर रहे हैं उनसे सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि यूरिया और राशन में कालाबाजारी को लेकर शिकायत आ रही है, मैं पूरा मामला गंभीरता से ले रहा हूँ, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राशन और खाद्य में कालाबाजारी शून्य हो, ऐसी व्यवस्था करे। जो कालाबाजारी कर रहे है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाई करे ,गुड गवर्नेस यही है कि लोगो को दिक्कत न जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को धाराएं बताकर कहा कि कालाबाजारी करने वालांे के खिलाफ इन धाराओं पर कार्यवाई करें। अपराधियों पर मुकदमे और वाहन राजसात करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था की समीक्षा हो, भविष्य के लिए खाद्य की एडवांस व्यवस्था हो हमने सिस्टम ठीक कर दिया था, लेकिन बीच में कांग्रेस की सरकार आने से गड़बड़ हो गई । खाद्य की कालाबाजारी समाप्त हो गई थी, तकनीक का उपयोग हो। कालाबाजारी में पहले हुई एफआईआर का आउटकम दे। कब कितने अधिकारी कर्मचारी सस्पेंड हुए, कब बहाल हुए, सारी जानकारी मुझे उपलब्ध कराएं । डीलर जो कालाबाजारी कर रहे है उनके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन हो।
पूर्व  कृषि  मंत्री ने किया हमला
राज्य के पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा  कि मेरे कृषि मंत्री रहते यूरिया की कालाबाजारी और नकली खाद बेचने वालों पर जमकर कार्रवाई हुई थी। नकली खाद और बीज बेचने वालों के खिलाफ रासुका लगाया गया था।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया था, लेकिन अब भाजपा की सरकार आते ही किसानों के साथ अन्याय फिर शुरू हो गया है और माफिया सक्रिय हो गए है। प्रदेष में यूरिया की जमकर कालाबाजारी हो रही है, सरकार इसे रोक नहीं पा रही है।

मंगलवार, 25 अगस्त 2020

भाजपा का दावा, तीन दिन में बने 76 हजार नए सदस्य


कांग्रेस ने दावे को बताया फर्जी

मध्यप्रदेष में भाजपा के द्वारा तीन दिन तक चलाए गए सदस्यता अभियान को लेकर राजनीति गर्मा गई है। भाजपा ने यह दावा किया है कि तीन दिन के इस सदस्यता अभियान में पार्टी में 76 हजार नए सदस्यों ने सदस्यता ली है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा के इस दावे को फर्जी बताया है।
ग्वालियर चंबल अंचल में भाजपा का तीन दिवसीय सदस्यता अभियान समाप्त हो गया। अभियान के समाप्त होने के बाद आज प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा ने दावा किया कि तीन दिन तक चले इस अभियान में 76 हजार से ज्यादा सदस्य बनाए गए है।ष्षर्मा ने टवीट कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने का दावा पेश करते हुए बताया है कि कुल 76,731 ऐसे कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। शर्मा द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार ग्वालियर में 18,334, मुरैना में 24,989, गुना में 19,563 तो वहीं भिण्ड में 13,475 कांग्रेस के सदस्यों ने अब भाजपा में ष्षामिल हुए हैं।
वहीं प्रदेष भाजपा अध्यक्ष के इस दावे को कांग्रेस ने फर्जी  करार दिया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा की सदस्यता का दावा फर्जी है। भाजपा लिस्ट जारी करे किसको सदस्यता दिलाई है। इनमें कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता कोई पदाधिकारी नहीं है। भाजपा ने फर्जी सदस्यता करवाई है, जो भी शामिल हुए वह उन्हीं के पूर्व कार्यकर्ता एवं नेता हैं।
ट्रांसपोर्ट यूनियन की मांगें माने सरकार
पूर्व मंत्री ष्षर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है, कोरोना में इन्होंने जनता की सेवा की, इनकी सभी मांग पूरी हो। ड्राइवर-कंडक्टर को सरकार आर्थिक सहायता दें, ट्रांसपोर्ट यूनियन की मांग माने, टैक्स माफ करें।  शर्मा ने कहा कि वही प्रदेश में कोरोना को लेकर प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं भोपाल में बढ़ रहे मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को लेकर दावेदार हुए सक्रिय


विंध्य से ज्यादा दावेदार, मालवा, महाकौषल से एक एक विधायक की दावेदारी

मध्यप्रदेष विधानसभा के सत्र की तारीख तय होने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए दावेदारों भी सक्रिय हो गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए इस बार विंध्य अंचल से दावेदारों की ज्यादा सक्रियता नजर आ रही है। वहीं विंध्य और महाकौषल से एक एक विधायक भी इस पद के लिए सक्रिय बताए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेष विधानसभा के सितंबर माह में होने वाले सत्र में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना है। भाजपा में इसके लिए मंथन का दौर भी षुरू हो गया साथ ही दावेदार भी सक्रिय नजर आने लगे हैं। वैसे अध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा सीताषरण  षर्मा का नाम आगे बताया जा रहा हैं, उनके नाम पर मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान की सहमति भी हो सकती है। इसके पीछे तर्क यह है कि वे पिछली बार सदन का संचालन कर चुके हैं, मगर इस बार उनकी राह में विंध्य के नेता रोड़ बनते नजर आ  रहे हैं। विंध्य अंचल के नेता वैसे तो मंत्रिमंडल में पर्याप्त स्थान न मिलने से पहले से ही नाराज चल रहे हैं, अब अगर इस बार भी उन्हें मौका नहीं मिला तो नाराजगी बढ़ सकती है। विध्य अंचल से केदार शुक्ला, नागेंद्र सिंह नागौरी और गिरीश गौतम शामिल है। नागौरी 5 बार से विधायक हैं। जबकि गौतम और ष्षुक्ला 4 बार के विधायक हैं। इनके अलावा पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री के समर्थक माने जाने वाले राजेन्द्र ष्षुक्ला भी इस पद के लिए सक्रियता दिखा रहे हैं।  वहीं महाकौषल से पूर्व मंत्री अजय विष्नोई का नाम सामने आ रहा है। वे भी लंबे समय से मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर असंतुश्ट नेताओं में ष्षामिल हैं, जबकि मालवा से यशपाल सिंह सिसोदिया के नाम की भी चर्चा है।
उपाध्यक्ष के लिए कम हैं दावेदार
भाजपा में विधानसभा अध्यक्ष के लिए ज्यादा दावेदार है, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या कम है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि अगर परंपरा का निर्वाह करते हुए उपाध्यक्ष पद भाजपा विपक्ष को देती है तो इस पद पर विपक्ष के किसी नेता का नाम होगा। मगर इसकी संभावना कम है। बताया जाता है कि भाजपा असंतुश्ट नेताओं को साधने के लिए इस बार ऐसा नहीं करेगी। अगर यह फैसला हुआ तो भाजपा इस पद पर आरक्षित वर्ग से अनुसूचित जनजाति के विधायक को मौका दे सकती है। इनमें प्रदीप लारिया, देवेन्द्र वर्मा, हरीषंकर खटीक में से किसी का नाम सामने आ सकता है।

कांग्रेस में लोकतंत्र होता तो गुलाम शाम तक आजाद होते


गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर तंज
सीडब्ल्यू सी की बैठक में सोनिया गांधी को फिर से अध्यक्ष बनाए जाने और बैठक के दौरान मची अंतर्कलह को लेकर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस में अगर लोकतंत्र होता तो गुलाम शाम तक आजाद हो जाते।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज राजधानी में अपने निवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कांग्रेस की सीडब्लयू सी की बैठक को लेकर कहा कि  ये सब कुछ पहले से ही स्क्रिप्टेड था, जो पहले बोला था वही हुआ। कांग्रेस की तो 6 महीने बाद की भी स्क्रिप्ट तैयार है। उन्होंने कहा कि पता नहीं ये लोग ऐसे कर्मकांड क्यों करते हैं।  उन्होंने सोनिया गांधी के फिर से अध्यक्ष बनने को लेकर कहा कि हेडमास्टर का बेटा इस बार रह गया, लेकिन हेडमास्टर ही फ़र्स्ट आ गया। बैठक के दौरान मची अंतर्कलह पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अगर लोकतंत्र होता तो बैठक वाले दिन ष्षाम तक गुलाम, आजाद होते। उन्होंने कहा कि हुआ यह कि पुराने कांग्रेसी कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजात तक गददारों की श्रेणी में आ गए। मुख्यमंत्री कमलनाथ के सोनिया गंाधी को अध्यक्ष बनाए रखने की मंषा को लेकर उन्होंने कहा कि  वो बुजुर्ग हैं और उनकी आस्था अलग है।  उन्होंने ट्वीट करके अपनी आस्था बताई थी और उनकी बात मानी गई।
कांग्रेस खुद ही अपनी खोलेगी पोल
ग्वालियर चंबल अंचल में भाजपा के सदस्यता अभियान को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों और पोल खोल अभियान चलाने को लेकर उन्होंने कहा कि जो हुआ वह सबके सामने, मीडिया के भी सामने हुआ। कांग्रेस यह अभियान चलाकर खुद की पोल खोलेगी।
कांस्टेबल को आवास उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पुलिस विभाग में हर कांस्टेबल को तीन साल में आवास उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। आवास निर्माण को लेकर अधिकारियों से विचार विमर्ष किया जाएगा। हम अधिकारियों से चर्चा करेंगे कि कोरोना काल में कैसे संषाधन जुटाकर इस काम को कैसे ष्षुरू करें। 

सोमवार, 24 अगस्त 2020

कांगे्रस वह विद्यालय, जहां फ़र्स्ट तो हेडमास्टर का बेटा ही आएगा


मंत्री नरोत्तम ने कहा कांग्रेस टूटी है, बिखरी है, दोश किसी पर मत डालो

प्रदेष के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस में राश्टीय अध्यक्ष को लेकर दिल्ली में चली उठापटक पर कहा कि कांग्रेस वह विद्यालय है, जहां विद्यार्थी कितनी भी मेहनत कर ले, फ़र्स्ट तो हेडमास्टर का बेटा ही आएगा। कांग्रेस अब टूटी है, बिखरी है, दोश किसी पर मत डालो।
प्रदेष के गृहमंत्री डा मिश्रा ने  कांग्रेस राश्टीय अध्यक्ष को लेकर उठे सवालों पर कहा कि  कांग्रेस में बहुत सारे योग्य उमीदवार है, सोनिया गांधी ,राहुल गांधी,प्रियंका वाड्रा, रेहान वाड्रा कई योग्य उमीदवार है। तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को यह समझना जरूरी है कि कांग्रेस वो विद्यालय है, जहां कार्यकर्ता कितना ही पढ़े, लेकिन फ़र्स्ट तो हेडमास्टर का बेटा ही आएगा। उन्होंने कहा कि वास्तव में कांग्रेस अब बिखर गई है। इसलिए अपना दोष दूसरों पर डाल रही है। वहीं सिंधिया के विरोध पर उन्होने कहा कि ये सभी विरोध सिर्फ कांग्रेस के इस्पांसर कार्यक्रम है और कुछ नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ज्योतादित्य सिंधिया को लेकर किए गए ट्वीट पर गृह मंत्री ने कहा कि कमलनाथ ने सिंधिया को धोखा दिया है। धोखा देकर पहले वो खुद मुख्यमंत्री बन गए। इसलिए उन्हें लग रहा है कि भाजपा में भी ऐसा हुआ है। कि सुंदर मोड़ा देखकर बुजुर्ग से शादी कर दी। ग्वालियर में ज्यातिरादित्य सिंधिया के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्षन पर उन्होंने कहा कि ये सभी प्रायोजित कार्यक्रम का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अभी एक दो महीने रूकों, फिर हम आपको बताएंगे समर्थन। 

पवैया के टवीट से भाजपा में हड़कंप


कहा सांप की दो जीभ होती है और आदमी की एक

मध्यप्रदेष भाजपा में लंबे समय से नाराज चल रहे पूर्व मंत्री और सिंधिया के कट्टर विरोधी जयभान सिंह पवैया की नाराजगी आज फिर एक बार दिखाई दी है। इसके पहले रविवार को ग्वालियर में मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहानए ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हुई पवैया की साथ बंद कमरे में बैठक के बाद यह लग रहा था  कि पवैया की नाराजगी दूर हो जाएगीए मगर आज उन्होंने टवीट कर संकेत दिए कि वे अपने सिद्धांतों पर ही चलने वाले है। पवैया के इस टवीट के बाद भाजपा में फिर हड़कंप मच गया है।
भाजपा का तीन दिवसीय सदस्यता अभियान इन दिनों ग्वालियर चंबल अंचल में चल रहा है। अभियान में मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहानए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमरए ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित बड़े नेता ग्वालियर में हैं। रविवार को पवैया के साथ बैठक कर इन नेताओं ने उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया था। बैठक के बाद ऐसा लगा भी था कि पवैया सबकुछ भूल जाएंगेए मगर ऐसा लगता नहीं है। आज फिर पवैया ने एक टवीट कर भाजपा की ंिचता को बढ़ा दिया है। पवैया ने टवीट कर कहा कि  सांप के दो जीभ होती हैंऔर आदमी के एक ए सोभाग्य से हम तो मनुष्य हैं न । राजनीति में वक्त के साथ दोस्त और दुश्मन तो बदल सक्ते हैं मगर जो सेद्धान्तिक मुद्दे मेरे लिए कल थे वे आज भी हैं । जय श्री राम।
गौरतलब है कि पवैया ष्षुरू से ही महल के खिलाफ रहे हैं और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में ष्षामिल होने को लेकर वे खुद को असहज महसूस कर रहे हैंए वे अपने मुददों को महल के खिलाफ वाली छवि को ष्षायद छोड़ना नहीं चाहते हैं। यही वजह है कि कल की बैठक के बाद आज फिर उन्होंने टवीट कर अपने सिद्धांत की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने खुद फोन कर बुलाया था पवैया को
ग्वालियर दौरे पर गए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रविवार को जयभान पवैया को खुद फोन कर बुलाया और उनसे आधा घंटे चर्चा कीए इसके बाद दोनों भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने चले गए। जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पवैया को पहले नमस्कार किया और उनके कंधे पर प्यार से हाथ रखा। मुलाकात के बाद ऐसा माना जा रहा था कि जयभान सिंह पवैया की नाराजगी दूर हो गई और वो उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी के प्रचार के लिए काम करेंगेण् लेकिन पवैया ने ट्वीट कर फिर से हलचल बढ़ा दी है।
कांग्रेस ने कसा तंजए कहा दो मुंहें सांपों से बचें
पवैया के टवीट के बाद कांग्रेस ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के के मिश्रा ने टवीट कर कहा कि जयभान सिंह पवैया को खुददार इंसान बताया और कहा कि उनके अदम्य साहस को सलाम। उन्होंने कहा कि मित्रों से कह देंए दो मुहें सांपो से बचें।

कांग्रेस को गांधी की ओर लौटना चाहिएः उमा


मध्यप्रदेष की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अस्तित्व अब खत्म हो चुका है। कांग्रेस को मेरी सलाह है कि अब उसे गांधी की ओर लौटना चाहिए। कांग्रेस का नेतृत्व उस व्यक्ति को देना चाहिए जो सचमुच गांधीवादी सोच का व्यक्ति होए जो स्वदेशी गांधी हो।  
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती  ने ये बातें आज प्रदेष भाजपा कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि गांधी.नेहरू परिवार  का अस्तित्व समाप्त हो गया है और कांग्रेस अब अस्तित्वहीन पार्टी है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आज भी तांगेवाले और रिक्शेवाले खुद को नवाब वाजिद अली शाह के खानदान का बताते हैं और खुद को नवाब समझते हैं। इनकी हालत भी वैसी ही हो गई है। यह वाजिद अली शाह के खानदान की तरह ही हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सलाह तो यह है कि कांग्रेस को अब गांधी की ओर लौटना चाहिए। कांग्रेस का नेतृत्व उस व्यक्ति को देना चाहिए जो सचमुच गांधीवादी सोच का व्यक्ति होए जो स्वदेशी गांधी हो और उसमें विदेशी का कोई एलिमेंट नहीं हो। उन्होंने कहा कि मेरी कांग्रेस से अपील है कि विदेशी गांधी से मुक्ति पाओ। मैं चाहती हूं कि परिवारवाद से मुक्ति मिले।नेहरू.गांधी परिवार का वर्चस्व अब खत्म हैण् मैं सोनिया गांधी का सम्मान करती हूं।
रिया चक्रवर्ती का किया बचाव
पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती ने सुषांत सुसाइड केस को लेकर कहा कि मैं नहीं जानती कि रिया चक्रवर्ती कौन हैए जब तक कोई अपराध सिद्ध नहीं होताए इस तरह से किसी पर इल्जाम लगा देना गलत है। मीडिया को और राजनेताओं को इस तरह ट्रायल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोशमुक्त हो जाता है तो बाद में उस पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है। इस मामले में क्षेत्रवाद नहीं करना चाहिए। यह महाराश्टए बिहार या बंगाल की लड़ाई नहीं है। यह एक कलाकार की आत्महत्या का मामला है।  जिसकी जांच सीबीआई कर रही हैए जांच में सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक महिला की इज्जत को ट्रायल   पर नहीं लेना चाहिए। 

सत्य बोलने वालों को कांग्रेस में कहा जाता है गद्दार


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पत्र लिखा कि पूर्णकालिक अध्यक्ष चाहिए, तो राहुल गांधी कहने लगे कि ये गद्दारी है। सत्य कहने वालों को कांग्रेस में गद्दार कहा जाता है। ऐसी पथभ्रष्ट कांग्रेस को कोई बचा नहीं सकता है।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने ग्वालियर में चल रहे सदस्यता अभियान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हांेने कहा कि  कांग्रेस में जो व्यक्ति सोनिया और राहुल  के तलवे चाटे, केवल वही बना रह सकता है, वही वफादार कहलाता है। जो जनता के हित के लिए लड़े, उसे गद्दार घोषित कर दिया जाता है। कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर गांधी परिवार का कब्जा है और प्रदेश स्तर पर नाथ परिवार का कब्जा है। इनके चरणों में गिरे रहो तो काम चलेगा नहीं तो सभी अनाथ हैं। उन्होंने कहा कि राहुल भैया ने ऐसे वादे किए कि लोग लट्टू हो गए। किसानों से कह दिया कि दस दिन में कर्जा माफ होगा, नहीं तो मुख्यमंत्री बदल दूंगा। न किसानों का कर्जा माफ हुआ और न युवाओं से किया रोजगार और बेरोजगारी भत्ता देने का वादा पूरा हुआ।
बेटियां मां बन गई, कन्यादान के रूपए नहीं पहुंचे
उन्होंने कहा कि हम गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 25 हजार रूपए देते थे। कमलनाथ ने कहा कि हम 51 हजार रूपए देंगे। शादी के बाद बेटियां मां बन गई हैं, लेकिन कमलनाथ आज तक बेटियों के खाते में कन्यादान की राशि नहीं पहुंचा सके हैं। मेरे भाई-बहनों, मध्यप्रदेश का समुचित विकास और जनता का कल्याण केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। आपसे आग्रह है कि इस बार भाजपा को इतने वोटों से जिताना कि पिछले सभी रिकॉर्ड टूट जाएं।

ग्वालियर चंबल संभाग को करना है कांग्रेसमुक्त
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उन्होंने नदियों को खोखला किया, जनता के हक का पैसा खाया, योजनाएं बंद की, शराब की अवैध बिक्री धड़ल्ले से की।  वल्लभ भवन में जनता की अदालत की बजाए पदों को बेचने का काम कमलनाथ ने किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अवैध उत्खनन को बढ़ाकर अपनी जेबें भरी। वहीं मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने फैसला लिया कि ग्वालियर और चंबल संभाग में अवैध रेत उत्खनन पूरी तरह से बंद किया जाएगा। सिंधिया ने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाला हर कार्यकर्ता आज यह संकल्प लें कि आगामी उपचुनावों में ग्वालियर और चंबल को पूरी तरह से कांग्रेसमुक्त करना है। 15 माह की भ्रष्ट कमलनाथ की सरकार को सबक सिखाना है।
भाजपा में विचारधारा, कार्यकर्ता को दी जाती है प्राथमिकता
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि भाजपा में विचारधारा और कार्यकर्ताओं को ही सदैव प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि दूसरे दलों से हम अलग हैं, क्योंकि यहां विश्व बंधुत्व और राष्ट्र निर्माण की भावना प्रबल होती है।  उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार में ग्वालियर - चंबल संभाग में कांग्रेस के ही विधायक अपने क्षेत्र में सामान्य सड़क निर्माण तक नहीं करा सके क्योंकि कमलनाथ के पास अपने विधायकों से मिलने का समय नहीं था। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य राष्ट्रवाद के साथ जनसेवा होता है। सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान है कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ें। हमारा उद्देश्य जनता का सेवा भाव होना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उद्देश्य पवित्र हो तो संकल्प सिद्ध होता है। सिंधिया कांग्रेस में कई बड़े पदों पर थे, उन्होंने जनता के साथ अन्याय होते देखा तो अत्याचारी दल का ही त्याग कर जनता के साथ खड़े हो गए।

रविवार, 23 अगस्त 2020

अब समझे किसके पैसों से हुई विधायकों की खरीद


राजधानी में फेथ बिल्डर के यहां हुई छापे की कार्रवाई के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईमानदार चौकीदारों को अब अपना और कोई नाम रख लेना चाहिए। आजकल यह “चैकीदार” मामा  का खास है।   उन्होंने टवीट कर कहा कि अब समझे किसके पैसों से विधायकों की खरीद हुई।
दरअसल फेथ बिल्डर के मालिक से भाजपा नेताओं और एक मंत्री के संबंध को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। इसके बाद आज इस मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ंिसह ने टवीट कर कहा कि ईमानदार चौकीदारों को अब अपना और कोई नाम रख लेना चाहिए। आजकल यह “चैकीदार” मामा  का खास है। क्या कारण है? क्योंकि फेथ बिल्डर का मालिक व्यापमं कांड में शामिल था और उसे मामा ने बचाया? क्योंकि मामा की गाड़ी भी चलाता था। मामा को ऐसे लोगों की जरूरत है। उन्होंने लिखा कि यदि यह सही है तो फिर प्रश्न उठता है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने फेथ बिल्डर पर छापा मारने की इजाजत कैसे दी? यह भाजपा के ही “अंदर की बात”। कुछ समझ में आया ? उन्होंने कहा कि इन्हीं भूमाफिया लोगों पर कमलनाथ ने सख्त कार्यवाही शुरू की थी, जिसके कारण मामा को परेशानी थी जिसका जिक्र मामा ने अपने भाषण में किया था “कमलनाथ की सरकार गिराना जरूरी था, यदि नहीं गिराते तो बर्बाद हो जाते”। अब समझे किसके पैसों से विधायकों की खरीद हुई है।

शिवराज के सातवें मंत्री की आई कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव


मध्यप्रदेष के एक और मंत्री कोरोना पाजिटिव हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डा प्रभुराम चौधरी की कोरोना रिपोर्ट आज पाजिटिव आई है। इसकी जानकारी उन्होंने टवीट कर दी है। डा चौधरी शिवराज सरकार के सातवें ऐसे मंत्री हैं, जिनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई है।
राज्य के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव के बाद अब स्वास्थ्य मंत्री डा प्रभुराम चौधरी भी कोरोना पाजिटिव हो गए हैं। मंत्री की रिपोर्ट आज पाजिटिव आने के बाद उन्होंने टवीट कर यह जानकारी दी है। डा चौधरी ने टवीट किया कि  मेरी कोविड की रिपोर्ट टेस्ट के बाद पॉजिटिव आई है। मेरा सभी से निवेदन है जो भी मेरे संपर्क में आए हैं, वह कोरोना टेस्ट करवा लें। मेरे निकट संपर्क वाले लोग क्वारनटीन में चले जाएं। आप सभी की प्रार्थना एवं आशीर्वाद से जल्द आप सभी के बीच उपस्थित होकर फिर जन सेवा के कार्यों में लगेंगे।
उल्लेखनीय है कि षिवराज मंत्रिमंडल के छह मंत्री पहले ही कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। स्वास्थ्य मंत्री सातवें ऐसे मंत्री है जिनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई है। अब तक अरविंद भदोरिया, तुलसी सिलावट, गोपाल भार्गव, विश्वास सारंग, मोहन यादव और रामखेलावन पटेल कोरोना संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान, प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा और संगठन मंत्री सुहास भगत भी कोरोना पाजिटिव हो चुके हैं।
विधायक विजयपाल सिंह भी हुए अस्पताल में भर्ती
होषंगाबाद जिले की सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजयपाल सिंह भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें राजधानी के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   विधायक विजयपाल सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने अपने संपर्क आये लोगों से अपील कर कहा सभी अपनी जांच करा लेें।

गरीबों के कल्याण की योजनाएं बंद करने का पाप किया कमलनाथ सरकार ने


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने ग्वालियर चंबल प्रवास के दूसरे दिन भी पूर्व की कमलनाथ सरकार पर हमला बरकरार रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों से कर्जमाफी का वादा नहीं निभाया और बेरोजगारी भत्ता के नाम पर युवाओं को भी धोखा दिया।  गरीबों के कल्याण की योजनाएं बंद करने का पाप करने वाली कमलनाथ सरकार को जनता सबक सिखाएगी।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने यह बात आज ग्वालियर मेला ग्राउंड पर आयोजित सदस्यता अभियान समारोह में कही। उन्होंने कहा कि चंबल एक्सप्रेस वे को अब अटल बिहारी वाजपेयी प्रोग्रेस वे के नाम से जाना जाएगा। यह केवल सड़क नहीं होगी, बल्कि मुरैना, भिंड, श्योपुर के विकास का नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों से कर्जमाफी का वादा नहीं निभाया और बेरोजगारी भत्ता के नाम पर युवाओं को भी धोखा दिया।  गरीबों के कल्याण की योजनाएं बंद करने का पाप करने वाली कमलनाथ सरकार को जनता सबक सिखाएगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल में टैक्स नहीं आ रहे हैं, लेकिन मैंने 22 सौ करोड़ रुपए फसल बीमा का प्रीमियम जमा करके 31 सौ करोड़ किसानों के खाते में जमा करवा दिया। सितंबर पहले सप्ताह में साढ़े 4 हजार करोड़ रुपए और किसानों के खाते में जमा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कोई पार्टी नहीं, बल्कि एक परिवार है। आज इस परिवार के सदस्य बने, सभी भाई-बहनों का दोनों बांहें फैलाकर स्वागत करता हूं। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश का विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि कमलनाथ से जब-जब भी विकास और जनता के कल्याण के कार्यों की बात की जाती थी, तो वे पैसों का रोना रोने लगते थे। प्रदेश के 37 लाख नए लोगों का नाम जोड़कर 1 सितंबर से निशुल्क राशन देना प्रारम्भ कर दिया जाएगा। मेरे सीने में प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण की तड़प है। मेरे साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी हैं। हम एक और एक, ग्यारह नहीं, बल्कि 111 हैं।
मैं उनके काले कारनामे अच्छे से जानता हूं
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारी अपेक्षा कभी कुर्सी या पद की लालसा नहीं थी, हमारी अपेक्षा थी कि ग्वालियर, चंबल समेत पूरे मध्यप्रदेश का सर्वांगीण विकास होगा। गरीब जनता को उनका वाजिब हक मिलेगा लेकिन कांग्रेस ने जनता को धोखा दिया। सिंधिया ने कहा जो मुख्यमंत्री जनप्रतिनिधियों का तथा अपने प्रदेश की जनता का सम्मान और विश्वास नहीं कर सकता, उसे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का कोई औचत्य नहीं। जो मध्यप्रदेश का पूरा बंटाधार करे, जो अपने लोगों के साथ अत्याचार और विश्वासघात करे। उस पर जनता विश्वास नहीं करेगी। मैंने कांग्रेस को अंदर से देखा है इसलिए इनके काले कारनामें बहुत अच्छे से जानता हूं।
उपमुख्यमंत्री बनने को कहा था मुझेः सिंधिया
सिंधिया ने  तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 15 महीनों की कांग्रेस में जमकर भ्रष्टाचार हुए। उन्होंने कहा कि हम जनता के सेवक हैं, कुर्सी के सेवक नहीं। मुझसे कहा गया कि उप मुख्यमंत्री बनो, लेकिन मैने इंकार कर दिया, क्योंकि मुझे कुर्सी की लालच नहीं थी। सिंधिया ने कहा कि मेरा सिक्स सेंस पहले से ही कह रहा था, ये लोग प्रदेश का क्या हाल करेंगे। यही कारण है कि मैं इनकी करतूतों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। उन्होंने कहा कि हमारी आशा थी कि प्रगतिशील सरकार बनेगी, लेकिन 15 महीने की सरकार ने जमकर भ्रष्टाचार किया। सिंधिया ने आगे कहा कि पिछले 5 महीनों में बहुत कुछ अच्छा गुजरा है और आगे भी अच्छा गुजरेगा।
कमलनाथ के झूठ बोला तो सरकार  चली गई
केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने  कहा कि, कमलनाथ सरकार ने भाजपा की शिवराज सरकार के दौरान शुरू की गई जनहित की सारी योजनाएं बंद कर दी थी। उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी जेबें भरना था, इसका जवाब उन्हें जनता उपचुनाव में देगी। साथ ही पार्टी में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा विचार आधारित दल है, यहां विचारधारा प्रमुख है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने जनता से झूठ बोला और विश्वासघात किया तो इसका परिणाम है कि कांग्रेस सरकार चली गई। उनके झूठे प्रलोभनों को जनता अब जान चुकी है।  इन उपचुनावों में जनता कांग्रेस को वोट की चोट से करारा जवाब देगी।

शनिवार, 22 अगस्त 2020

जरूरतमंदों को नहीं की जा रही मददः पांसे

    
आपदा को अवसर में बदलने की कोषिष कर रही सरकार

प्रदेष के पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद तो नहीं कर रही, बल्कि आपदा को अवसर में बदलने की कोषिष में जुटी है। उन्होंने कहा कि आपदा के इस समय में पीड़ितों को मदद नहीं की जा रही है, वहीं अस्पताल से जो डिस्टार्च हो रहे हैं,उन मरीजों को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था तक नहीं की जा रही है।
पूर्व मंत्री पांसे ने यह बात आज प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में संवददाताओं से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में पिछले लंबे समय से बंद आवागमन के साधनों के कारण लोगों को आने जाने के लिए अन्य साधनों पर आश्रित होना पड़ रहा है। रेल बंद थी, बसें चल नहीं रही इस कारण आज लोग परेषान हो रहे हैं। भोपाल के अस्पतालों में जो मरीज भर्ती होते हैं, उन्हें डिस्चार्ज होने पर घर तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। चार माह में लोगों द्वारा आत्महत्या करने के मामले बढ़े हैं, नौकरियां जाने से लोग बैंकों की किस्तें पटा नहीं पा रहे हैं। इस स्थिति में भाजपा को लोगों से ज्यादा उपचुनाव की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बसों के संचालन की अनुमति दिए जाने के बाद भी बसों का संचालन नहीं हो रहा है। बस मालिक टैक्स कम करने की मांग पर अड़े हैं, सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है।
पांसे ने कहा कि ग्वालियर में आज भाजपा का बड़ा आयोजन हुआ, ये समारोह तीन दिन चलेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसे नए नवेले नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार के लाकडाउन को तोड़कर जनता की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफतारी को लेकर उन्होंने कहा कि यह इमरजेंसी जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि मिस्डकाल का सदस्यता अभियान फर्जी सदस्यता अभियान है। जहां जहां पर इस तरह के अभियान चलाए गए है, वहां पर इनकी सरकारें गिरी हैं।

अब नाथ खुद मिलने जाएंगे पदाधिकारियों से


उपचुनाव को लेकर लिया फैसला, कार्यकर्ता से भी करेंगे चर्चा



मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने सक्रियता दिखानी षुरू कर दिया है। दोनों ही दलों ने अब सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं के अलावा विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों से सीधा संपर्क स्थापित करना ष्षुरू कर दिया है। भाजपा जहां वर्चुअल बैठकों से पदाधिकारियों से जुड़ रही है,वहीं कांग्रेस सीधे तौर पर जिलों के प्रभारियों से संपर्क कर रही है। कांग्रेस में अब यह स्पश्ट हो गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ही सीधे चर्चा करेंगे। उन्होंने इसकीष्षुरूआत भी भिंड और दतियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर की है। उन्होंने यह स्पश्ट कर दिया कि अब वे पदाधिकारियों को भोपाल नहीं बुलाएंगे, बल्कि स्वयं उनसे मिलने वहां पहुंचेंगे।
कांग्रेस ने उपचुनाव को लेकर अब तैयारियां तेज कर दी है। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह स्पश्ट कर दिया है कि वे सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। वैसे कमलनाथ उपचुनाव को लेकर विधानसभा क्षेत्रवार अब तक चार दौर की बैठकें कर चुके हैं, अब फिर से उन्होंने यह सिलसिला ष्षुरू कर दिया है। नाथ ने भिंड और दतिया जिलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उपचुनाव की तैयारियों और संगठन के कामकाज का फीडबैक लिया। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि वह बूथ लेवल पर सबसे ज्यादा ध्यान दें पार्टी कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ प्रचार करें और कांग्रेस सरकार की जन हितेषी योजनाएं जनता को बताए। उन्होंने कहा कि अब वह जिला पदाधिकारियों को भोपाल नहीं बुलाएंगे, बल्कि खुद ही जिलों में आकर बूथ और सेक्टर लेवल के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे।
प्रत्याशी को लेकर चर्चा नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब तक पदाधिकारियों से जो चर्चा की है, उन बैठकों में उन्होंने प्रत्याषी को लेकर किसी भी तरह की कोई चर्चा नहीं की। बल्कि पदाधिकारियों से उपचुनाव की तैयारियों की जानकारी ली। बूथ स्तर पर काम करने की रणनीति के बारे में जानकारी ली और अपनी रणनीति पदाधिकारियों को बताया। बैठकों में उन्होंने संगठन को मजबूत करने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल  की योजनाओं के प्रचार-प्रसार आदि को लेकर चर्चा की है। बताया जाता है कि नाथ ने पदाधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि वे बैठकों में केवल उपचुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे, प्रत्याषी को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं की जाएगी। 


कमलनाथ ने जनता के साथ किया छल


मुख्यमंत्री षिवराज ने ग्वालियर में की सदस्यता अभियान की  शुरूआत


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आरोप लगाया कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए जनता के साथ छल किया। उन्होंने कहा कि उनके पास उद्योगपतियों से मिलने का समय होता था, लेकिन विधायकों, मंत्रियों के लिए कोई समय नहीं होता था।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने यह बात आज ग्वालियर में आयोजित सदस्यता अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कमलनाथ  मुख्यमंत्री रहे तब ग्वालियर नहीं आए, सिर्फ वल्लभ भवन में ही पूरे समय उद्योगपति से मिलते थे।  उनके पास मंत्रियों और विधायकों से मिलने तक का समय नहीं था। कमलनाथ ने जनता के साथ छल किया है।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ से जब विकास की बात कही जाती थी, तो वे पैसे का रोना रोने लगते थे। मेरे भाई-बहनों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ग्वालियर के विकास में मैं पैसे की कोई कमी नहीं आने दूंगा, वही कांग्रेस की नीतियों से परेशान होकर कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने का काम किया। जब भी कांग्रेस के नेता उसका हाथ छोड़ते हैं, तो ये उन्हें बदनाम करने में लग जाते हैं, लेकिन अपनी नीतियों को सुधारने के लिए ये तैयार नहीं होते हैं। ग्वालियर में आयोजित भाजपा सदस्यता ग्रहण समारोह के पहले चरण में 5 हजार 243 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
क्या गददार थे मोतीलाल नेहरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों से परेशान होकर कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने का काम किया। जब भी कांग्रेस के नेता उसका हाथ छोड़ते हैं, तो ये उन्हें बदनाम करने में लग जाते हैं, लेकिन अपनी नीतियों को सुधारने के लिए ये तैयार नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि जनसेवा के लिए कांग्रेस के खिलाफ आवाज उठाना देश से ‘गद्दारी’ नहीं है । उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछा कि क्या  मोतीलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, इंदिरा गांधी, शरद पवार, अर्जुन सिंह, शीला दीक्षित, प्रणब मुखर्जी और अनेकों सम्मानित नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी, क्या उन सभी को आप गद्दार मानते हैं?
वल्लभ भवन में आम जनता के लिए घोषित था लाकडाउन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए वल्लभभवन में आम जनता के लिए लाकडाउन घोशित कर रखा था। केवल व्यापारियों और उद्योगपतियों को ही प्रवेष दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार आगे से कमलनाथ और पीछे से दिग्विजय सिंह चला रहे थे। अंचल के विधायक फिर चाहे वे कांग्रेस के हों या भाजपा के उन्हें घड़ी दिखाकर इषारा किया जाता कि वे जल्दी चले जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान का धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने एक एक विधायक से बात की और करोड़ों के काम उनके क्षेत्रों में कराए हैं। साथ की उन्होंने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की प्रषंसा की और कहा कि उन्होंने चंबल एक्सप्रेस वे जैसे बड़े कार्य की ष्षुरूआत की है। उन्होंने कहा कि वे उस परिवार से आते हैं, जहां पद को महत्व नहीं दिया जाता है, अगर जनता के साथ अन्याय होता है तो वे सड़क पर उतर आते हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता के हित में उन्होंने भाजपा का साथ देना उचित समझा। 

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

फेथ बिल्डर राघवेन्द्र के राजनीतिक संबंधों पर कांग्रेस हुई आक्रामक


मुख्यमंत्री से की मांग मंत्री अरविंद भदौरिया को पद से हटाएं

राजधानी के फेथ बिल्डर के यहां आयकर की छापेमारी के बाद उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर जो खुलासे हो रहे हैं, उसे लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। बिल्डर राघवेन्द्र तोमर की राज्य के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया से नजदीकी का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने मंत्री को पद से हटाने की मंाग की है।
प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में आज प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बिल्डर को लेकर कई रहस्य उठाए और कहा कि यह वही राघवेंद्र तोमर है जो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की गाड़ी चलाते थे उनकी यह तस्वीर उस समय वायरल भी हुई थी। तोमर का नाम व्यापमं घोटाले के प्रीपीजी मामले में सामने आया था, बाद में इन्हें सरकारी गवाह बना लिया गया ?
सलूजा ने कहा कि तोमर की पहुंच सत्ता के शीर्ष पर थी और भाजपा सरकार में वर्तमान में चल रहे ट्रांसफर उद्योग में भी इनकी भूमिका की बातें समय-समय पर सामने आती रही है। कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उनके करीबी रिश्तेदार हैं। उनकी महत्वपूर्ण पोस्टिंग में इनकी भूमिका की बात सामने आती रही हैं।
मौन क्यांे हैं भाजपा के नेता
सलूजा ने कहा कि प्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त और कांगे्रस सरकार के तख्तापलट में जो काली कमाई का उपयोग हुआ है, उसमें बड़ी भूमिका इन्हीं की है। वर्तमान के आयकर छापे कहीं ना कहीं उस काली कमाई की पुष्टि भी कर रहे हैं और कांग्रेस सरकार के तख्तापलट में राघवेंद्र तोमर की भूमिका और काली कमाई की ओर इशारा भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा से सवाल पूछती है कि क्या कारण है इतने बड़े आयकर छापों के बाद भाजपा और उसके जिम्मेदार तमाम नेता मौन धारण किए हुए हैं, कुछ बोलने को तैयार नहीं है? मंत्री अरविंद भदौरिया कह रहे हैं कि मैं सिर्फ राघवेन्द्र तोमर को पहचानता हूं, मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं है। जबकि उनके निकट संबंध व रिश्ते के कई प्रमाण मौजूद हैं और वह किसी से छुपे नहीं है।
तोमर से संबंध रखने वाले मंत्रियों की कराएं जांच
सलूजा ने कहा कि कांगे्रस मुख्यमंत्री से मांग करती है तत्काल मंत्री अरविंद भदौरिया को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाए और कई और भी मंत्रियों के भ्रष्टाचार की काली कमाई उक्त बिल्डर के वहां निवेश के रूप में लगाई गई है, यह बातें भी सामने आ रही हैै। इन सारी बातों की सरकार अपने स्तर पर जांच कराएं और जिन जिन मंत्रियों के निकट रिश्ते उक्त बिल्डर से है, उन सभी मंत्रियों की सरकार अपने स्तर पर जांच कराएं और जांच होने तक उन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर करें। उन्होंने मांग की कि इस बात की भी सरकार जांच कराएं कि कुछ ही वर्षों में उक्त बिल्डरों ने इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की, इनके पास इतनी संपत्ति कहां से आई। 

क्षेत्रीय नेताओं की मान मनौव्वल जुटी भाजपा


क्षेत्रीय प्रभारी जुटे बूथ स्तर की जमावट में

प्रदेष में होने वाले 27 विधानसभा सीटों की तैयारी में जुटी भाजपा ने फिर से नाराज चल रहे क्षेत्रीय नेताओं की मान मनौव्वल का काम तेज कर दिया है। इन नेताओं से संगठन पदाधिकारी सीधे तौर पर बात कर रहे हैं वहीं क्षेत्रीय प्रभारियों को एक बार फिर से बूथ स्तर पर जमावट के लिए सक्रिय किया गया है।
प्रदेष में उपचुनाव को देखते हुए भाजपा में जिस तरह से नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई है,उसे भाजपा ने फिर से गंभीरता से लिया है। खासकर ग्वालियर चंबल अंचल की 16 सीटों पर भाजपा का पूरा  फोकस है। इन सभी सीटों पर भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना भी करना पड़ा था। इसे देखते हुए अब नई रणनीति के तहत भाजपा की टीम मैदान में उतरी है। भाजपा ने पहले तो नाराज चल रहे नेताओं की मान मनौव्वल ष्षुरू कर दी है। इसके लिए संगठन पदाधिकारियों के अलावा प्रदेष अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा और प्रदेष संगठन महामंत्री सुहास भगत स्वयं चर्चा कर रहे हैं। वहीं भाजपा ने क्षेत्र के नेताओं को नाराज चल रहे नेताओं से सीधे संपर्क में रहकर उनसे लगातार वार्तालाप करने को भी कहा है।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क में रहने के लिए पदाधिकारियों ने एक बार फिर वर्चुअल बैठकें ष्षुरू कर दी है।  वर्चुअल बैठकें पहले भी हो चुकी हैं, अब फिर से यह सिलसिला शुरू हुआ है। वहीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों को फिर से संगठन ने बूथ स्तर पर जमावट करने को कहा है। ये प्रभारी अब फिर से सीधे तौर से कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहेंगे और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने मतदाता तक पहुंचेंगे।
योजनाओं और राम मंदिर षिलान्यास को भुनाएगी भाजपा
भाजपा ने उपचुनाव में राम मंदिर षिलान्यास के मुददे को भुनाने की रणनीति तय की है। इसके अलावा क्षेत्रीय विकास की योजनाओं पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा तीन तलाक, जम्मूकश्मीर से धारा 370 हटाने और सरकारी नौकरियों में मध्यप्रदेष के युवाओं को शत- प्रतिशत आरक्षण को भुनाया जाएगा। वहीं हाल ही में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर घोशित किए गए चंबल प्रोग्रेस वे को भी चुनाव का मुददा बनाया जाएगा।

तीन तलाक मामले में मुख्यमंत्री ने कहा बहन को मिलेगा न्याय


पुलिस महानिदेशक को दिए कार्रवाई के निर्देश

राजधानी भोपाल में एनआरआई महिला को व्हाटस एप पर तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने के मामले को मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कहा कि बहन को न्याय मिलेगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे बैंगलूरूश् पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई करें। बताया जाता है कि पुलिस का एक दल जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए बैंगलुरू रवाना होगा।
राजधानी के कोहेफिजा में रहने वाली एनआरआई महिला को 12 जून को तलाक दिया था। इसके बाद वह लगातार पति को मनाने का प्रयास करती रही। बच्चों के बिछुड़ने के बाद से ही वह रिश्ता तोड़ने के पक्ष में नहीं थी। मगर उसका पति मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद पत्नी ने मजबूरन आज कोहेफिजा थाने में षिकायत दर्ज कराई। आरोपी फैज के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।  कोहेफिजा सीएसपी नागेंद्र पटेरिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ के दहेज उत्पीड़न और मुस्मिल विवाह अधिनियम अध्यादेश-2019 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने राज्य के पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी को निर्देश दिए हैं कि वे बैंगलुरू पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई करें।
पुलिस को षिकायत में महिला ने बताया कि उसका   वर्ष 2001 में नूर महल में रहने वाले फैज आलम अंसारी से विवाह हुआ था। उसके बाद वे सिंगापुर चले गए। उन्होंने बताया कि 5 साल तक वहीं रहे। यहां से मलेशिया गए, जहां उन्हें एक बेटा हुआ। वहां से 2012 में वे बेंगलुरू आ गए। 2015 में एक और बेटा हुआ। इसी साल पीठ की तकलीफ के कारण मां को मदद के लिए बेंगलुरू बुला लिया। इसके बाद से ही वे नाराज रहने लगे। 10 जून की रात उन्होंने घर से बाहर निकाल दिया। भोपाल आने के बाद उन्होंने फोन पर तलाक कह दिया।
मुख्यमंत्री ने टवीट कर कही यह बात
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने इस मामले को लेकर टवीट कर कहा कि  मैंने इस संदर्भ में पुलिस महानिदेशक से बात की है कि मध्यप्रदेश पुलिस, बैंगलोर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इस मामले में उचित कार्रवाई करे और हमारी मुस्लिम बहन को न्याय दिलाए। मुख्यमंत्री ने लिखा कि वर्षों की लड़ाई के बाद हमारी मुस्लिम बहनों के स्वाभिमान और न्याय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने  तीन तलाक खत्म करने का कानून बनाया, लेकिन अभी भी कुछ निकृष्ट लोग इस कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं।

गुरुवार, 20 अगस्त 2020

सिर्फ घोषणाओं की राजनीति करती है भाजपाः कमलनाथ


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा सिर्फ   घोषणाओं की राजनीति करती है। उसे जनता को 15 साल का हिसाब देना चाहिए, क्योंकि जनता यह भी चाहती है।
 राजीव गांधी की जयंती के मौके पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने उन्हें याद किया. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे कमलनाथ ने कहा कि भारत में संचार क्रांति की शुरुआत राजीव गांधी ने की थी। इस दौरान उन्होंने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता को 15 साल का हिसाब देना चाहिए, क्योंकि जनता भी यही चाहती है। प्रदेश की सरकारी नौकरियों को केवल मध्यप्रदेष के मूल निवासियों को दिए जाने की घोषणा पर कमलनाथ ने कहा कि भाजपा सिर्फ मीडिया और घोषणाओं की राजनीति करती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की षिवराज सरकार की योजनाओं का कोई सरोकार नहीं होता। भाजपा मुद्दों को मोड़ने की राजनीति कर रही है। जनता को बरगलाने का काम भाजपा सरकार कर रही ह। आरक्षण का फैसला कोर्ट में नहीं टिक पाएगा और यह भाजपा जानती है, लेकिन फिर भी उन्होंने फैसला लिया है।
सावधान रहें प्रदेषवासी
कमलनाथ ने कहा कि मैं प्रदेश वासियों को सतर्क करना चाहता हूँ कि वो सावधान रहें, भाजपा उपचुनाव को देखते हुए रोज एक घोषणा करेगी। जिसका ना सर ना पैर, ना गंभीरता, ना वो धरातल पर आ पायेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ घोषणा रूपी लॉलीपोप देने का काम कर रही है, प्रदेश की भोली- भालीं जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। इनकी घोषणाएँ कभी पूरी नहीं होगी। सिर्फ इसके माध्यम से जनता को भ्रमित करने का ये प्रयास करेंगे। जनता इनकी घोषणाओं की असलियत व सच्चाई जानती है।
सफाईकर्मियों को समर्पित करें पुरस्कार
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 अवार्ड में इंदौर चैथी बार स्वच्छ ष्षहर घोशित किए जाने पर कहा कि इस  सफलता का श्रेय सफाई कर्मचारियों को देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मांग करता हूं कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पुरस्कार पाने सभी शहरों के सभी सफाई कर्मियों को यह पुरस्कार समर्पित करते हुए, उन्हें सम्मान स्वरुप प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा हो। इन पुरस्कारों के असली हकदार वे ही है, मैंने अपनी सरकार में पुरस्कार पाने वाले प्रदेश के शीर्ष शहरों के सभी सफाईकर्मियों को यह पुरस्कार समर्पित करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की थी, वर्तमान सरकार को भी यह निर्णय लेना चाहिए।

दिग्विजय की राह पर चल पड़े गोविंन्द सिंह


चंबल और सिंध नदी की करेंगे परिक्रमा
प्रदेष के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिश्ठ नेता डा गोविंद सिंह ने दिग्विजय सिंह की राह पकड़कर चंबल और सिंध नदी की परिक्रमा करने का फैसला लिया है। इस परिक्रमा में उनके साथ गांधीवादी पी राजगोपाल, कम्प्यूटर बाबा और जलपुरूश राजेन्द्र सिंह भी साथ रहेंगे।
राज्य मंे उपचुनाव के पहले भाजपा और कांग्रेस नेता सक्रिय हो गए है। भाजपा जहां लगातार वर्चुअल बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं के संपर्क में है, वहीं कांग्रेस नेता भी पीछे नहीं हट रहे हैं। वे भी किसी न किसी रूप में कार्यकर्ता और मतदाता के बीच पहुंचने का प्रयास कर रहे है। इसके चलते अब राज्य के पूर्व मंत्री डा गोविंद सिंह ने आज चंबल और सिंध नदी की परिक्रमा करने का फैसला लिया और इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उनकी इस परिक्रमा में उनके साथ गांधीवादी पी राजगोपाल, कम्प्यूटर बाबा और जलपुरूश राजेन्द्र सिंह भी साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि उपचुनाव से पहले कांग्रेस नेता, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अवैध खनन के खिलाफ चंबल और सिंध नदी की परिक्रमा करेंगे। उन्होंने नदी की परिक्रमा को चुनावी परिक्रमा मानने से इंकार किया है। गोविंद सिंह ने कहा कि इसका उपचुनाव से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रहे उत्खनन को लेकर वे यह परिक्रमा करेंगे।  गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले 2018 के चुनाव से पहले दिग्विजय सिंह भी नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं।
10 हजार कार्यकर्ता ही नहीं तो किसे कराएंगे भाजपा में षामिल
पूर्व मंत्री डा गोविंद सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर चंबल अंचल के दौरे के दौरान भाजपा में 10 हजार कार्यकर्ताओं के ष्षामिल कराए जाने के भाजपा के बयान पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब अंचल में 10 हजार कार्यकर्ता ही नहीं हैं, तो वे किसे सदस्यता दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह दावा झूठा है।