प्रदेष में होने वाले 27 विधानसभा सीटों की तैयारी में जुटी भाजपा ने फिर से नाराज चल रहे क्षेत्रीय नेताओं की मान मनौव्वल का काम तेज कर दिया है। इन नेताओं से संगठन पदाधिकारी सीधे तौर पर बात कर रहे हैं वहीं क्षेत्रीय प्रभारियों को एक बार फिर से बूथ स्तर पर जमावट के लिए सक्रिय किया गया है।
प्रदेष में उपचुनाव को देखते हुए भाजपा में जिस तरह से नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई है,उसे भाजपा ने फिर से गंभीरता से लिया है। खासकर ग्वालियर चंबल अंचल की 16 सीटों पर भाजपा का पूरा फोकस है। इन सभी सीटों पर भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना भी करना पड़ा था। इसे देखते हुए अब नई रणनीति के तहत भाजपा की टीम मैदान में उतरी है। भाजपा ने पहले तो नाराज चल रहे नेताओं की मान मनौव्वल ष्षुरू कर दी है। इसके लिए संगठन पदाधिकारियों के अलावा प्रदेष अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा और प्रदेष संगठन महामंत्री सुहास भगत स्वयं चर्चा कर रहे हैं। वहीं भाजपा ने क्षेत्र के नेताओं को नाराज चल रहे नेताओं से सीधे संपर्क में रहकर उनसे लगातार वार्तालाप करने को भी कहा है।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क में रहने के लिए पदाधिकारियों ने एक बार फिर वर्चुअल बैठकें ष्षुरू कर दी है। वर्चुअल बैठकें पहले भी हो चुकी हैं, अब फिर से यह सिलसिला शुरू हुआ है। वहीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों को फिर से संगठन ने बूथ स्तर पर जमावट करने को कहा है। ये प्रभारी अब फिर से सीधे तौर से कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहेंगे और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने मतदाता तक पहुंचेंगे।
योजनाओं और राम मंदिर षिलान्यास को भुनाएगी भाजपा
भाजपा ने उपचुनाव में राम मंदिर षिलान्यास के मुददे को भुनाने की रणनीति तय की है। इसके अलावा क्षेत्रीय विकास की योजनाओं पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा तीन तलाक, जम्मूकश्मीर से धारा 370 हटाने और सरकारी नौकरियों में मध्यप्रदेष के युवाओं को शत- प्रतिशत आरक्षण को भुनाया जाएगा। वहीं हाल ही में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर घोशित किए गए चंबल प्रोग्रेस वे को भी चुनाव का मुददा बनाया जाएगा।
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