शनिवार, 8 अगस्त 2020

नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले बुनियादी सुधार जरूरी


पूर्व मंत्री अजय विष्नोई ने मुख्यमंत्री षिवराज को लिखा पत्र

मध्यप्रदेष के पूर्व मंत्री अजय विष्नोई ने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करने के पहले बुनियाद सुधार किया जाए।
लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे पूर्व मंत्री अजय विष्नोई ने नई ष्षिक्षा नीति लागू करने के पहले सुधार की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेष में काबिल शिक्षक नहीं है स्कूलों में भी बुनियादी जरूरतों का अभाव है। उन्होंने इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को भी पत्र लिखा हैए जिसमें एक सलाह दी गई है कि हर गांव में स्कूल खोलने की बजाए 10 किलोमीटर पर एक ऐसा स्कूल खोला जाएए जिसमें स्मार्ट क्लासए सभी विषयों के शिक्षकए खेलकूद की पूरी व्यवस्था और 10 किलोमीटर के रेडियस में आने वाले बच्चों को लाने की सुविधा की जाए। इससे शिक्षकों द्वारा स्कूलों में गुणवत्ता की पढ़ाई करवाई जा सकेगी। विश्नोई भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैंए इसके बाद भी उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ सच्चाई बयान करने की कोशिश की है। उन्होंने जिस मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार का ध्यान खींचा है वो जरूरी मुद्दा है। इस पर राज्य और केंद्र को विचार करना चाहिए और शिक्षा नीति में कुछ बुनियादी बदलाव करने चाहिए। वैसे विष्नोई लंबे समय से नाराज चल रहे हैं। इसके पूर्व भी उन्होंने सत्ता और संगठन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है।
प्रधानमंत्री को भी लिखा पत्र
पूर्व मंत्री अजय विष्नाई ने केवल मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान को ही पत्र लिखा होए ऐसा नहीं है। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखा है। विष्नोई ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार को टेक्स्ट बुक के लिए एक रेगुलेटरी कमिशन बनाना चाहिए जो स्कूलों में चलने वाली टेक्स्ट बुक को जांचने के बाद इस बात की अनुमति दें कि ये पुस्तक पढ़ाई जा सकती है या नहीं। विश्नोई का आरोप है कि अभी स्कूलों में खास तौर पर सीबीएसई के स्कूलों में जो पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैंए उनके कंटेंट पर कोई काम नहीं किया जाता और स्कूल अपने मन से पुस्तकें लागू कर देते हैं।

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