पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेष में लगातार बारिष के चलते कई स्थानों पर बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा कर कहा कि संकट की इस घड़ी में लोगों के साथ पूरा प्रदेष खड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में अभी भी खतरा बना हुआ है, वहां विशेष चैकसी बरती जाए। पानी वाले पर्यटन स्थलों पर आवाजाही पर रोक लगाई जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर बताया कि उन्होंने आज मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अतिवर्षा का दौर जारी है। प्रदेश के 12 से अधिक जिले व 400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है। नदियां उफान पर है। बाढ़ ने प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित किया है। लोगों का भारी नुकसान हुआ है। मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से इस पर चर्चा कर चिंता व्यक्त की है।
पूर्व मुख्यंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों के रहने , खाने- पीने की समुचित व्यवस्था की जाए। पूरा प्रदेश , हम सभी , संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़े है। जिन इलाकों में अभी भी खतरा बना हुआ है, वहां विशेष चैकसी बरती जाए। पानी वाले पर्यटन स्थलों पर आवाजाही पर रोक लगाई जाए। वहां भी सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश भर के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूं कि संकट की इस घड़ी में वे प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी से जुट जाएं। प्रशासन की टीम के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों में मदद करे। प्रभावित लोगों के रहने , खाने- पीने की मदद करे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें