बूथ स्तर पर पन्ना प्रभारी को सौंपी जा रही जिम्मेदारी
मध्यप्रदेष कांग्रेस द्वारा राज्य में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा को उसकी ही रणनीति के तहत मात देने की योजना पर काम कर रही है। कांग्रेस उपचुनाव में बूथ स्तर पर पन्ना प्रभारी बनाकर कार्यकर्ता को मतदाता को मतदान केन्द्र तक लाने और कांग्रेस के पक्ष में करने की जिम्मेदारी सौंप रही है।
मध्यप्रदेष कांग्रेस ने उपचुनाव को लेकर सक्रियता दिखानी ष्षुरू कर दी है। हर विधानसभा क्षेत्र में जहां उपचुनाव होने हैं, वहां पर कांग्रेस द्वारा बूथ स्तर पर पन्ना प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। मतदाता सूची का एक पन्ना इस प्रभारी को सौंपा जाएगा। इस तरह से कांग्रेस द्वारा एक बूथ पर 25 पन्ना प्रभारी बनाए जाने की रणनीति है। कांग्रेस पदाधिकारियों का मानना है कि एक विधानसभा क्षेत्र में 250 से 300 बूथ होते हैं, जबकि एक बूथ पर 800 से लेकर 1000 मतदाता होते हैं। मतदाता सूची के एक पन्ने पर 50 मतदाता होते हैं। कांग्रेस ने मतदाता सूची के एक पन्ने की जिम्मेदारी कहीं एक तो कहीं दो कार्यकर्ताओं को सौंपी है। पन्ना प्रभारी मतदाता को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित तो करेगा, साथ ही मतदान के लिए मतदान केन्द्र तक मतदाता पहुंचे इस बात का भी ध्यान वह रखेगा। इसके अलावा मतदाता सूची में किसी तरह की कोई गड़बड़ी तो नहीं है, अगर है तो उसकी षिकायत करने का दायित्व भी पन्ना प्रभारी को सौंपा गया है।
भाजपा ने ष्षुरू किया था पेज प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी सौंपने का काम
मध्यप्रदेष भाजपा ने प्रदेष संगठन महामंत्री अरविंद मेनन के कार्यकाल में यह पन्ना प्रभारी बनाकर मतदाता सूची की जिम्मेदारी कार्यकर्ता को सौंपने का काम ष्षुरू किया था। इस पूरे कार्य की रणनीति अमितष्षाह ने अपने टीम के साथ बनाई थी। इसके आधार पर जब मध्यप्रदेष में भाजपा को विजय मिली थी तो यह फार्मूला भाजपा ने अन्य राज्यों और फिर लोकसभा चुनाव में भी अपनाया था और सफलता पाई थी। अब भाजपा के इस फार्मूले पर कांग्रेस उपचुनाव में मैदान में उतर रही है, उसे उम्मीद है कि वह इसमें सफल रहेगी।
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